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राजकोट में 6 साल की बच्ची के साथ हैवानियत, 100 लोगों से पूछताछ के बाद ऐसे पकड़ा गया 1 दरिंदा

गुजरात (Gujarat) के राजकोट जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया है। जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप जाए। राजकोट के आटकोट (Atkot) में एक 6 साल की मासूम बच्ची के साथ जिस तरह की दरिंदगी की गई, उसने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है।

इस राजकोट आटकोट रेप केस (Rajkot Atkot Rape Case) में पुलिस ने अपनी तत्परता दिखाते हुए 100 से ज्यादा लोगों से पूछताछ करने के बाद मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हम आपको इस घटना की पूरी डिटेल्स, पुलिस की कार्यवाही और आरोपी की सच्चाई बताएंगे।

क्या है पूरा मामला? (The Incident Details)

यह दिल दहला देने वाली घटना 4 दिसंबर, 2025 की है। राजकोट जिले के जसदण तालुका के अंतर्गत आने वाले आटकोट (Atkot) गांव के पास एक खेत में कुछ मजदूर काम कर रहे थे।

यहाँ एक खेतिहर मजदूर परिवार अपनी 6 साल की बच्ची के साथ रहता था। माता-पिता खेत में काम करने में व्यस्त थे और बच्ची पास ही खेल रही थी। उसी दौरान, पास के खेत में काम करने वाले एक शख्स की नजर उस मासूम पर पड़ी। उसने बच्ची को अकेला पाकर उसे बहला-फुसला कर अगवा कर लिया और सुनसान जगह पर ले गया।

राजकोट

2. हैवानियत की हदें पार: रेप में असफल होने पर दी भयानक सजा

इस घटना का सबसे खौफनाक पहलू वह हैवानियत है जो आरोपी ने उस नन्हीं जान के साथ की। पुलिस रिपोर्ट और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म (Rape) करने की कोशिश की।

जब वह अपने नापाक इरादों में कामयाब नहीं हो पाया और बच्ची ने रोना-चिल्लाना शुरू कर दिया, तो आरोपी गुस्से में पागल हो गया। उसने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्ची के प्राइवेट पार्ट में लोहे की रॉड (Iron Rod) डाल दी। इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देकर वह मौके से फरार हो गया, और बच्ची को उसी तड़पती हालत में छोड़ गया।

पुलिस के लिए चुनौती और 100 लोगों से पूछताछ

घटना की जानकारी मिलते ही राजकोट ग्रामीण पुलिस (Rajkot Rural Police) हरकत में आई। मामला बेहद संवेदनशील था और आरोपी का कोई सुराग नहीं था। चूंकि घटना खेत के इलाके में हुई थी, इसलिए वहां कोई CCTV कैमरा या चश्मदीद गवाह मौजूद नहीं था।

शिनाख्त परेड: मासूम ने दर्द में भी पहचाना अपना गुनहगार

जब पुलिस को कुछ संदिग्धों पर शक हुआ, तो उन्होंने शिनाख्त परेड (Identification Parade) का आयोजन किया। अस्पताल में भर्ती पीड़ित बच्ची, जो असहनीय दर्द से गुजर रही थी, ने हिम्मत दिखाई।

पुलिस संदिग्धों को लेकर आई और बच्ची ने तुरंत उस दरिंदे को पहचान लिया जिसने उसकी यह हालत की थी। बच्ची के इशारे के बाद पुलिस ने आरोपी को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि इस राजकोट आटकोट केस में केवल यही एक व्यक्ति शामिल था।

कौन है वह दरिंदा? (Who is the Accused?)

6. बच्ची की हालत अब कैसी है? (Current Health Status)

इस घटना के बाद बच्ची को गंभीर हालत में राजकोट के जनाना अस्पताल (Janana Hospital) में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने तुरंत उसकी सर्जरी की।

राहत की बात यह है कि सर्जरी सफल रही और बच्ची की हालत अब स्थिर (Stable) बताई जा रही है, हालांकि वह अभी भी गहरे सदमे में है। डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत पर लगातार नजर बनाए हुए है।

हमें क्या सीखने की जरूरत है?

राजकोट आटकोट की यह घटना हमें याद दिलाती है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमें कितना सतर्क रहने की जरूरत है, चाहे हम शहर में हों या गांव में। आरोपी रामसिंह जैसे लोगों के लिए कानून में सख्त से सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए ताकि भविष्य में कोई ऐसी जुर्रत न कर सके।

राजकोट पुलिस की सराहना करनी होगी कि उन्होंने 100 लोगों की जांच जैसी जटिल प्रक्रिया के बाद भी असली मुजरिम को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। हम उम्मीद करते हैं कि पीड़ित बच्ची को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा।

अगर आपको यह रिपोर्ट जानकारीपूर्ण लगी हो, तो इसे शेयर जरूर करें ताकि समाज में जागरूकता फैले। अपने विचार हमें कमेंट बॉक्स में बताएं।

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