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Kabul Hospital Air Strike: पाकिस्तान की कायराना हरकत पर भारत ने जताई कड़ी आपत्ति

भारत सरकार ने अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए भीषण हवाई हमले के लिए पाकिस्तान की तीखी आलोचना की है। भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस घटना को “बर्बर” और “अकल्पनीय हिंसा” का कृत्य करार दिया है। इस हमले में निर्दोष मरीजों और नागरिकों को निशाना बनाए जाने पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है, जिससे दक्षिण एशिया में तनाव चरम पर पहुँच गया है।

काबुल अस्पताल हमला: मौत का भयावह मंजर

16 मार्च 2026 की रात, काबुल का ‘ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट सेंटर’ (Omid Addiction Treatment Hospital) एक श्मशान में तब्दील हो गया। अफगान तालिबान सरकार के दावों के अनुसार, पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा किए गए इस हमले में 400 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जिनमें बड़ी संख्या में अस्पताल में उपचाराधीन मरीज और स्वास्थ्य कर्मी शामिल थे। 2000 बिस्तरों वाला यह केंद्र न केवल अफगानिस्तान बल्कि इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान था। चश्मदीदों के मुताबिक, रमजान के पवित्र महीने में रात के समय हुए इस धमाके ने अस्पताल की इमारतों को खंडहर में बदल दिया।

Kabul Hospital Air Strike

भारत का कड़ा रुख और वैश्विक संदेश

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायस्वाल ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि किसी भी सैन्य लक्ष्य को साधने के बहाने अस्पताल जैसी नागरिक सुविधाओं पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन है। भारत ने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के नाम पर निर्दोषों का कत्लेआम स्वीकार्य नहीं है। भारत का यह कड़ा रुख दर्शाता है कि वह अफगानिस्तान की संप्रभुता के सम्मान और क्षेत्रीय स्थिरता के पक्ष में मजबूती से खड़ा है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस “नरसंहार” के दोषियों को जवाबदेह ठहराने की अपील की है।

पाकिस्तान का बचाव और अफगानिस्तान की जवाबी धमकी

दूसरी ओर, पाकिस्तान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। इस्लामाबाद का दावा है कि उनके हवाई हमले केवल आतंकी ठिकानों (TTP के अड्डों) तक सीमित थे। हालांकि, अस्पताल की तबाही की तस्वीरों ने पाकिस्तान के इन दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। तालिबान प्रशासन के प्रवक्ता सुहैल शाहीन ने कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि “पाकिस्तान को उसकी ही भाषा में जवाब दिया जाएगा।” इस घटना ने डूरंड रेखा पर पहले से ही जारी तनाव को अब सीधे युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभाव और आगामी चुनौतियां

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह कदम उसकी आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता से ध्यान भटकाने की एक कोशिश हो सकती है। हालांकि, भारत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए अफगानिस्तान के प्रति संवेदना व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस कठिन समय में अफगान लोगों के साथ खड़ा है। यह घटना न केवल भारत-पाक संबंधों को प्रभावित करेगी, बल्कि पूरे मध्य और दक्षिण एशिया के सुरक्षा ढांचे को हिला कर रख सकती है। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र में भी इस मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरे जाने की संभावना है।

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