Apni Vani

बिहार में 26 जनवरी से जमीन मापी का मेगा अभियान : विवादित-अविवादित प्लॉट्स की 14 दिनों में ऑनलाइन रिपोर्ट, राजस्व विभाग की बड़ी पहल

बिहार में 26 जनवरी से जमीन मापी का मेगा अभियान : बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने गणतंत्र दिवस से ठीक पहले एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। 26 जनवरी 2026 से राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू होगा, जिसमें विवादित और अविवादित दोनों जमीनों की मापी की जाएगी। यह कार्य 14 दिनों के अंदर पूरा कर रिपोर्ट ऑनलाइन जारी की जाएगी। यह कदम भूमि विवादों को कम करने और पारदर्शी राजस्व प्रणाली सुनिश्चित करने की दिशा में बहुत अच्छा साबित होगा।

अभियान का उद्देश्य: भूमि विवादों पर लगाम

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अनुसार, यह अभियान बिहार के हर जिले में एक साथ चलेगा। विवादित जमीनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, जहां मालिकाना हक को लेकर लंबे समय से झगड़े चल रहे हैं। अविवादित प्लॉट्स की मापी से रिकॉर्ड को अपडेट किया जाएगा, ताकि भविष्य में कोई असमंजस न रहे। विभाग के सचिव ने कहा, “यह अभियान डिजिटल इंडिया के अनुरूप है। सभी रिपोर्टें ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध होंगी, जिससे आम लोग घर बैठे जांच सकेंगे।”

जमीन मापी

अभियान की समयसीमा सख्त है—मापी का काम शुरू होते ही 14 दिनों में रिपोर्ट अपलोड हो जाएगी। इससे न केवल समय बचेगा, बल्कि भ्रष्टाचार की गुंजाइश भी कम होगी। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर जैसे जिलों में पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद इसे पूरे राज्य में विस्तार दिया जा रहा है।

कैसे होगा अभियान ?

विभाग ने 5000 से अधिक कर्मचारियों की टीमें तैयार की हैं। ड्रोन और सैटेलाइट इमेजरी से मापी की सटीकता बढ़ेगी।

जनता को लाभ:

किसान और भूमि मालिकों में उत्साह है। एक पटना के किसान ने बताया, “लंबे समय से जमीन विवाद में फंसे हैं। यह अभियान राहत देगा।” विशेषज्ञों का कहना है कि इससे कोर्ट केस 30% कम हो सकते हैं। सरकार ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है, जहां लोग अपनी जमीन की स्थिति चेक कर सकेंगे।

यह अभियान बिहार में भूमि सुधार की नई क्रांति लाएगा और क्या यह विवादों को हमेशा के लिए खत्म कर पाएगा? आप कमेंट्स में बता सकते है|

Also Read :

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर: Farmer ID बनवाने का आखिरी मौका आज, जानें क्यों है यह जरूरी

बिहार सुपौल हादसा: घर में टीवी देख रही लड़की को गोली, UD केस हत्या बना

Exit mobile version