दिल्ली के जनकपुरी इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया है। 25 वर्षीय युवक कमल ढयानी की गुरुवार रात को एक खुले गड्ढे में गिरने से मौत हो गई। यह हादसा दिल्ली जल बोर्ड (DJB) के सीवेज कार्य से जुड़े 15 फीट गहरे गड्ढे में हुआ, जहां न बैरिकेडिंग थी न ही कोई चेतावनी। कमल एक निजी बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे और ऑफिस से घर लौटते समय जोगिंदर सिंह मार्ग पर उनकी मोटरसाइकिल गड्ढे में समा गई। अंधेरे में गड्ढा नजर न आने से यह tragady हो गई, जो सिस्टम की घोर लापरवाही को उजागर करती है।
घटना का पूरा विवरण: कैसे हुई युवक की मौत?
5 फरवरी 2026 की रात करीब 10 बजे कमल ढयानी अपनी मोटरसाइकिल पर घर जा रहे थे। जनकपुरी के व्यस्त जोगिंदर सिंह मार्ग पर DJB ने सीवेज लाइन बिछाने के लिए गड्ढा खोदा था, लेकिन सुरक्षा के नाम पर कुछ नहीं किया गया। न तो रिफ्लेक्टिव टेप, न लाइट्स और न ही बोर्ड लगाए गए थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, गड्ढा कई दिनों से खुला पड़ा था, फिर भी प्रशासन सोता रहा। कमल गड्ढे में गिरे तो उनकी चीखें तक नहीं सुनी गईं। अगले दिन शुक्रवार सुबह 8 बजे एक राहगीर ने मोटरसाइकिल और शव देखा, तब जाकर पुलिस हरकत में आई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डूबने और चोटों से मौत की पुष्टि हुई। यह घटना न सिर्फ परिवार का दुख बढ़ा रही है, बल्कि पूरे इलाके में दहशत फैला रही है।

परिजनों का दर्द: रात भर पुलिस के चक्कर, कोई मदद नहीं
कमल के घर न पहुंचने पर परिजनों ने पूरी रात उनकी तलाश की। दिल्ली के 6 पुलिस स्टेशनों के चक्कर लगाए, लेकिन कहीं कोई सुराग नहीं मिला। मां-पिता रोते बिलखते रहे, बहन ने बताया, “भाई रोज इसी रास्ते से आता था, आज सिस्टम ने उसे मार डाला।” शव मिलने के बाद भी पुलिस की सुस्ती पर सवाल उठे। परिजन अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं और DJB के खिलाफ FIR की मांग कर रहे। यह केस सिस्टम की असंवेदनशीलता को镜 में दिखाता है, जहां आम आदमी की जान की कीमत शून्य है।
सिस्टम की विफलता: दिल्ली सरकार का सस्पेंशन और जांच
हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने त्वरित कार्रवाई की। तीन DJB अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया और उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई। लेकिन स्थानीय निवासियों का कहना है कि जनकपुरी में महीनों से सड़कें टूटी पड़ी हैं। कई गड्ढे खुले हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे। विशेषज्ञों के अनुसार, नगर निगम और DJB के बीच समन्वय की कमी से ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। हाल ही नोएडा में समान हादसे ने भी सवाल खड़े किए थे। सरकार को अब सख्त सुरक्षा नियम लागू करने होंगे, वरना और जानें जा सकती हैं।
राजनीतिक रंग: AAP का BJP पर हमला, सोशल मीडिया पर बवाल
सोशल मीडिया पर वायरल फोटो ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। AAP नेताओं ने “भाजपा सरकार” को निशाना बनाया। विपक्ष का तर्क है कि केंद्र की BJP नीतियां जिम्मेदार हैं। BJP ने पलटवार किया कि स्थानीय प्रशासन की लापरवाही है। यह घटना दिल्ली विधानसभा चुनावों से पहले सिस्टम पर सवाल उठा रही है। जनता गुस्से में है, #जनकपुरीगड्ढाहादसा ट्रेंड कर रहा।
सड़कों पर खतरा बरकरार
इलाके के लोग कहते हैं, “हर गली में गड्ढे हैं, बच्चे-बुजुर्ग खतरे में।” जनकपुरी जैसे पॉश इलाके में भी बेसिक सुविधाएं नहीं। निवासी संगठन ने मेयर को पत्र लिखा है। अगर समय रहते सुधार न हुए तो बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। यह हादसा पूरे दिल्ली के लिए है।
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