यूपी के बागपत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां दिल्ली की एक महिला ने यूपी पुलिस के एक सिपाही को अपने प्यार और शादी के जाल में फंसाकर न केवल लाखों रुपये ऐंठ लिए, बल्कि उसे धर्म परिवर्तन के लिए भी मजबूर किया। बागपत पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

प्यार, ब्लैकमेल और हनीट्रैप का खतरनाक खेल
यह पूरा मामला 2021 में शुरू हुआ था, जब गाजियाबाद में तैनात यूपी पुलिस के कांस्टेबल श्रीकांत का संपर्क दिल्ली की रहने वाली 30 वर्षीय हिना (नाम परिवर्तित या वास्तविक संदर्भ के अनुसार) से हुआ। पुलिस की जांच में सामने आया है कि महिला ने पहले सिपाही के साथ जान-पहचान बढ़ाई और फिर उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। आरोप है कि महिला ने सिपाही पर दबाव बनाने के लिए उसके खिलाफ बलात्कार (Rape Case) का झूठा मुकदमा दर्ज कराया। इसी मुकदमे से बचाने और शादी करने का लालच देकर उसने सिपाही से पैसे वसूलने शुरू किए।
17 लाख की उगाही और इस्लाम कबूल करने का दबाव
सिपाही ने अपनी शिकायत में बताया कि महिला ने उसे झांसा दिया कि वह अपने पति को छोड़ देगी और उससे निकाह कर लेगी। लेकिन इसके लिए उसने एक शर्त रखी—धर्म परिवर्तन। डरा हुआ और मुकदमे में फंसा सिपाही महिला की बातों में आ गया। उसने न केवल इस्लाम धर्म स्वीकार किया बल्कि महिला के साथ कई धार्मिक सभाओं में भी हिस्सा लिया। इस दौरान आरोपी महिला ने अलग-अलग मौकों पर सिपाही से करीब 17 लाख रुपये (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 27 लाख) की मोटी रकम वसूल ली।
मौलवी समेत 5 लोगों पर FIR, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
जब सिपाही की आर्थिक स्थिति खराब हो गई और महिला ने फिर भी शादी नहीं की, तब उसे अपने साथ हुए धोखे का एहसास हुआ। सिपाही ने हिम्मत जुटाकर बागपत के खेकड़ा थाने में शिकायत दर्ज कराई। बागपत पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश अवैध धर्मांतरण निषेध अधिनियम (UP Anti-Conversion Law) और जबरन वसूली की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस FIR में महिला के पति और एक मौलवी समेत कुल 5 लोगों को नामजद किया गया है।
जांच और वर्तमान स्थिति
सर्किल ऑफिसर (CO) रोहन चौरसिया ने बताया कि मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब फरार आरोपियों और उस मौलवी की तलाश कर रही है जिसने कथित तौर पर यह धर्मांतरण कराया था। यह मामला पुलिस विभाग में भी चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे कानून का रखवाला ही एक संगठित गिरोह के हनीट्रैप का शिकार हो गया।
यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि कैसे डिजिटल युग में ‘हनीट्रैप’ और ‘धार्मिक कट्टरता’ का सहारा लेकर लोगों का शोषण किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार के सख्त धर्मांतरण कानून के तहत अब दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की उम्मीद है।
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