Apni Vani

उत्तर प्रदेश में कृषि मशीनीकरण को पंख: SMAM योजना के तहत कृषि यंत्रों और ड्रोनों पर भारी सब्सिडी, आवेदन की तिथि बढ़ी

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को आधुनिक खेती से जोड़ने और उनकी आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ ‘सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन’ (SMAM) योजना के तहत एक बड़ा अवसर प्रदान किया है। इस योजना के माध्यम से किसान कृषि यंत्रों, हाई-टेक ड्रोनों और फसल अवशेष प्रबंधन (इन-सिटू मैनेजमेंट) उपकरणों पर 50% तक की भारी सब्सिडी का लाभ उठा सकते हैं। हाल ही में तकनीकी कारणों और किसानों की भारी मांग को देखते हुए आवेदन की अंतिम तिथि को भी आगे बढ़ाया गया है।

उत्तर प्रदेश

योजना का मुख्य आकर्षण: सब्सिडी का गणित

इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न श्रेणियों में आर्थिक सहायता दी जा रही है:

व्यक्तिगत कृषि यंत्र: रोटावेटर, कल्टीवेटर, सीड ड्रिल और पावर टिलर जैसे उपकरणों पर लागत का 40% से 50% तक अनुदान दिया जा रहा है।

फसल अवशेष प्रबंधन: पराली जलाने की समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, मल्चर और रीपर जैसे यंत्रों पर विशेष जोर दे रही है।

कृषि ड्रोन: कीटनाशकों के सटीक छिड़काव और खेतों की निगरानी के लिए ड्रोनों की खरीद पर भी भारी छूट उपलब्ध है।

कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC): जो किसान या समूह खुद का ‘फार्म मशीनरी बैंक’ खोलना चाहते हैं, उन्हें केंद्र स्थापना के लिए 40% से 80% तक की सब्सिडी का प्रावधान है।

महत्वपूर्ण तिथियां और टोकन प्रक्रिया

आवेदन की प्रक्रिया 8 जनवरी 2026 से शुरू हुई थी। किसानों की सुविधा के लिए अब पोर्टल को अतिरिक्त समय के लिए खोला गया है, जिससे जो किसान छूट गए थे, वे अपना आवेदन पूरा कर सकें।

टोकन मनी: 1 लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी वाले बड़े यंत्रों के लिए किसानों को 5,000 रुपये की टोकन राशि ऑनलाइन जमा करनी होगी। छोटे यंत्रों के लिए यह राशि कम रखी गई है। चयन न होने की स्थिति में यह राशि वापस कर दी जाती है।

आवेदन कैसे करें? (स्टेप-बाय-स्टेप)

इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल https://agridarshan.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं:

पंजीकरण: पोर्टल पर किसान का पंजीकरण (Registration) अनिवार्य है।

यंत्र चयन: अपनी जरूरत के अनुसार यंत्र का चुनाव करें।

बुकिंग: ‘यंत्र पर अनुदान हेतु टोकन निकालें’ लिंक पर क्लिक करके बुकिंग करें।

• पारदर्शिता: लाभार्थियों का चयन पूरी तरह से ‘ई-लॉटरी’ के माध्यम से किया जाएगा, जिससे पक्षपात की कोई गुंजाइश न रहे।

किसानों के लिए लाभ

इस योजना का सबसे अधिक लाभ लघु और सीमांत किसानों को मिलेगा। मशीनीकरण से न केवल श्रम की लागत कम होगी, बल्कि खेती के कार्यों में लगने वाले समय की भी बचत होगी। विशेष रूप से मक्का सुखाने के लिए बैच ड्रायर और खाद प्रबंधन के यंत्रों को भी इस बार शामिल किया गया है, जो यूपी के कृषि परिदृश्य को

बदलने में सहायक होंगे।

विभाग की सलाह: कृषि विभाग ने किसानों को

सलाह दी है कि वे अंतिम समय की तकनीकी भीड़ से बचने के लिए जल्द से जल्द पोर्टल पर अपना टोकन जेनरेट कर लें और निर्धारित समय के भीतर अपने बिल अपलोड करें।

Also Read:

बिहार बोर्ड परीक्षा 2026: 10वीं-12वीं की डेटशीट जारी, परीक्षा केंद्र जाने से पहले जरूर पढ़ें ये 5 बड़े नियम और जरूरी निर्देश

Mauni Amavasya 2026: आज ‘मौन’ रहकर मांगें 1 वरदान! प्रयागराज में उमड़ा आस्था का सैलाब, जानें 5 बड़े नियम जब ‘खामोशी’ सबसे बड़ी पूजा बन जाए

Exit mobile version