सीरिया का ऐतिहासिक शहर अलेप्पो एक बार फिर गोलियों की गड़गड़ाहट और बम धमाकों से दहल उठा है। सीरियाई सरकार (Syrian Transitional Government) और कुर्द नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (SDF) के बीच जारी इस ताजा संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को मानवीय संकट की दहलीज पर खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से जारी इस भीषण जंग की वजह से अलेप्पो के रिहायशी इलाकों में मौत का सन्नाटा पसरा है और हजारों परिवार अपना सब कुछ छोड़कर सुरक्षित ठिकानों की तलाश में पलायन कर रहे हैं।

अलेप्पो में तनाव का मुख्य कारण: क्यों भिड़ी
सेना और कुर्द लड़ाके?
सीरिया में पिछले कुछ वर्षों से जारी अस्थिरता के बीच अलेप्पो शहर हमेशा से एक रणनीतिक केंद्र रहा है। वर्तमान संघर्ष की शुरुआत 6 जनवरी 2026 को हुई, जब सीरियाई सेना और SDF के बीच अलेप्पो के कुर्द बहुल इलाकों—शेख मकसूद (Sheikh Maqsoud), अशरफिया (Ashrafiyeh) और बनी ज़ैद (Bani Zaid)—के नियंत्रण को लेकर विवाद बढ़ गया।
दरअसल, मार्च 2025 में हुए एक समझौते के तहत SDF को राष्ट्रीय सेना में विलय (Merge) होना था, लेकिन इस एकीकरण की प्रक्रिया धीमी होने और आपसी अविश्वास के कारण तनाव चरम पर पहुंच गया। सीरियाई सरकार ने कुर्दों से शहर खाली करने को कहा, जिसे SDF ने सिरे से खारिज कर दिया, और देखते ही देखते यह विवाद एक खूनी जंग में तब्दील हो गया।
मानवीय गलियारा: जान बचाने की जद्दोजहद
भीषण बमबारी और गोलाबारी के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीरियाई अधिकारियों ने अलेप्पो के विवादित क्षेत्रों से बाहर निकलने के लिए ह्यूमैनिटेरियन कॉरिडोर (मानवीय गलियारा) खोला है।
• पलायन का आंकड़ा: संयुक्त राष्ट्र (UN) और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अब तक 1,40,000 से अधिक लोग विस्थापित हो चुके हैं।
• सुरक्षित मार्ग: सरकारी बसों और निजी वाहनों के जरिए लोगों को शेख मकसूद से निकालकर आफरीन (Afrin) और पूर्वोत्तर सीरिया के सुरक्षित इलाकों में भेजा जा रहा है।
• अस्पतालों की स्थिति: भारी गोलाबारी की वजह से अलेप्पो का प्रमुख अस्पताल ‘अल-शाहिद खालिद फज्र’ (Al-Shahid Khalid Fajr) ठप हो गया है, जिससे घायलों के इलाज में भारी समस्या आ रही है।
मौत का आंकड़ा और जमीनी हकीकत
ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, 11 जनवरी 2026 तक इस संघर्ष में 22 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सीरियाई मानवाधिकार वेधशाला (SOHR) ने बताया कि शहर के कई हिस्सों में पानी और बिजली की सप्लाई पूरी तरह काट दी गई है, जिससे वहां फंसे लोग नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।
सैन्य ऑपरेशंस और रणनीतिक बदलाव
सीरियाई सेना ने शनिवार (10 जनवरी) को घोषणा की कि उन्होंने अशरफिया और बनी ज़ैद इलाकों पर पूरी तरह नियंत्रण कर लिया है। अब सेना का पूरा ध्यान शेख मकसूद पर है, जो कुर्दों का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है।
प्रमुख सैन्य घटनाक्रम:
• हवाई हमले और ड्रोन: सीरियाई वायुसेना ने कुर्द ठिकानों को निशाना बनाने के लिए आत्मघाती ड्रोनों का इस्तेमाल किया है।
• आत्मघाती विस्फोट: शेख मकसूद में घेराबंदी के दौरान दो कुर्द लड़ाकों द्वारा खुद को उड़ा लेने की खबरें भी सामने आई हैं।
• युद्धविराम की कोशिशें: हालांकि सरकार ने शनिवार को दोपहर 3 बजे से सैन्य ऑपरेशंस रोकने का ऐलान किया है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी भी छिटपुट फायरिंग जारी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: दुनिया की नजरें अलेप्पो पर
अलेप्पो की स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने गहरी चिंता जताई है। अमेरिका के विशेष दूत टॉम बैरक ने जॉर्डन के विदेश मंत्री के साथ चर्चा की है ताकि एक स्थायी युद्धविराम सुनिश्चित किया जा सके। तुर्की, जो कुर्दों को अपने लिए खतरा मानता है, भी इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जिससे इस संघर्ष के क्षेत्रीय युद्ध में बदलने का खतरा मंडरा रहा है।
क्या अलेप्पो फिर से खंडहर बनेगा?
अलेप्पो ने 2011 से चल रहे गृहयुद्ध में पहले ही बहुत कुछ खोया है। ऐतिहासिक इमारतों से लेकर व्यापारिक केंद्रों तक, सब कुछ तबाह हो चुका था। अब जब शहर फिर से खड़ा होने की कोशिश कर रहा था, इस नए संघर्ष ने विकास की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से अधिकतम संयम बरतने की अपील की है।
क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सीरिया में शांति बहाली के लिए और कड़े कदम उठाने चाहिए, या यह सीरिया का आंतरिक मामला है जिसे उन्हें खुद सुलझाना चाहिए? अपनी राय हमें कमेंट में जरूर बताएं।
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