29 मार्च 2026 भारतीय सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी उथल-पुथल के बीच निवेशकों और आम उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। देश के तमाम छोटे-बड़े बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार में हो रहे बदलावों और घरेलू मांग में आई अचानक कमी के चलते सोने के भाव कुछ सौ रुपये प्रति 10 ग्राम तक टूट गए हैं। इस गिरावट ने जहां एक ओर शादी-ब्याह की तैयारी कर रहे परिवारों को राहत दी है, वहीं दूसरी ओर सोने को सुरक्षित निवेश मानने वाले निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
सर्राफा बाजार में भारी गिरावट: जानें क्या है आज का ताजा भाव
मार्च 2026 के इस आखिरी हफ्ते में सोने की चमक फीकी पड़ती दिख रही है। दिल्ली, मुंबई से लेकर पटना और लखनऊ तक के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव जो पिछले दिनों रिकॉर्ड स्तर पर था, अब उसमें प्रति 10 ग्राम कुछ सौ रुपयों की कमी आई है। बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण पीली धातु पर दबाव बढ़ा है, जिसका सीधा असर भारतीय खुदरा बाजार पर देखने को मिल रहा है।
चांदी की कीमतों में भी बड़ी सेंध, औद्योगिक मांग में कमी का असर
सिर्फ सोना ही नहीं, बल्कि चांदी की चमक भी इस सप्ताह काफी फीकी रही है। औद्योगिक क्षेत्र से मांग घटने और वैश्विक सप्लाई चेन में सुधार के चलते चांदी के दाम में भारी गिरावट देखी गई है। कई शहरों में चांदी के दाम प्रति किलो कई हजार रुपये तक नीचे आए हैं। राम नवमी और आने वाले अक्षय तृतीया के त्योहारों से ठीक पहले कीमतों में आई यह कमी मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए एक सुनहरे अवसर की तरह देखी जा रही है। ज्वेलर्स का मानना है कि यदि कीमतें इसी स्तर पर स्थिर रहीं, तो आने वाले दिनों में शोरूम्स पर ग्राहकों की भीड़ बढ़ सकती है।

आखिर क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?
बाजार विश्लेषकों ने इस गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारणों को जिम्मेदार ठहराया है। पहला कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों को लेकर चल रही अनिश्चितता है। दूसरा बड़ा कारण घरेलू स्तर पर वैवाहिक सीजन के एक छोटे अंतराल के कारण मांग में आई अस्थाई कमी है। इसके अलावा, ईरान-इजरायल जैसे भू-राजनीतिक तनावों में आई आंशिक स्थिरता ने भी सुरक्षित निवेश के रूप में सोने के आकर्षण को कम किया है। निवेशक अब सोने से पैसा निकालकर शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कीमतों में यह ‘करेक्शन’ देखने को मिल रहा है।
निवेशकों और आम ग्राहकों के लिए क्या है
विशेषज्ञों की सलाह?
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने की कीमतों में आई यह गिरावट बहुत लंबे समय तक नहीं टिकेगी। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो सोने ने हमेशा गिरावट के बाद लंबी छलांग लगाई है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जो लोग लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए खरीदारी का यह एक बेहतरीन मौका है। वहीं, जिन घरों में शादियां हैं, वे मौजूदा गिरावट का लाभ उठाकर गहनों की बुकिंग कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी बड़े निवेश से पहले स्थानीय बाजार के भाव और हॉलमार्किंग की शुद्धता की जांच अवश्य कर लें।
क्या आगे और सस्ता होगा सोना?
फिलहाल बाजार का रुख देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक कीमतें इसी दायरे में बनी रह सकती हैं। हालांकि, अप्रैल महीने में शुरू होने वाले नए लग्न और त्योहारों के सीजन में मांग दोबारा बढ़ने की पूरी संभावना है, जिससे भाव फिर से चढ़ सकते हैं। ऐसे में यदि आप सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो मौजूदा बाजार की स्थिति पर पैनी नजर रखना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
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