“जय श्री राम!” आज देश भर में इसी जयकारे की गूंज है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा को राम भक्त, संकटमोचन हनुमान जी का जन्मोत्सव बहुत ही धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस साल 2026 में, कैलेंडर और पंचांग के समय ने भक्तों को थोड़ा उलझा दिया है। हर किसी के मन में एक ही सवाल है कि आख़िर हनुमान जयंती आज (1 अप्रैल) है या कल (2 अप्रैल)?
सोशल मीडिया पर भी दोनों ही तारीखों के बधाई संदेश वायरल हो रहे हैं। ‘ApniVani’ के इस विशेष और भक्तिमय लेख में आज हम आपके इस सारे कन्फ्यूजन को हमेशा के लिए दूर कर देंगे। आइए एकदम आसान भाषा में पंचांग के गणित और ‘उदया तिथि’ के नियम से समझते हैं कि बजरंगबली की पूजा का सही दिन कौन सा है।
पूर्णिमा तिथि का गणित: 1 अप्रैल से 2 अप्रैल तक का सफर
हिंदू धर्म में कोई भी त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर की ‘तारीख’ (Date) से नहीं, बल्कि चंद्रमा की चाल और ‘तिथि’ (Tithi) से तय होता है।
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा की तिथि आज यानी 1 अप्रैल 2026 की सुबह 07:06 बजे से शुरू हो चुकी है। यह पूर्णिमा तिथि पूरी रात रहेगी और अगले दिन यानी 2 अप्रैल 2026 की सुबह 07:41 बजे तक समाप्त होगी। चूंकि तिथि दोनों दिन पड़ रही है, इसीलिए सारा कन्फ्यूजन पैदा हुआ है।
‘उदया तिथि’ का सनातन नियम: 2 अप्रैल ही क्यों है मुख्य दिन?
सनातन धर्म का सबसे बड़ा नियम है— ‘उदया तिथि’ (Udaya Tithi)। इसका मतलब है कि सूर्योदय (Sunrise) के समय जो तिथि मौजूद होती है, पूरे दिन उसी तिथि का प्रभाव माना जाता है और उसी दिन वो त्योहार मनाया जाता है।
- 1 अप्रैल: आज सूर्योदय सुबह करीब 6 बजे हुआ था, तब तक पूर्णिमा शुरू नहीं हुई थी (पूर्णिमा 7:06 बजे शुरू हुई)।
- 2 अप्रैल: कल जब सुबह सूर्योदय होगा, तब पूर्णिमा तिथि मौजूद होगी (क्योंकि यह 7:41 बजे तक है)।
उदया तिथि के अनुसार हनुमान जी का मुख्य जन्मोत्सव और मंदिरों में महाआरती कल (2 अप्रैल 2026, गुरुवार) को ही मनाई जाएगी!
तो 1 अप्रैल (आज) क्या करें? (व्रत और चंद्र दर्शन)
अब सवाल यह है कि अगर जन्मोत्सव कल है, तो आज 1 अप्रैल को क्या है?
पंचांग के जानकारों के अनुसार, चूंकि पूर्णिमा की असली रात (जब पूरा चांद आसमान में होगा) 1 अप्रैल को ही है, इसलिए चैत्र पूर्णिमा का उपवास (Fast) और सत्यनारायण भगवान की कथा आज 1 अप्रैल को ही की जाएगी। जो लोग पूर्णिमा का व्रत रखते हैं, वे आज व्रत रखकर रात में चंद्रमा को अर्घ्य देंगे। लेकिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने और मुख्य पूजा का काम 2 अप्रैल को ही सबसे शुभ रहेगा।
हनुमान जन्मोत्सव 2026 के सबसे अचूक शुभ मुहूर्त
अगर आप 2 अप्रैल (गुरुवार) को बजरंगबली की विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो पूजा के इन 4 सबसे शुभ मुहूर्तों (Muhurat) का ध्यान रखें:

- ब्रह्म मुहूर्त (Early Morning): सुबह 04:30 बजे से 05:15 बजे तक। (यह समय ध्यान और हनुमान चालीसा के पाठ के लिए सर्वोत्तम है)।
- प्रातः काल पूजा: सूर्योदय के बाद सुबह 06:15 बजे से लेकर 07:41 बजे तक (पूर्णिमा समाप्त होने से पहले)।
- अभिजीत मुहूर्त (दोपहर की पूजा): दोपहर 11:50 बजे से 12:40 बजे तक। इस समय चोला चढ़ाना और बूंदी के लड्डू का भोग लगाना सबसे शुभ माना जाता है।
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 बजे से 03:20 बजे तक। (शत्रुओं और संकटों पर विजय पाने के लिए इस समय सुंदरकांड का पाठ करें)।
- ध्यान दें: 2 अप्रैल को दोपहर 01:30 बजे से 03:00 बजे के बीच ‘राहुकाल’ रहेगा, इस दौरान कोई भी नई पूजा शुरू करने से बचें।
ApniVani की बात
हनुमान जी को कलयुग का साक्षात और सबसे जाग्रत देवता माना जाता है। वह अष्ट सिद्धि और नव निधि के दाता हैं। चाहे आप आज पूजा करें या कल, बजरंगबली सिर्फ आपकी सच्ची श्रद्धा और भक्ति के भूखे हैं। सच्चे मन से राम नाम का जाप करें, हनुमान जी आपकी हर पुकार ज़रूर सुनेंगे।
आपकी राय: आप हनुमान जन्मोत्सव की पूजा किस दिन कर रहे हैं? संकटमोचन हनुमान जी का कौन सा रूप (बाल हनुमान, पंचमुखी या राम भक्त) आपको सबसे ज्यादा प्रिय है? जय श्री राम के जयकारे के साथ अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर ज़रूर लिखें! आप सभी को हनुमान जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं!
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