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ICC ka Ultimatum: ‘भारत में खेलो या बाहर बैठो!’ बांग्लादेश को दिखाया आईना, जानें 3 कड़वे सच

आईना उन्हें दिखाया, जो खुद ‘आग’ में बैठे हैं क्रिकेट के मैदान पर हार-जीत चलती रहती है, लेकिन मैदान के बाहर जो ‘ड्रामा’ बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) कर रहा है, उसने अब ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के सब्र का बांध तोड़ दिया है।

मामला आगामी वर्ल्ड कप (2026 टी20 वर्ल्ड कप जो भारत और श्रीलंका में होना है) का है। बांग्लादेश ने भारत आने को लेकर ‘सुरक्षा’ का बहाना बनाया है। जी हाँ, आपने सही पढ़ा! वो देश, जहां पिछले कुछ महीनों में संसद भवन जला दिए गए, जहां खिलाड़ियों के घर सुरक्षित नहीं रहे, वो आज भारत की सुरक्षा पर सवाल उठा रहा है।

लेकिन इस बार ICC ने कोई ‘मीठी बात’ नहीं की। सूत्रों के मुताबिक, ICC ने बांग्लादेश को साफ शब्दों में अल्टीमेटम दे दिया है— “या तो चुपचाप भारत में आकर खेलो, या फिर टूर्नामेंट से बाहर बैठने की तैयारी कर लो।”

आखिर क्यों बांग्लादेश ने यह पैंतरा चला और कैसे ICC ने उनकी बोलती बंद की? आइए समझते हैं इस पूरे विवाद को।

ICC ka Ultimatum

बांग्लादेश का अजीब तर्क: ‘भारत सुरक्षित नहीं है’

सबसे पहले यह जान लीजिए कि बांग्लादेश ने कहा क्या है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने ICC से अनौपचारिक तौर पर कहा कि उनके खिलाड़ियों को भारत में ‘खतरा’ महसूस हो सकता है, इसलिए उनके मैच किसी न्यूट्रल वेन्यू (Neutral Venue) पर कराए जाएं।

यह वही “हाइब्रिड मॉडल” की मांग है जो पाकिस्तान अक्सर करता रहता है। बांग्लादेश को लगा कि अगर पाकिस्तान नखरे दिखा सकता है, तो हम क्यों नहीं? लेकिन वे यह भूल गए कि यह वर्ल्ड कप है, कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं।

दोगलेपन की हद: अपना घर जल रहा है, और इल्जाम पड़ोसी पर?

यहाँ सबसे बड़ा सवाल ‘नियत’ का है। इस खबर को सुनकर हर भारतीय क्रिकेट फैन को गुस्सा आना लाजमी है।

जरा पीछे मुड़कर देखिए—

जिस देश में खुद की जमीन पर क्रिकेट खेलना मुमकिन नहीं था, आज वही देश दुनिया के सबसे सुरक्षित और क्रिकेट-प्रेमी देश (भारत) पर उंगली उठा रहा है। इसे ‘उल्टा चोर कोतवाल को डांटे’ नहीं तो और क्या कहेंगे?

भारत ने हमेशा पड़ोसी धर्म निभाया है, लेकिन बांग्लादेश का यह रवैया उनकी ‘एहसान फरामोशी’ को दिखाता है।

ICC का कड़क जवाब: “नखरे नहीं चलेंगे”

इस बार ICC ने साफ कर दिया है कि अब बहुत हो गया। सूत्रों का कहना है कि जय शाह (जो अब ICC में प्रमुख भूमिका में हैं) और अन्य अधिकारियों ने बांग्लादेश की मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।

ICC ने स्पष्ट कर दिया है:

* No Hybrid Model: वर्ल्ड कप का आयोजन भारत में है, तो मैच भारत में ही होंगे। कोई दुबई या श्रीलंका का विकल्प नहीं मिलेगा।

* वीजा और सुरक्षा की गारंटी: भारत सरकार पहले ही हर टीम को ‘प्रेसिडेंशियल लेवल’ की सुरक्षा देती है। जब ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसी टीमें बिना डर के खेल सकती हैं, तो बांग्लादेश को क्या दिक्कत है?

* अंतिम चेतावनी: अगर बांग्लादेश टीम भेजने से मना करती है, तो ICC उनके स्थान पर किसी और टीम (Qualifiers) को मौका दे सकती है और बांग्लादेश पर भारी जुर्माना या प्रतिबंध भी लग सकता है।

पाकिस्तान की राह पर चलना पड़ेगा भारी

बांग्लादेश शायद अपने ‘दोस्त’ पाकिस्तान के नक्शे कदम पर चल रहा है। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भी भारत न आने की धमकी दी थी। नतीजा क्या हुआ? उन्हें आना पड़ा, खेलना पड़ा और वो बुरी तरह हारकर वापस गए।

बांग्लादेश को समझना होगा कि क्रिकेट की दुनिया में भारत ‘बॉस’ है। आप भारत को नजरअंदाज करके (Revenue और Viewership के लिहाज से) क्रिकेट नहीं खेल सकते। अगर वे जिद्द पर अड़े रहे, तो नुकसान सिर्फ और सिर्फ बांग्लादेशी क्रिकेट का होगा। उनके खिलाड़ियों को बड़े मंच से हाथ धोना पड़ेm क्रिकेट खेलो, राजनीति नहीं

बांग्लादेश के लिए अब स्थिति ‘इधर कुआं, उधर खाई’ वाली है। अगर वे भारत नहीं आते, तो वर्ल्ड कप से बाहर होंगे। और अगर आते हैं, तो उन्हें अपनी उस ‘झूठी अकड़’ को निगलना पड़ेगा।

एक पड़ोसी के तौर पर हम यही सलाह देंगे—अपना घर संभालिए, वहां शांति लाइए। भारत दुनिया का सबसे मेहमान-नवाज़ देश है। यहां आइए, क्रिकेट खेलिए और प्यार लेकर जाइए। लेकिन अगर सुरक्षा का झूठा बहाना बनाएंगे, तो ICC का यह थप्पड़ याद रखिएगा।

फैसला अब बांग्लादेश के हाथ में है—सम्मान से खेलना है या शर्मिंदगी के साथ बाहर बैठना है।

आपकी राय: क्या ICC ने बांग्लादेश को अल्टीमेटम देकर सही किया? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें!

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