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Israel-Hamas War Ended? क्या अब गाजा में लौटेगी Real Peace या फिर होगी नई जंग की शुरुआत?

Israel-Hamas के बीच इस संघर्ष की शुरुआत एक भयंकर तूफ़ान की तरह हुई—7 अक्टूबर 2023 को हमास द्वारा इज़राइल पर अचानक हमला किया गया। जवाब में इज़राइल ने गाजा पर दबदबा जमा दिया—बारूद फूटा, बमबारी, ग्राउंड ऑपरेशन, और नाकेबंदी ने मिलकर एक दो साल लंबे विनाश का सफर बना दिया। इस युद्व ने न केवल मानवीय संकट को जन्म दिया बल्कि राजनीति, कूटनीति और जीवन की सीमाओं को भी चुनौती दी।

आंकड़ों की धार: मौत, तबाही और त्रासदी

Ceasefire की ओर पहला कदम

2025 के अक्टूबर में अचानक हलचल महसूस हुई—मिस्र, क़तर और अमेरिका की मध्यस्थता में इज़राइल और हमास ने Sharm el-Sheikh में पहला चरण Ceasefire Deal साइन किया। इस डील के तहत दोनों पक्षों ने बंदियों की अदला-बदली, सैनिकों की सीमित वापसी, और मानवीय राहत की अनुमति देने पर सहमति दी। इज़राइल ने कहा कि वह अपने लड़ाकू वाहनों को कुछ ज़मीनों से हटा लेगा, और हमास को शहरों की सुरक्षा शासन और निगरानी देने का दायित्व होगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने इस समझौते का स्वागत किया, कहा कि यह “पैलेस्टीन की स्वायत्तता और दो-राज्य समाधान की दिशा में” एक महत्वपूर्ण कदम है।

Israel-Hamas

नए सवाल: शांति कितनी टिकेगी?

हालाँकि यह समझौता इतिहास का पल था, लेकिन वास्तवीकता ज़मीनी है और चुनौतियाँ भारी हैं। कुछ इलाकों में अभी भी हवाई हमले हो रहे हैं—Ceasefire लागू होते ही भी गोलीबारी की खबरें आईं। दूसरी समस्या है भरोसे की कमी—दोनों पक्षों पर शक बरकरार है कि कहीं फिर से संघर्ष की शुरुआत न हो जाए।

गाजा की अर्थव्यवस्था बुरी तरह टूट चुकी है, सड़कों पर बुनियादी सेवाओं की कमी और बुनियादी राहत सामग्री तक पहुंच न हो पाना एक बड़ी चुनौती है। इज़राइल का आंतरिक दबाव, हमास के कट्टरपंथी गुटों की मौजूदगी, और मध्यस्थों की भूमिका—सब मिलकर इस शांति को स्थायी करने की राह को कठिन बना देते हैं।

इस युद्व ने एक बार फिर याद दिलाया कि शांति सिर्फ एक दस्तावेज़ नहीं, बल्कि भरोसा, कार्रवाई और न्याय का मिलाजुला सफर है। Ceasefire ने आशा दी है, मगर अब देखना यह है कि कब तक यह आशा साकार होती है या फिर से संघर्ष की आग में धंस जाएगी।

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