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Nashik Kumbh 2026 :-क्या बच पाएंगे 1700 पेड़ ? परंपरा बनाम प्रकृति

Nashik Kumbh 2026 :-क्या बच पाएंगे 1700 पेड़ ? परंपरा बनाम प्रकृति

बच सकती है

कुंभ की तैयारियों के बीच पेड़ों की कटाई पर व्यापक बहस छिड़ी

नासिक के तपोवन क्षेत्र में होने वाले सिंहस्थ कुंभ 2026–28 से पहले प्रशासन ने साधुग्राम विस्तार के लिए लगभग 1,700 पेड़ों की कटाई का प्रस्ताव दिया है। मौजूदा साधुग्राम को 350 एकड़ से बढ़ाकर 1,200 एकड़ किया जाना है, ताकि लाखों साधुओं के लिए अस्थायी शहर बसाया जा सके।

लेकिन इसी फैसले ने शहर में पर्यावरण बनाम परंपरा की सबसे बड़ी बहस छेड़ दी है।

सैकड़ों नागरिकों ने विरोध प्रदर्शन किया, कई संगठनों ने चिपको आंदोलन जैसा प्रतिरोध शुरू किया और नगरपालिका को 200+ लिखित आपत्तियाँ भेजी गईं।

प्रशासन का दावा: “बड़े पेड़ नहीं काटेंगे, छोटे पेड़ रिप्लेस होने हैं”

सिविक बॉडी का तर्क है कि—

सिर्फ 10 साल से कम उम्र के पेड़ काटे जाएंगे।हर कटे पेड़ के बदले मल्टी-लेयर प्लांटेशन किया जाएगा।बड़े और पुराने वृक्षों को ट्रांसप्लांट या संरक्षित किया जाएगा।

लेकिन पर्यावरणविदों का कहना है कि “पेड़ की उम्र नहीं, उसकी इकोलॉजिकल वैल्यू मायने रखती है।”

साथ ही वे पूछ रहे हैं कि जब मॉड्यूलर टेंट सिटी, इनोवेटिव लेआउट, और वैकल्पिक लोकेशन मौजूद हैं, तो फिर पेड़ों की ऐसी बलि क्यों?

The Big Question: Is There a Middle Path?

नासिक में अब एक ही सवाल गूंज रहा है—

क्या आस्था और पर्यावरण दोनों को बचाने का संतुलित समाधान मुमकिन है?

संभावित विकल्प:

कुंभ की परंपरा विशाल है, लेकिन प्रकृति की छाया भी उतनी ही जीवनदायिनी।

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