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NEET PG Reservation: -40 नंबर वाले करेंगे अब आपका ऑपरेशन? डॉक्टर बनने की रेस में ‘योग्यता’ की मौत! 3 कड़वे सच 

ज़रा सोचिए, आप अस्पताल के बिस्तर पर लेटे हैं। आपकी सर्जरी होने वाली है। आपको पता चलता है कि जिस डॉक्टर के हाथ में नश्तर (Scalpel) है, उसने अपनी डिग्री ‘काबिलियत’ से नहीं, बल्कि ‘कोटे’ और ‘कम किए गए कट-ऑफ’ की बदौलत पाई है। क्या आप अपनी जान उसे सौंपेंगे? यह सवाल डरावना है, लेकिन आज के मेडिकल सिस्टम का यह वो काला सच है जिस पर बात करने से सब डरते हैं। NEET PG (MD/MS) में जिस तरह से कट-ऑफ गिराए जा रहे हैं और रिजर्वेशन का खेल खेला जा रहा है, उसने पूरी दुनिया के सामने भारतीय चिकित्सा व्यवस्था (Medical System) की साख पर बट्टा लगा दिया है।

क्या सच में -40 या जीरो नंबर लाने वाला व्यक्ति एक ‘स्पेशलिस्ट सर्जन’ बनने के लायक है? आज इस ब्लॉग में हम सरकार, सिस्टम और उन प्रदर्शनकारियों से सीधी बात करेंगे।

NEET PG

मेरिट की हत्या: जब ‘काबिलियत’ हार जाए और ‘जाति’ जीत जाए

वो ‘हीन भावना’ और दंगों का सच

सम्मान की भीख नहीं मांगी जा सकती

अगर आप सच में चाहते हैं कि समाज आपको बराबरी की नज़र से देखे, तो आपको खुद आगे आकर कहना होगा— “हमें खैरात नहीं, मुकाबला चाहिए।” लेकिन अफ़सोस, वोट बैंक की राजनीति ऐसा होने नहीं देगी।

सरकार का दोगलापन: प्राइवेट सीटों का खेल

जागो, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए

आपकी राय: क्या डॉक्टर बनने के लिए जाति का आरक्षण होना चाहिए या सिर्फ मेरिट? कमेंट बॉक्स में अपनी राय खुलकर रखें।

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