बिहार के सबसे प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान, पटना विश्वविद्यालय (Patna University) के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। करीब एक सदी पुरानी यह यूनिवर्सिटी अब हाईटेक होने जा रही है। केंद्र सरकार की ‘पीएम-उषा’ (PM-USHA) योजना और राज्य सरकार के सहयोग से यूनिवर्सिटी को एक नया और आधुनिक रूप दिया जा रहा है।
अगर आप पटना यूनिवर्सिटी के छात्र हैं या बिहार की शिक्षा व्यवस्था में रुचि रखते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मास्टर प्लान।
क्या है यह पूरा प्रोजेक्ट ?
पटना यूनिवर्सिटी को मल्टी-डिसिप्लिनरी एजुकेशन एंड रिसर्च यूनिवर्सिटी (MERU) के रूप में विकसित करने की तैयारी चल रही है। इसके लिए PM-USHA (प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान) के तहत 100 करोड़ रुपये का अनुदान (Grant) मंजूर किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार भी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के लिए अलग से फंड दे रही है।

इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग 139 करोड़ रुपये आकी गई है, जिससे नए भवनों का निर्माण और पुराने ढांचों का रिनोवेशन किया जाएगा।
बनेंगे दो नए हाईराइज टावर
यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर में सबसे बड़ा बदलाव दो नई इमारतों के रूप में देखने को मिलेगा, जो कृष्ण घाट के पास बन रही हैं।
- G+8 एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक (प्रशासनिक भवन): यूनिवर्सिटी का पूरा कामकाज अब एक ही छत के नीचे होगा। वाइस चांसलर (VC), प्रो-वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार और अन्य सभी प्रशासनिक ऑफिस इसी नई 9 मंजिला इमारत में शिफ्ट होंगे। इसमें सिंडिकेट और एकेडमिक काउंसिल के लिए आधुनिक हॉल भी होंगे।
- G+9 एकेडमिक ब्लॉक (शैक्षणिक भवन): यह 10 मंजिला इमारत छात्रों के लिए होगी। इसमें लिफ्ट, मॉडर्न क्लासरूम और ग्राउंड फ्लोर पर एक बड़ा कैफेटेरिया होगा। हर फ्लोर पर औसतन दो विभागों (Departments) को जगह दी जाएगी।
दरभंगा हाउस से शिफ्ट होंगे विभाग
पटना यूनिवर्सिटी की पहचान माने जाने वाले ऐतिहासिक दरभंगा हाउस (Darbhanga House) से अब भीड़ कम की जाएगी।
- वर्तमान में दरभंगा हाउस में चल रहे ह्यूमैनिटीज (मानविकी) और सोशल साइंस (सामाजिक विज्ञान) के सभी पोस्ट-ग्रेजुएट (PG) विभागों को नए G+9 एकेडमिक ब्लॉक में शिफ्ट किया जाएगा।
- वाणिज्य महाविद्यालय (Vanijya Mahavidyalaya): जब दरभंगा हाउस खाली हो जाएगा, तो वहां ‘वाणिज्य महाविद्यालय’ को शिफ्ट करने की योजना है, जिससे कॉमर्स के छात्रों को एक ऐतिहासिक परिसर मिलेगा।
छात्रों को क्या फायदा होगा?
इस कायाकल्प का सीधा फायदा छात्रों की पढ़ाई और रिसर्च पर पड़ेगा:
- मॉडर्न लैब्स: साइंस विभागों के लिए 34 करोड़ रुपये से 34 अत्याधुनिक उपकरण (जैसे Bio-safety cabinets, XRD, FTIR microscopes) खरीदे जा रहे हैं।
- खेल सुविधाएँ: सैदपुर कॉम्प्लेक्स में 15 करोड़ रुपये की लागत से एक इंडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनेगा, जहाँ बैडमिंटन, वॉलीबॉल और कुश्ती जैसी सुविधाएँ होंगी।
- बेहतर रैंकिंग: इस रिनोवेशन का मुख्य उद्देश्य यूनिवर्सिटी की NAAC ग्रेडिंग और NIRF रैंकिंग में सुधार लाना है।
पटना यूनिवर्सिटी का यह बदलाव न केवल इसकी इमारतों को नया रंग देगा, बल्कि बिहार में उच्च शिक्षा के स्तर को भी ऊपर उठाएगा। आधुनिक सुविधाओं और ऐतिहासिक विरासत का यह संगम आने वाले समय में छात्रों के लिए एक बेहतरीन माहौल तैयार करेगा।
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