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Raghav Chadha AAP News: पार्टी से ‘निकाले’ जाने का पूरा सच! क्या BJP या Congress में होंगे शामिल? जानिए 5 बड़ी बातें

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भारतीय राजनीति में इन दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदर मची उथल-पुथल सबसे बड़ी खबर बनी हुई है। सोशल मीडिया से लेकर न्यूज़ चैनलों तक अफ़वाहें उड़ रही हैं कि पार्टी के सबसे युवा और चर्चित चेहरे राघव चड्ढा (Raghav Chadha) को AAP से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है और वो जल्द ही बीजेपी या कांग्रेस का दामन थाम सकते हैं।

लेकिन राजनीति में जो दिखता है, वो अक्सर पूरा सच नहीं होता। आज के इस विस्तृत न्यूज़ ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि आखिर आम आदमी पार्टी के अंदर पर्दे के पीछे क्या खेल चल रहा है और राघव चड्ढा के खिलाफ हुए इस कड़े एक्शन की असली हकीकत क्या है।

पार्टी से नहीं, बल्कि ‘इस’ अहम पद से हुई है छुट्टी

सबसे पहले यह बहुत बड़ी गलतफहमी दूर कर लीजिए कि AAP ने राघव चड्ढा को पार्टी से बर्खास्त कर दिया है। असल में, पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में ‘उपनेता’ (Deputy Leader) के पद से हटाया है।

हाल ही में पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक आधिकारिक पत्र भेजा, जिसमें स्पष्ट किया गया कि अब उपनेता की कुर्सी पर राघव चड्ढा की जगह पंजाब से ही सांसद ‘अशोक मित्तल’ बैठेंगे। इतना ही नहीं, पार्टी ने यह भी साफ कर दिया है कि राज्यसभा में बोलने के लिए तय समय अब राघव को नहीं दिया जाएगा। इसके बाद राघव ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डालकर सीधा तंज कसा— “मुझे चुप कराया गया है, हराया नहीं गया है।”

केजरीवाल के ‘चहेते’ से इतनी दूरी क्यों? (विवाद की असली वजहें)

राघव चड्ढा किसी समय अरविंद केजरीवाल की आंखों के सबसे बड़े तारे हुआ करते थे। फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि पार्टी ने उनके पर कतर दिए? इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है उनका ‘मुश्किल वक्त में साथ न देना’।

जब दिल्ली शराब नीति केस में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया था, तब राघव चड्ढा भारत में नहीं थे। वह अपनी आंखों के इलाज का हवाला देकर महीनों तक लंदन में रहे। पार्टी हाईकमान को उनका यह रवैया बिल्कुल रास नहीं आया कि जब पार्टी सबसे बड़े संकट में थी, तब उनका सबसे मुखर नेता विदेश में बैठा था।

Raghav Chadha AAP News
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संजय सिंह के साथ ‘पॉवर गेम’ की टकराहट

AAP के अंदरूनी सूत्रों का यह भी दावा है कि जब अक्टूबर 2023 में संजय सिंह जेल में थे, तब राघव चड्ढा ने राज्यसभा में खुद को पार्टी का ‘सुप्रीमो’ नेता घोषित करवाने के लिए पर्दे के पीछे से काफी जोड़-तोड़ की थी। अब जब संजय सिंह बाहर हैं और पार्टी में उनका कद फिर से मजबूत हो गया है, तो इसे राघव चड्ढा के उस पॉवर गेम का पलटवार माना जा रहा है।

क्या BJP में शामिल होंगे राघव चड्ढा?

जैसे ही राघव को पद से हटाया गया, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस राजनीतिक मौके को हाथों-हाथ लिया। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष ने सीधा तंज कसते हुए कहा कि राघव चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से खुद को अलग कर लिया है।

वहीं, AAP के नेताओं का आरोप है कि बीजेपी जानबूझकर राघव चड्ढा को प्रमोट कर रही है क्योंकि राघव संसद में सरकार के खिलाफ अब कड़े मुद्दे नहीं उठा रहे थे। हालांकि, अभी तक राघव चड्ढा या बीजेपी की तरफ से उनके पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।

कांग्रेस (Congress) का इस पूरे विवाद पर क्या रुख है?

कांग्रेस भी इस राजनीतिक खींचतान पर गिद्ध जैसी नज़र बनाए हुए है। पंजाब कांग्रेस के बड़े नेताओं का दावा है कि राघव का पार्टी से मोहभंग लंदन ट्रिप के समय ही हो गया था और अब यह पूरी तरह स्पष्ट है कि वह आम आदमी पार्टी से अंदरूनी तौर पर अलग हो चुके हैं। बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही इस स्थिति का फायदा उठाना चाहते हैं, लेकिन राघव फिलहाल खामोशी से सही वक्त का इंतज़ार कर रहे हैं।

ApniVani की बात

स्वाति मालीवाल के बाद राघव चड्ढा दूसरे ऐसे बड़े नेता बन गए हैं, जिनके और AAP हाईकमान के बीच की दरार दुनिया के सामने आ गई है। फिलहाल, राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद बने रहेंगे। लेकिन राजनीति में कोई भी स्थिति स्थायी नहीं होती। अगर आने वाले समय में AAP और राघव के बीच रिश्ते नहीं सुधरते हैं, तो पंजाब और दिल्ली की राजनीति कोई बहुत बड़ा मोड़ ले सकती है।

आपकी राय: आम आदमी पार्टी का राघव चड्ढा को पद से हटाना आपके हिसाब से सही फैसला है या गलत? क्या आपको लगता है कि राघव चड्ढा जल्द ही ‘कमल’ या ‘हाथ’ का साथ पकड़ लेंगे? अपनी बेबाक राजनीतिक राय नीचे कमेंट्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर साझा करें!

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