आजकल हम ‘हीरो’ किसे मानते हैं? उसे जो रील (Reel) पर 15 सेकंड का मुजरा करता है? या उसे जो गली के नुक्कड़ पर सिगरेट का छल्ला बनाकर खुद को ‘कूल’ समझता है?
अगर आपकी नजर में यही ‘हीरो’ हैं, तो आपको अपनी सोच बदलने की जरूरत है। असली हीरो वो है जिसने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी पर, जहां सांस लेना भी मुश्किल है, वहां 24 घंटे बिताकर भारत का झंडा गाड़ दिया।
जी हाँ, हम बात कर रहे हैं हरियाणा के हिसार जिले के मंगाली गांव के लाल रोहताश खिलेरी (Rohtash Khileri) की। उनका यह कारनामा सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं है, बल्कि देश के उन लाखों युवाओं के लिए एक आईना (Mirror) है, जो जवानी के जोश को नशे और अपराध में बर्बाद कर रहे हैं।
रोहताश का कारनामा: जहाँ खून जम जाए, वहां बिताए 24 घंटे
जरा कल्पना कीजिए—तापमान माइनस 45 डिग्री (-45°C), 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलती बर्फीली हवाएं, और ऑक्सीजन इतना कम कि इंसान कुछ ही पल में बेहोश हो जाए।
ऐसी जानलेवा परिस्थितियों में, यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस (Mount Elbrus – 18,510 फीट) पर रोहताश खिलेरी ने वो किया जो आज तक कोई नहीं कर पाया।
- द रिकॉर्ड: रोहताश ने इस चोटी पर 24 घंटे लगातार रुकने का विश्व रिकॉर्ड बनाया।
- चुनौती: सबसे बड़ी बात यह है कि उन्होंने यह कारनामा बिना ऑक्सीजन सिलेंडर के किया।
मंगाली गांव के एक साधारण किसान परिवार से आने वाले इस लड़के ने साबित कर दिया कि अगर इरादे फौलादी हों, तो साधन मायने नहीं रखते। रोहताश बिश्नोई (खिलेरी) इससे पहले माउंट किलिमंजारो पर भी तिरंगा फहरा चुके हैं।

आज का युवा: गुटखा, नशा और ‘फर्जी टशन’
अब जरा तस्वीर का दूसरा रुख देखिए। एक तरफ रोहताश हैं जो देश का नाम रोशन करने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं, और दूसरी तरफ हमारे देश का एक बड़ा युवा वर्ग है।आज गली-मोहल्लों में देखिए, 18-20 साल के लड़के क्या कर रहे हैं?
- नशा: सुबह उठते ही मुंह में गुटखा, पान मसाला या हाथ में सिगरेट। फेफड़े फौलाद बनाने की उम्र में वे उसे धुएं से काला कर रहे हैं।
- बर्बादी: टाइम पास के नाम पर सोशल मीडिया पर घंटों स्क्रॉल करना और अश्लील वीडियो देखना।
- अपराध: दुख होता है यह लिखते हुए, लेकिन अखबार रेप, छेड़खानी और लूटपाट की खबरों से भरे पड़े हैं। क्या यह वही युवा शक्ति है जिस पर स्वामी विवेकानंद को गर्व था?
रोहताश पहाड़ की ऊंचाई नाप रहे हैं, और बाकी युवा अपने चरित्र की गिरावट (Downfall) नाप रहे हैं।
मर्दानगी क्या है? (What is Real Manhood?)
उन लड़कों से मेरा सीधा सवाल है जो लड़कियों को छेड़कर या रेप जैसी घिनौनी हरकत करके खुद को ‘मर्द’ समझते हैं।
क्या कमज़ोर पर ताकत दिखाना मर्दानगी है? नहीं! असली मर्दानगी वो है जो रोहताश ने दिखाई।
- प्रकृति से लड़ना मर्दानगी है।
- अपने शरीर को तपाना और सीमाओं से पार जाना मर्दानगी है।
- देश का झंडा दूसरे देश की छाती पर गाड़ना मर्दानगी है।
जो युवा नशे में धुत होकर सड़क किनारे पड़े रहते हैं, उन्हें रोहताश की फोटो देखनी चाहिए। जिस उम्र में रोहताश ने -45 डिग्री को झेल लिया, उसी उम्र में आप थोड़ी सी परेशानी आने पर डिप्रेशन में चले जाते हैं या नशा करने लगते हैं। शर्म आनी चाहिए!
Rohtash kesदेशभक्ति: नारों में नहीं, कारनामों में दिखती है
15 अगस्त और 26 जनवरी को बाइक पर तिरंगा लगाकर हुड़दंग मचाना देशभक्ति नहीं है। स्टेटस पर “प्राउड इंडियन” लिखना बहुत आसान है। लेकिन रोहताश जैसे लोग बताते हैं कि असली देशभक्ति क्या है।
जब रोहताश एल्ब्रस की चोटी पर ठिठुर रहे थे, तो उन्हें गर्मी किसी आग से नहीं, बल्कि अपने तिरंगे से मिल रही थी। उन्होंने अपने गांव, अपने जिले और अपने देश का मान बढ़ाया है।
सोचिए, अगर हर युवा रोहताश जैसी जिद पाल ले—चाहे वो खेल में हो, पढ़ाई में हो, या बिजनेस में—तो भारत को विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता।
जागो युवाओं: अपना रास्ता खुद चुनो
- आज आपके पास दो रास्ते हैं:
- रास्ता 1: रोहताश खिलेरी बनो। संघर्ष करो, पसीना बहाओ, और दुनिया के नक्शे पर अपना नाम लिख दो।
- रास्ता 2: पान-मसाला चबाओ, चौराहों पर समय बर्बाद करो, और एक दिन गुमनामी या जेल के अंधेरे में खो जाओ।
चुनाव आपका है। रोहताश ने दिखा दिया है कि इंसान की क्षमता (Potential) की कोई सीमा नहीं होती। हिसार के छोटे से गांव का लड़का अगर यूरोप हिला सकता है, तो आप भी बहुत कुछ कर सकते हैं।
बस अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाओ। रेप, लूट और नशे जैसा कीचड़ छोड़कर, पर्वतों जैसी ऊंचाई चुनो।
सलाम है इस जज़्बे को
रोहताश खिलेरी को हमारा सलाम। उन्होंने न सिर्फ पहाड़ जीता है, बल्कि यह भी बताया है कि भारतीय युवाओं के रगों में अभी भी वो खून दौड़ रहा है जो असंभव को संभव कर सकता है। बस जरूरत है उस आग को सही जगह लगाने की।
शेयर करें: इस पोस्ट को हर उस युवा तक पहुंचाएं जो अपनी राह भटक गया है। शायद रोहताश की कहानी किसी की जिंदगी बदल दे।