28 साल का लंबा इंतजार खत्म होने वाला है। भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित युद्ध फिल्म ‘बॉर्डर’ का सीक्वल Border 2 इस गणतंत्र दिवस (Republic Day 2026) के मौके पर सिनेमाघरों में दस्तक देने के लिए पूरी तरह तैयार है। सनी देओल, वरुण धवन और दिलजीत दोसांझ की इस ‘पावर-पैक’ तिकड़ी ने दर्शकों के बीच वह उत्साह पैदा कर दिया है, जो दशकों में किसी हिंदी फिल्म के लिए नहीं देखा गया।
Border 2: भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी सीक्वल फिल्म का आगाज़
जब 1997 में जे.पी. दत्ता ने ‘बॉर्डर’ बनाई थी, तो वह केवल एक फिल्म नहीं बल्कि एक भावना बन गई थी। अब, ठीक 28 साल बाद, उसी विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी निर्देशक अनुराग सिंह ने उठाई है। फिल्म 23 जनवरी 2026 को रिलीज हो रही है, जिससे इसे गणतंत्र दिवस के लंबे वीकेंड का भरपूर फायदा मिलने की उम्मीद है।
इस फिल्म की घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर ‘हिंदुस्तान जिंदाबाद’ के नारों की गूंज सुनाई दे रही है। फिल्म का स्केल, इसकी स्टार कास्ट और आधुनिक तकनीक का मिश्रण इसे 2026 की सबसे बड़ी फिल्म बना रहा है।

स्टार कास्ट और उनके किरदार: कौन निभाएगा किसकी भूमिका?
‘बॉर्डर 2’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट है। फिल्म में अनुभव और जोश का एक ऐसा संतुलन बनाया गया है जो हर वर्ग के दर्शकों को आकर्षित करेगा।
1. सनी देओल (तारा सिंह से लेकर मेजर कुलदीप सिंह तक)
सनी देओल एक बार फिर अपने आइकोनिक अवतार में नजर आएंगे। हालांकि इस बार उनका किरदार पहले से अधिक परिपक्व और रणनीतिक होगा। सनी पाजी की मौजूदगी ही फिल्म को एक ‘मसीहा’ वाली फीलिंग देती है। गदर 2 की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद, ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि ‘बॉर्डर 2’ सनी के करियर की सबसे बड़ी ओपनर साबित हो सकती है।
2. वरुण धवन की नई पारी
वरुण धवन पहली बार एक गंभीर फौजी के किरदार में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, वरुण ने इस भूमिका के लिए विशेष फिजिकल ट्रेनिंग ली है और असल सैनिकों के साथ समय बिताया है। उनका किरदार फिल्म में युवाओं के जोश और आधुनिक युद्ध कौशल का प्रतिनिधित्व करेगा।
3. दिलजीत दोसांझ: मिट्टी की खुशबू और वीरता
दिलजीत दोसांझ का शामिल होना फिल्म के लिए मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। उनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेजेंस बॉर्डर की भावनाओं (emotions) को गहराई देगी। पंजाब और ओवरसीज मार्केट में दिलजीत की लोकप्रियता फिल्म के कलेक्शन को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकती है।
बॉर्डर 2 की कहानी: क्या यह ‘लोंगेवाला’ के आगे की दास्तान है?
फिल्म की कहानी को लेकर निर्माताओं ने काफी गोपनीयता बरती है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, ‘बॉर्डर 2’ भी सच्ची ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित होगी। जहाँ पहली फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध की ‘बैटल ऑफ लोंगेवाला’ पर केंद्रित थी, वहीं सीक्वल में उसी युद्ध के एक दूसरे मोर्चे की वीरता को दिखाया जा सकता है।
फिल्म में वीएफएक्स (VFX) और सिनेमैटोग्राफी पर पानी की तरह पैसा बहाया गया है। इसका उद्देश्य दर्शकों को 1970 के दशक के युद्ध के मैदान में ले जाना है, लेकिन आधुनिक सिनेमाई अनुभव के साथ। फिल्म की शूटिंग राजस्थान के वास्तविक रेगिस्तानों और पंजाब के बॉर्डर इलाकों में की गई है ताकि प्रमाणिकता (authenticity) बनी रहे।
बॉक्स ऑफिस प्रेडिक्शन: क्या ‘पठान’ और ‘बाहुबली’ का रिकॉर्ड टूटेगा?
फिल्म बिजनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि Border 2 के पास बॉक्स ऑफिस के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करने की क्षमता है। इसके पीछे कई ठोस कारण हैं:
• रिपब्लिक डे वीकेंड: 26 जनवरी की छुट्टी और देशभक्ति का माहौल फिल्म के लिए ‘सोने पर सुहागा’ है।
• नॉस्टेल्जिया फैक्टर: 90 के दशक के दर्शक, जिन्होंने पहली बॉर्डर को थियेटर्स में देखा था, वे अपने बच्चों के साथ इसे देखने आएंगे।
• मल्टी-स्टारर अपील: सनी देओल (मास), वरुण धवन (यूथ) और दिलजीत दोसांझ (ग्लोबल और पंजाब) की तिकड़ी हर क्षेत्र को कवर करती है।
प्रारंभिक अनुमानों के अनुसार, फिल्म पहले दिन 50-60 करोड़ रुपये का बिजनेस कर सकती है और पहले वीकेंड तक 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर सकती है।
संगीत और बैकग्राउंड स्कोर: ‘संदेशे आते हैं’ का नया अवतार?
‘बॉर्डर’ का संगीत उसकी आत्मा था। रूप कुमार राठौड़ और सोनू निगम का गाया ‘संदेशे आते हैं’ आज भी हर देशभक्ति कार्यक्रम की शान है। चर्चा है कि बॉर्डर 2 में इस कालजयी गीत को री-क्रिएट किया जाएगा, लेकिन मूल भावनाओं के साथ छेड़छाड़ किए बिना। संगीत की कमान इस बार इंडस्ट्री के दिग्गज संगीतकारों को सौंपी गई है ताकि वह रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव फिर से पैदा किया जा सके।
फिल्म निर्माण की चुनौतियां और तकनीकी पक्ष
निर्देशक अनुराग सिंह, जो पहले ‘केसरी’ जैसी सफल वॉर फिल्म दे चुके हैं, के लिए यह एक बड़ी चुनौती थी। जे.पी. दत्ता की विरासत को संभालना और आज के दर्शकों की उम्मीदों पर खरा उतरना आसान नहीं है। फिल्म में असली टैंकों, लड़ाकू विमानों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया है ताकि युद्ध के दृश्य नकली न लगें।
फिल्म के निर्माण के दौरान भारतीय सेना का भी सहयोग लिया गया है ताकि वर्दी, प्रोटोकॉल और युद्ध की बारीकियों को सही ढंग से दिखाया जा सके।
क्यों देखें Border 2?
यह केवल मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि भारतीय सेना की उस वीरता को सलाम करने के लिए है जिसके कारण हम सुरक्षित हैं। ‘बॉर्डर 2’ हमें याद दिलाती है कि आजादी मुफ्त में नहीं मिलती। गणतंत्र दिवस के मौके पर सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण होगा।
‘बॉर्डर 2’ महज एक सीक्वल नहीं है, बल्कि यह भारतीय गौरव की एक महागाथा है। सनी देओल का अनुभव, वरुण का उत्साह और दिलजीत की सादगी मिलकर एक ऐसी फिल्म बना रहे हैं जो सालों तक याद रखी जाएगी। 23 जनवरी को जब सिनेमाघरों में राष्ट्रगान बजेगा और उसके बाद सनी देओल की दहाड़ सुनाई देगी, तो पूरा माहौल देशभक्ति के रंग में रंग जाएगा।
क्या आपको लगता है कि ‘बॉर्डर 2’ पहली फिल्म की तरह ही क्लासिक बन पाएगी? आप फिल्म में किस एक्टर को देखने के लिए सबसे ज्यादा उत्साहित हैं? हमें कमेंट्स में जरूर बताएं!
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