ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा मोटर्स (Tata Motors) के कमर्शियल व्हीकल (CV) कारोबार के शेयरों ने बुधवार, 12 नवंबर 2025 को बाजार में धमाकेदार एंट्री ली। अपने पैसेंजर व्हीकल (PV) बिज़नेस से अलग होने के बाद, टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (TMCV) के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर ₹335 प्रति शेयर के भाव पर लिस्ट हुए — यानी खोजे गए मूल्य ₹260.75 से लगभग 28.5% का शानदार प्रीमियम।
वहीं बीएसई (BSE) पर यह शेयर ₹330.25 पर लिस्ट हुआ, जो 26.6% की बढ़त दर्शाता है।
डीमर्जर का पूरा मामला
इस साल की शुरुआत में टाटा मोटर्स ने अपने कारोबार को दो हिस्सों में बांटने का ऐलान किया था —
1. टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल्स (TMCV)
2. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड (TMPVL)
यह डीमर्जर 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ। कंपनी का मकसद था कि दोनों बिज़नेस यूनिट्स अपने-अपने सेगमेंट पर फोकस कर सकें और भविष्य की ग्रोथ का पूरा फायदा उठा सकें।

डीमर्जर के तहत, कमर्शियल व्हीकल यूनिट अब “Tata Motors Limited” नाम से काम करेगी, जबकि पैसेंजर और इलेक्ट्रिक वाहनों का कारोबार “Tata Motors Passenger Vehicles Limited” के तहत रहेगा।
शेयरधारकों को क्या मिला?
जिन निवेशकों के पास 14 अक्टूबर 2025 तक टाटा मोटर्स के शेयर थे, उन्हें कंपनी ने 1:1 अनुपात में टाटा मोटर्स CV के शेयर दिए। यानी हर एक शेयर पर नया एक शेयर। नए शेयर निवेशकों के डीमैट खातों में 16 अक्टूबर 2025 को क्रेडिट कर दिए गए थे।
दोनों कंपनियों का फोकस
डीमर्जर के बाद दोनों कंपनियों का फोकस बिल्कुल साफ है —
Tata Motors Commercial Vehicles (TMCV) अब भारत की सबसे बड़ी कमर्शियल व्हीकल निर्माता बन गई है। इसमें छोटे ट्रक से लेकर भारी वाहनों तक की पूरी रेंज शामिल है।
Tata Motors Passenger Vehicles (TMPVL) के तहत अब कंपनी पैसेंजर कार, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और जगुआर लैंड रोवर (JLR) का कारोबार संभाल रही है। पैसेंजर व्हीकल यूनिट पहले ही 14 अक्टूबर 2025 को एक अलग कंपनी के रूप में सूचीबद्ध हो चुकी है।
लिस्टिंग के बाद बाजार की चाल
लिस्टिंग के कुछ घंटों बाद टाटा मोटर्स CV के शेयरों में हल्की गिरावट जरूर आई, लेकिन शुरुआती रुझान काफी पॉजिटिव रहे।
दूसरी ओर, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर बुधवार सुबह ₹409 के भाव पर मामूली बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह डीमर्जर शेयरधारकों के लिए वैल्यू अनलॉक करने का काम करेगा। अब दोनों कंपनियाँ अपने अलग-अलग बिज़नेस पर फोकस कर पाएंगी और निवेशकों को भी स्पष्ट ग्रोथ ट्रैक देखने को मिलेगा।
मार्केट एक्सपर्ट्स की राय
मार्केट एनालिस्ट्स का मानना है कि टाटा मोटर्स का यह कदम “स्ट्रक्चरल ग्रोथ” की दिशा में बड़ा कदम है। कमर्शियल वाहन बाजार में जहां EV ट्रेंड और इंफ्रास्ट्रक्चर की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, वहीं पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में कंपनी के पास नेक्सॉन EV, कर्व, और जगुआर-लैंड रोवर जैसी मजबूत ब्रांड वैल्यू है।
Also Read :
SUVs पर 40% टैक्स, छोटी कारों पर राहत — जानिए कौन सी कार अब सबसे सस्ती