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H5N5 क्‍यों है कोरोना से भी ज़्यादा खतरनाक? वॉशिंगटन में मिला दुनिया का पहला मानव मामला — बचाव के तरीक़े ज़रूर जानें

वॉशिंगटन राज्य में बर्ड फ्लू का एक ऐसा नया स्ट्रेन पाया गया है H5N5 जो अब तक कभी इंसानों में दर्ज नहीं हुआ था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि यह दुनिया का पहला H5N5 स्ट्रेन का मानव मामला है। मामला 15 नवंबर 2025 को सामने आया और इसी के साथ अमेरिका में फरवरी के बाद पहली बार बर्ड फ्लू का कोई मानव संक्रमण दर्ज हुआ है।

गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती—बुज़ुर्ग व्यक्ति की स्थिति नाज़ुक यह मामला ग्रेज़ हार्बर काउंटी के एक बुज़ुर्ग निवासी का है, जो पहले से ही कई चिकित्सीय समस्याओं से जूझ रहे थे। नवंबर की शुरुआत में उन्हें तेज़ बुखार, भ्रम की स्थिति, और सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि मरीज़ की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है और विशेषज्ञों की एक टीम उनकी निगरानी कर रही है।

अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में संक्रमण का संबंध व्यक्ति के घर पर मौजूद छोटे पोल्ट्री सेटअप से हो सकता है, जहां जंगली पक्षियों की आवाजाही आम बात थी। हालांकि, अंतिम पुष्टि के लिए विस्तृत जांच जारी है। पहली बार इंसानों में मिला H5N5 स्ट्रेन — पहले सिर्फ जानवरों में मिलता था

H5N5

जांच में पाया गया कि यह संक्रमण H5N5 एवियन इन्फ्लुएंज़ा का है—एक ऐसा स्ट्रेन जो इससे पहले केवल पक्षियों और जानवरों में देखा गया था।यह पहली बार है जब यह स्ट्रेन किसी इंसान को संक्रमित करता पाया गया है। इसके पहले अमेरिका में सामने आए बर्ड फ्लू के सभी मानव मामले H5N1 स्ट्रेन से जुड़े थे।

अमेरिका में बर्ड फ्लू की स्थिति

यह मामला 9 महीनों बाद अमेरिका में सामने आया पहला मानव संक्रमण है।वॉशिंगटन राज्य में 2022 से अब तक बर्ड फ्लू के 15 पुष्ट मामले सामने आ चुके हैं—लेकिन सभी जानवरों तक सीमित थे।2024 से जुलाई 2025 के बीच H5N1 के कारण देशभर में 70 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं।H5N5 का मानव संक्रमण सामने आने से वैज्ञानिक और स्वास्थ्य विभाग दोनों ही सतर्क हो गए हैं।

क्या यह इंसानों के लिए बड़ा खतरा है?

स्वास्थ्य अधिकारियों ने फिलहाल आम जनता के लिए जोखिम कम बताया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी तक इंसान से इंसान में फैलने का कोई मामला नहीं मिला है। लेकिन जो लोग निम्नलिखित क्षेत्रों में हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है:

अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि लोग बीमार या मृत पक्षियों को बिल्कुल न छुएं और ऐसे किसी भी मामले की तुरंत सूचना स्थानीय स्वास्थ्य विभाग को दें।

वैज्ञानिकों की चिंता — “वायरस विकसित हो रहा है”

विशेषज्ञों का मानना है कि H5 वायरस परिवार लगातार म्यूटेशन कर रहा है, जिसके कारण यह नई जटिलताओं का कारण बन सकता है।

H5N5 का इंसानों में आना इसी विकास का संकेत माना जा रहा है। हालांकि अभी घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन निगरानी और सावधानी बेहद ज़रूरी है।

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