हर साल 5 जून को पूरी दुनिया में ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ (World Environment Day) मनाया जाता है। इस दिन का असली महत्व तब और बढ़ जाता है, जब इसे उन छात्रों के बीच मनाया जाए जो भविष्य में देश की कृषि व्यवस्था की नींव रखने वाले हैं।
आज (5 जून 2026) बक्सर जिले के डुमरांव स्थित वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय (VKSCOA) में पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बक्सर की जिलाधिकारी ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। ‘Apni Vani’ की इस विशेष कैंपस रिपोर्ट में आइए आपको ले चलते हैं इस शानदार समारोह के बीच और दिखाते हैं कॉलेज के छात्रों और प्रशासन की 5 सबसे बेहतरीन झलकियां।
NCC कैडेट्स का शानदार ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
कार्यक्रम की शुरुआत बेहद ही अनुशासित और प्रभावशाली तरीके से हुई। जैसे ही बक्सर DM साहिबा का काफिला कॉलेज परिसर में पहुंचा, उन्हें एक भव्य सम्मान दिया गया।
A.N.O डॉ. अंसारी की देखरेख और अंडर ऑफिसर आकाश कुमार के साथ सीनियर कैडेट स्वीटी कुमारी के शानदार नेतृत्व में कॉलेज की NCC यूनिट के कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ पेश किया। कृषि कॉलेज के छात्रों का यह फौजी अनुशासन और तालमेल देखकर वहां मौजूद हर कोई मंत्रमुग्ध हो गया।

प्रशासन और शिक्षाविदों का एक मंच पर आना
इस विशेष अवसर पर कॉलेज का पूरा प्रशासनिक और शैक्षणिक ढांचा मौजूद था।
वीर कुंवर सिंह कृषि महाविद्यालय के सम्मानित प्रिंसिपल डॉ. पारसनाथ और कृषि इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिंसिपल ने मिलकर मुख्य अतिथि का स्वागत किया। DM साहिबा के साथ जिले के अन्य आला प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। कृषि छात्रों की भारी उपस्थिति ने इस कार्यक्रम में एक अलग ही ऊर्जा भर दी।
‘पौधारोपण’ से दिया गया हरित क्रांति का सीधा संदेश
पर्यावरण दिवस सिर्फ भाषणों तक सीमित न रहे, इसके लिए ग्राउंड पर सीधा एक्शन लिया गया।
स्वागत समारोह के तुरंत बाद, बक्सर DM और दोनों कॉलेजों के प्रिंसिपल्स ने मिलकर कॉलेज परिसर में विधि-विधान के साथ पौधारोपण किया। एक कृषि संस्थान में यह पौधारोपण इस बात का प्रतीक है कि आने वाले समय में खेती और पर्यावरण को एक साथ कैसे सुरक्षित रखा जा सकता है।
छात्रों का दमदार ‘नुक्कड़ नाटक’ और बेबाक भाषण
पौधारोपण के बाद कॉलेज हॉल में एक छोटे लेकिन बेहद प्रभावशाली सांस्कृतिक और वैचारिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान एग्रीकल्चर के छात्रों ने पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण जैसे गंभीर मुद्दों पर एक शानदार ‘नुक्कड़ नाटक’ प्रस्तुत किया। नाटक के जरिए दिए गए संदेश ने सभी अधिकारियों और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा, छात्रों ने मंच से बेबाक भाषण देकर अपनी वैचारिक क्षमता का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
पुरस्कार वितरण और DM साहिबा का प्रेरक संदेश
कार्यक्रम के अंतिम पड़ाव में उन छात्रों और व्यक्तियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पूरे साल कॉलेज और समाज में उत्कृष्ट योगदान दिया है।
मंच से पुरस्कार वितरण के बाद प्रिंसिपल डॉ. पारसनाथ ने पर्यावरण और कृषि के रिश्ते पर अपने विचार रखे। अंत में, बक्सर DM साहिबा ने अपने प्रेरक भाषण से सभी छात्रों में एक नया जोश भर दिया। उन्होंने छात्रों को सिर्फ एक अच्छा कृषि वैज्ञानिक ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार ‘पर्यावरण रक्षक’ बनने की भी सलाह दी। उनके इस संदेश के बाद कार्यक्रम का सफल समापन हुआ और मुख्य अतिथि रवाना हो गईं।
Apnivani की बात
डुमरांव कृषि महाविद्यालय का यह आयोजन इस बात का सबूत है कि जब प्रशासन, शिक्षा और युवा अनुशासन (NCC) एक साथ मिलते हैं, तो समाज को एक बहुत ही मजबूत संदेश जाता है। आज लगाए गए ये पौधे कल सिर्फ इस कॉलेज को ही नहीं, बल्कि पूरे समाज को एक ‘ग्रीन और क्लीन’ भविष्य की छांव देंगे। जय हिंद!