ChatGPT Down: अमेरिका में हजारों यूजर्स के लिए ठप हुआ चैटजीपीटी, ‘Unusual Activity’ एरर से लोग परेशान

ChatGPT Down

4 फरवरी, 2026: दुनिया के सबसे लोकप्रिय एआई चैटबॉट, ChatGPT ने आज अमेरिका में एक बड़ा तकनीकी संकट झेलना पड़ा। सुबह से ही हजारों यूजर्स ने रिपोर्ट किया कि वे अपनी चैट हिस्ट्री एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं और न ही नए प्रॉम्प्ट्स का जवाब मिल रहा है। OpenAI ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार किया है कि उनके सिस्टम में कुछ तकनीकी खामियां आई हैं, जिसे ठीक करने के लिए उनकी इंजीनियरिंग टीम जुटी हुई है।

ChatGPT Down
अमेरिका में हजारों यूजर्स के लिए ठप हुआ चैटजीपीटी

आउटेज की शुरुआत और डाउनडिटेक्टर की रिपोर्ट

आज दोपहर (EST) के करीब, Downdetector पर अचानक रिपोर्ट्स की बाढ़ आ गई। आंकड़ों के मुताबिक, पीक समय में 13,000 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस ठप होने की शिकायत दर्ज कराई। इसमें सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र न्यूयॉर्क, वॉशिंगटन और कैलिफोर्निया जैसे बड़े बिजनेस हब रहे। यूजर्स को स्क्रीन पर ‘Something went wrong’ या ‘Our systems have detected unusual activity’ जैसे मैसेज दिखाई दे रहे थे।

कामकाज पर पड़ा बुरा असर

चैटजीपीटी के डाउन होने से न केवल व्यक्तिगत यूजर्स, बल्कि बड़ी कंपनियों के ऑपरेशन्स भी प्रभावित हुए हैं। 2026 में एआई पर बढ़ती निर्भरता के कारण, कोडिंग, कंटेंट क्रिएशन और डेटा एनालिसिस का काम पूरी तरह रुक गया। कई डेवलपर्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि एआई के बिना उनका ‘वर्कफ्लो’ पूरी तरह से चरमरा गया है।

OpenAI की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्टेटस

OpenAI ने अपनी Status Page पर अपडेट जारी करते हुए बताया कि उन्हें “Elevated Error Rates” की समस्या का पता चला है। कंपनी के अनुसार, यह समस्या चैटजीपीटी के साथ-साथ उनके API प्लेटफॉर्म को भी प्रभावित कर रही है। हालांकि, दोपहर 4:30 बजे तक रिपोर्ट की संख्या गिरकर 300 के करीब आ गई थी, लेकिन सर्विस पूरी तरह सामान्य होने में अभी वक्त लग सकता है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे ‘मिटिगेशन’ (सुधार प्रक्रिया) लागू कर रहे हैं और जल्द ही 100% अपटाइम बहाल कर दिया जाएगा।

यूजर्स क्या करें? (वैकल्पिक उपाय)

अगर आपका भी चैटजीपीटी काम नहीं कर रहा है, तो आप निम्नलिखित कदम उठा सकते हैं:

• Browser Cache Clear करें: कई बार पुरानी कुकीज के कारण एरर आता है।

• VPN का उपयोग: अगर समस्या किसी विशेष क्षेत्र में है, तो VPN के जरिए लोकेशन बदलकर प्रयास करें।

• वैकल्पिक टूल्स: फिलहाल आप Google Gemini, Claude या Microsoft Copilot का इस्तेमाल बैकअप के तौर पर कर सकते हैं।

• लॉग आउट और लॉग इन: एक बार अकाउंट लॉग आउट करके दोबारा साइन-इन करना भी कारगर साबित हो सकता है।

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अमेरिका में हजारों यूजर्स के लिए ठप हुआ चैटजीपीटी

भविष्य की चुनौती: क्या इन्फ्रास्ट्रक्चर कमजोर पड़ रहा है?

विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे एआई मॉडल्स (जैसे GPT-5.2) भारी होते जा रहे हैं, सर्वर पर दबाव बढ़ रहा है। हाल ही में एप्पल के साथ हुए इंटीग्रेशन और कोडर्स के बीच बढ़ती मांग ने OpenAI के सर्वर कैपेसिटी को चुनौती दी है। भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए कंपनी को अपने डेटा सेंटर्स और क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर को और अधिक मजबूत बनाना होगा।

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Nothing Phone 4a Pro: 4 साल तक खराब नहीं होगी बैटरी! 2026 में लॉन्च से पहले जानें ये 5 बड़े राज़

Nothing phone 4a pro

Nothing phone 4a pro स्मार्टफोन की भीड़ में अगर कोई ब्रांड अपनी अलग पहचान बनाने में कामयाब रहा है, तो वो है कार्ल पेई का ‘नथिंग’ (Nothing)। हमेशा कुछ हटकर करने वाली यह कंपनी अब अपने मिड-रेंज पोर्टफोलियो को और मजबूत करने की तैयारी कर चुकी है।

हाल ही में लीक हुई खबरों ने टेक प्रेमियों की धड़कनें तेज कर दी हैं। खबर पक्की है कि कंपनी Nothing Phone 4a Pro पर काम कर रही है और इस बार मामला सिर्फ डिजाइन का नहीं, बल्कि ‘लंबे समय तक चलने वाली परफॉरमेंस’ का है। क्या आप भी एक ऐसा फोन ढूंढ रहे हैं जो स्टाइलिश भी हो और टिकाऊ भी? तो आइए जानते हैं इस आने वाले फोन की पूरी कुंडली।

लॉन्च डेट: मार्च का इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा?

टेक जगत में हलचल तब शुरू हुई जब एक नया मॉडल नंबर A069P भारतीय BIS सर्टिफिकेशन साइट और यूरोपीय डेटाबेस पर देखा गया। जानकारों का मानना है कि यह और कोई नहीं, बल्कि नथिंग का बहुप्रतीक्षित ‘फोन 4a प्रो’ है।

आमतौर पर नथिंग अपने फोन्स मार्च में लाता है, लेकिन इस बार कहानी बदल सकती है। जिस तरह से सर्टिफिकेशन सामने आए हैं, कयास लगाए जा रहे हैं कि यह फोन जनवरी 2026 के अंत या फरवरी की शुरुआत में ही लॉन्च हो सकता है।

Nothing phone 4a pro
apnivani

बैटरी: एक बार लो, 4 साल की छुट्टी

स्मार्टफोन यूजर्स की सबसे बड़ी चिंता बैटरी लाइफ होती है और नथिंग ने इस बार इसी दुखती रग परहाथ रखा है। लीक्स के मुताबिक, Phone 4a Pro में 5,080mAh की बैटरी दी जाएगी। सुनने में यह नंबर साधारण लग सकता है, लेकिन असली जादू इसके ‘लाइफस्पैन’ में है।

  • 1400 चार्ज साइकिल्स: यह बैटरी 1,400 बार चार्ज करने के बाद भी अपनी 80% क्षमता बचाए रखेगी।
  • 4 साल का साथ: इसका सीधा मतलब है कि अगर आप रोज एक बार फोन चार्ज करते हैं, तो भी 4 साल तक बैटरी नई जैसी परफॉरमेंस देगी।
  • साथ में 50W की फास्ट चार्जिंग भी मिलेगी जो आपकी भागदौड़ भरी जिंदगी को आसान बना देगी।

डिजाइन और मजबूती: अब बारिश से डर नहीं

नथिंग का मतलब ही है यूनिक डिजाइन। इस फोन में कंपनी का सिग्नेचर ट्रांसपेरेंट बैक और चमकने वाली ग्लिफ लाइट्स (Glyph Lights) तो होंगी ही, लेकिन इस बार मजबूती पर भी पूरा जोर दिया गया है।

  • IP65 रेटिंग: इस फोन को IP65 रेटिंग मिलने के संकेत हैं। पिछले मॉडल (IP64) के मुकाबले यह एक जरूरी सुधार है।
  • फायदा: चाहे धूल भरी आंधी हो या अचानक आई बारिश की बौछारें, आपका फोन सुरक्षित रहेगा।

हालाँकि, एक छोटी सी कमी भी सामने आई है। इसका रिपेयरेबिलिटी स्कोर ‘C’ ग्रेड के आसपास है, जिसका मतलब है कि अगर फोन खराब हुआ, तो इसके पार्ट्स को ठीक कराना थोड़ा मुश्किल हो सकता है।

Nothing phone
Nothing

परफॉरमेंस: मक्खन जैसी स्पीड

दिखावे के साथ-साथ इस फोन में दिमाग भी तेज है।

  • प्रोसेसर: इसमें Snapdragon 7s Gen 4 या इसके बराबर का कोई दमदार प्रोसेसर होने की उम्मीद है।
  • रैम और स्टोरेज: 12GB तक की RAM और तेज़ UFS 3.1 स्टोरेज के साथ, मल्टीटास्किंग और गेमिंग में यह फोन मक्खन की तरह चलेगा।
  • डिस्प्ले: नथिंग डिस्प्ले में कोई समझौता नहीं करेगा। इसमें 6.77-इंच की AMOLED स्क्रीन होगी जो 120Hz या 144Hz रिफ्रेश रेट के साथ आएगी।

सबसे अच्छी बात यह है कि कंपनी इस पर 5 साल तक के सिक्योरिटी अपडेट्स देने का मन बना चुकी है, यानी आपका फोन पुराना होकर भी सुरक्षित रहेगा।

कीमत: क्या यह आपकी जेब में फिट होगा?

भारतीय बाजार हमेशा से कीमत को लेकर संवेदनशील रहा है। लीक्स इशारा कर रहे हैं कि Nothing Phone 4a Pro की कीमत भारत में ₹30,000 से ₹35,000 के बीच हो सकती है। वहीं, अगर आप थोड़ा सस्ता विकल्प चाहते हैं, तो इसका बेसिक वर्जन (Phone 4a) ₹25,000 के आसपास सिमट सकता है। अगर नथिंग इस कीमत पर ये फीचर्स देने में कामयाब रहता है, तो यह OnePlus और iQOO जैसे ब्रांड्स के लिए बड़ी सिरदर्दी बन सकता है।

ApniVani का फ़ैसला : खरीदें या नहीं?

कुल मिलाकर, Nothing Phone 4a Pro उन लोगों के लिए एक बेहतरीन पैकेज साबित हो सकता है जो स्टाइल के साथ-साथ टिकाऊपन और अच्छी बैटरी लाइफ की तलाश में हैं। अगर आप 4 साल तक फोन न बदलने वाले यूजर हैं, तो यह फोन आपके लिए है। अब बस इंतजार है नथिंग की आधिकारिक घोषणा का।

आपकी राय: क्या आप ₹30,000 देकर एक ‘ट्रांसपेरेंट’ फोन लेना पसंद करेंगे? कमेंट में जरूर बताएं!

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Redmi Note 15 Pro Series: 200MP कैमरा और 6500mAh बैटरी का तूफान! 5 वजहें जो इसे बनाती हैं ‘Mid-Range King’

Redmi note 15 pro

स्मार्टफोन की दुनिया में जब भी ‘वैल्यू फॉर मनी’ की बात होती है, Xiaomi की ‘Note’ सीरीज का नाम सबसे ऊपर आता है। लेकिन इस बार कंपनी ने सिर्फ एक अपडेट नहीं, बल्कि मिड-रेंज मार्केट में तहलका मचाने की तैयारी कर ली है।
जी हां, Redmi Note 15 Pro Series लॉन्च के लिए तैयार है और इसके फीचर्स देखकर अच्छे-अच्छे फ्लैगशिप फोन्स के पसीने छूट जाएंगे। चाहे वो 200MP का कैमरा हो या 6580mAh की विशाल बैटरी, इस बार Xiaomi रुकने के मूड में नहीं है।

अगर आप नया फोन लेने की सोच रहे हैं, तो रुकिए! 29 जनवरी 2026 को आ रहे इस फोन की ये डिटेल्स जानना आपके लिए बहुत जरूरी है।

डिस्प्ले: शीशा नहीं, चट्टान है ये!

सबसे पहले बात करते हैं स्क्रीन की, जो फोन की जान होती है। Redmi Note 15 Pro 5G में 6.83-इंच की 1.5K AMOLED स्क्रीन दी गई है।

  • चमक ऐसी कि धूप भी हार जाए: इसकी सबसे बड़ी खूबी है 3200 nits की पीक ब्राइटनेस। यानी कड़ी धूप में भी आपको स्क्रीन पर हाथ रखकर देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सब कुछ क्रिस्टल क्लियर दिखेगा।
  • टूटेगा नहीं: अक्सर फोन गिरने पर दिल टूट जाता है, लेकिन Xiaomi ने पहली बार इसमें Xiaomi Dragon Crystal Glass का कवच लगाया है। यह सामान्य ग्लास से कई गुना ज्यादा मजबूत है, जो इसे गिरने पर टूटने से बचाता है।
Resmi note 15 pro series
Mi

कैमरा: 200MP का जादुई लेंस

फोटोग्राफी के दीवानों के लिए यह फोन किसी सपने से कम नहीं है।इस सीरीज में 200MP का मुख्य कैमरा (OIS के साथ) दिया गया है।

  • रात में भी दिन: OIS (Optical Image Stabilization) होने का मतलब है कि अगर आपका हाथ हिल भी रहा है या रोशनी कम है, तो भी फोटो एकदम साफ और स्थिर आएगी।
  • सेल्फी: वीडियो कॉल और इंस्टाग्राम रील्स के लिए इसमें 20MP का फ्रंट कैमरा मौजूद है।

परफॉरमेंस: गेमर्स के लिए ‘मक्खन’

फोन के अंदर क्या है? इसमें लगा है MediaTek Dimensity 7400-Ultra प्रोसेसर।
यह 4nm टेक्नोलॉजी पर बना है, जिसका सीधा मतलब है— सुपरफास्ट स्पीड और कम बैटरी की खपत।

  • मल्टीटास्किंग का बॉस: चाहे आप हाई-ग्राफिक्स वाले गेम्स खेलें या एक साथ 10 ऐप्स चलाएं, यह फोन गर्म नहीं होगा और न ही लैग करेगा।
  • स्टोरेज की कमी नहीं: इसमें 12GB रैम और 512GB तक की स्टोरेज का ऑप्शन मिलता है, तो फोटो-वीडियो डिलीट करने की टेंशन खत्म।

बैटरी: जो खत्म होने का नाम न ले

Xiaomi ने इस बार बैटरी के मामले में सचमुच ‘मैसिव’ (Massive) बदलाव किया है।
जहां बाकी कंपनियां 5000mAh पर अटकी हैं, Redmi Note 15 Pro Series में 6500mAh से लेकर 6580mAh तक की बैटरी दी गई है।

  • चार्जिंग की रफ़्तार: Pro+ मॉडल में 90W की टर्बो चार्जिंग है। आप बस चाय पीजिए, तब तक आपका फोन फुल चार्ज होकर तैयार मिलेगा।
  • पानी से डर नहीं: सबसे खास बात यह है कि यह फोन IP69K रेटिंग के साथ आता है। इसका मतलब है कि यह सिर्फ पानी की बूंदों से ही नहीं, बल्कि तेज़ पानी की बौछार और धूल से भी पूरी तरह सुरक्षित है।
Redmi note 15 pro
Mi

भारत में कीमत और उपलब्धता

अब आते हैं सबसे बड़े सवाल पर— जेब पर कितना भारी पड़ेगा?
भारत में यह सीरीज 29 जनवरी 2026 के आसपास लॉन्च होने की उम्मीद है।
कीमतों का अनुमान कुछ इस प्रकार है:

  • Redmi Note 15 Pro: लगभग ₹22,999 से ₹25,000 के बीच।
  • Redmi Note 15 Pro+ (प्रीमियम): लगभग ₹33,000 से ₹37,000 के बीच।

आप इसे Amazon, Flipkart और Mi.com से खरीद सकेंगे। यह ‘Silver Ash’ और ‘Glacier Blue’ जैसे शानदार रंगों में उपलब्ध होगा।

ApniVani का फैसला: खरीदें या इंतज़ार करें?

अगर आप एक ऐसा फोन ढूंढ रहे हैं जो 25-30 हज़ार की रेंज में फ्लैगशिप लेवल का कैमरा और कभी न खत्म होने वाली बैटरी दे, तो Redmi Note 15 Pro आपके लिए बेस्ट चॉइस है। इसका IP69K रेटिंग वाला फीचर इसे इस प्राइस रेंज में सबसे ड्यूरेबल (टिकाऊ) फोन बनाता है।

आपकी राय:

क्या आप 200MP कैमरे के लिए इस फोन को खरीदना चाहेंगे? कमेंट में ‘Yes’ या ‘No’ लिखकर बताएं!

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WhatsApp Paid? क्या अब चैट करने के पैसे लगेंगे? ये 5 ‘फ्री और सुरक्षित’ Apps हैं WhatsApp के असली विकल्प

WhatsApp subscription model and alternatives

सुबह उठते ही सबसे पहले हम क्या चेक करते हैं? WhatsApp! लेकिन क्या हो अगर कल सुबह आपको वॉट्सऐप खोलने पर एक मैसेज मिले— “कृपया आगे चैट करने के लिए सब्सक्रिप्शन लें”?

सुनने में ही ये अजीब लगता है, है न? पिछले कुछ दिनों से टेक जगत में यह खबर बहुत ज्यादाफैल रही है कि वॉट्सऐप अब “Subscription model” (पैसे देकर सेवा) की तरफ बढ़ रहा है। मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) अब वॉट्सऐप से कमाई करने के मूड में है।

आज की इस रिपोर्ट में हम जानेंगे कि आखिर सच क्या है? क्या आम आदमी के लिए सामान्य मैसेज भेजना भी महंगा हो जाएगा? और अगर वॉट्सऐप पैसे मांगेगा, तो हमारे पास वो 5 कौन से फ्री और सिक्योर रास्ते (Alternatives) हैं, जो वॉट्सऐप से भी बेहतर हैं?

WhatsApp Subscription Model: सच क्या है और झूठ क्या?

सबसे पहले डरना बंद करते हैं। वॉट्सऐप ने अभी तक यह नहीं कहा है कि “मैसेज भेजने” के पैसे लगेंगे। लेकिन, “WhatsApp Premium” की चर्चा जोरों पर है।

क्या-क्या बदल सकता है? (आने वाले संभावित बदलाव):

अगर सब्सक्रिप्शन मॉडल पूरी तरह लागू हुआ, तो फ्री यूजर्स के लिए ये चीजें लिमिटेड (Limited) हो सकती हैं:

  • क्लाउड बैकअप: अभी जो आप अनलिमिटेड चैट बैकअप गूगल ड्राइव पर डालते हैं, उस पर रोक लग सकती है। फ्री में शायद सिर्फ टेक्स्ट बैकअप मिले, फोटो-वीडियो के लिए पैसे देने पड़ें।
  • फाइल शेयरिंग: बड़ी फाइलें (जैसे 2GB की मूवी) भेजने की सुविधा सिर्फ ‘प्रीमियम’ यूजर्स को मिल सकती है।
  • बिजनेस फीचर्स: अगर आप वॉट्सऐप बिजनेस चलाते हैं, तो एक ही अकाउंट को 10 जगह लॉग-इन करने के लिए पैसे देने होंगे।
  • मल्टी-डिवाइस: एक साथ 4 फोन में वॉट्सऐप चलाने की सुविधा पेड हो सकती है।

WhatsApp paid

आम यूजर पर असर:

राहत की बात यह है कि साधारण बातचीत (Texting & Calling) अभी फ्री रहने की उम्मीद है। लेकिन, मेटा जिस तरह फेसबुक और इंस्टाग्राम पर ‘Blue Tick’ के पैसे मांग रहा है, वॉट्सऐप का भविष्य भी ‘फ्रीमियम’ (Freemium) मॉडल जैसा दिख रहा है— थोड़ा फ्री, बाकी के लिए पैसा!

अगर वॉट्सऐप ‘लालची’ हुआ, तो हम कहाँ जाएं? (Top 5 Alternatives)

अगर आपको लगता है कि आपकी प्राइवेसी पे बात आ सकती है या आप भविष्य में पैसे नहीं देना चाहते, तो ये 5 ऐप्स आपके लिए ‘संजीवनी बूटी’ हैं। ये न सिर्फ फ्री हैं, बल्कि सुरक्षा के मामले में वॉट्सऐप से बहुत आगे हैं।

Signal (सिग्नल) – सुरक्षा का ‘गोल्ड स्टैंडर्ड’

जब मैसेजिंग ऐप में प्राइवेसी की बात होती है, तो एडवर्ड स्नोडेन और एलन मस्क इसी ऐप की बात करते हैं।

  • खासियत: यह दुनिया का सबसे सिक्योर ऐप माना जाता है। वॉट्सऐप भी इसी का एन्क्रिप्शन (Signal Protocol) यूज करता है।
  • फायदा: यह Non-Profit है। मतलब यह कंपनी न आपसे पैसे मांगती है, न आपका डेटा बेचती है। इसमें कोई ट्रैकर नहीं है।
  • क्यों चुनें: अगर प्राइवेसी आपकी पहली पसंद है।

Telegram (टेलीग्राम) – फीचर्स का खजाना

यह वॉट्सऐप का सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी है।

  • खासियत: इसमें आप 2GB नहीं, बल्कि उससे भी बड़ी फाइलें भेज सकते हैं। इसके ‘Channels’ और ‘Bots’ कमाल के हैं।
  • फायदा: यह क्लाउड-बेस्ड है, यानी आपका फोन खो भी जाए, तो दूसरे फोन में लॉग-इन करते ही सारी चैट वापस मिल जाएगी।
  • कमी: इसमें End-to-End Encryption बाय-डिफ़ॉल्ट ऑन नहीं होता, आपको ‘Secret Chat’ ऑप्शन चुनना पड़ता है।

Session (सेशन) – जासूसों वाला ऐप!

अगर आप चाहते हैं कि किसी को (यहां तक कि सरकार या हैकर्स को) पता न चले कि आप कौन हैं, तो यह ऐप आपके लिए है।

  • खासियत: इसे चलाने के लिए फोन नंबर की भी जरूरत नहीं है। बस एक ID मिलती है।
  • फायदा: यह आपके IP एड्रेस को छिपा लेता है (Onion Routing का इस्तेमाल करके)।
    क्यों चुनें: अगर आपको 100% गोपनीयता (privacy) चाहिए।

Arratai Vs whatsapp

Arratai (अराटाई) – गर्व से कहो ‘मेड इन इंडिया’

अगर आप विदेशी कंपनियों (जैसे WhatsApp/Facebook) को अपना डेटा नहीं देना चाहते, तो यह भारतीय ऐप आपके लिए ही बना है।

  • खासियत: इसे चेन्नई की मशहूर टेक कंपनी Zoho ने बनाया है। यह पूरी तरह से फ्री (Free) है और इसका इंटरफेस वॉट्सऐप जैसा ही आसान है।
  • सुरक्षा: पहले इसमें यह कमी थी, लेकिन अब इसमें भी End-to-End Encryption आ चुका है। यानी आपकी चैट और कॉल पूरी तरह गुप्त (Private) रहती हैं।
  • क्यों चुनें: सबसे बड़ा कारण—यह अपना ‘देसी’ ऐप है। यह तेज़ है, सुरक्षित है और वॉट्सऐप की तरह ही वॉइस/वीडियो कॉल और डॉक्यूमेंट शेयरिंग की सुविधा देता है, वो भी बिना एक पैसा लिए।

Element (एलीमेंट) – अपना सर्वर

यह थोड़ा टेक्निकल है लेकिन बहुत दमदार है।

  • खासियत: यह डिसेंट्रलाइज्ड (Decentralized) है। इसका कोई एक मालिक नहीं है।
  • फायदा: अगर आप वॉट्सऐप जैसे किसी ‘मालिक’ के भरोसे नहीं रहना चाहते, तो यह बेस्ट है। यह ‘Matrix’ नेटवर्क पर काम करता है।

ApniVani की राय: क्या स्विच करने का समय आ गया है?

अभी पैनिक करने की जरूरत नहीं है। वॉट्सऐप अभी पूरी तरह पेड नहीं हो रहा है। लेकिन समझदारी इसी में है कि आप Signal या Arratai जैसा एक बैकअप ऐप अपने फोन में जरूर रखें।
मेटा (Meta) एक बिजनेस है, और देर-सबेर वह अपनी मुफ्त सेवाओं की कीमत जरूर वसूलेगा। जब वह दिन आएगा, तब हड़बड़ी में चैट बैकअप लेने से बेहतर है कि हम आज से ही विकल्पों (Alternatives) की आदत डाल लें।

आपकी बारी: क्या आप वॉट्सऐप के लिए महीने के ₹50-₹100 देने को तैयार हैं? या आप Signal पर शिफ्ट हो जाएंगे? कमेंट में अपनी राय जरूर लिखें!

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Motorola Signature vs Realme 16: कौन है असली किंग? 2026 में फोन लेने से पहले जानें ये 5 बड़े फर्क

Motorola signature Vs Real 16 series

साल 2026 की शुरुआत होते ही स्मार्टफोन बाजार में मुक़ाबला बढ़ गया है। एक तरफ Motorola है, जो अपने “Signature Design” (पेंटोन कलर्स और लेदर फिनिश) के साथ यूजर्स के स्टाइल को एक aura दे रहा है। वहीं दूसरी तरफ Realme 16 Series ने एंट्री मारी है, जो अपने कैमरा और प्रोसेसर के दम पर युवाओं को आकर्षित कर रहा है।

अगर आप कन्फ्यूज हैं कि मोटो का ‘प्रीमियम लुक’ चुनें या रियलमी की ‘रॉ पावर’, तो यह पोस्ट आपके लिए है। आज हम Motorola Edge ‘Signature’ Edition और Realme 16 Pro की सीधी टक्कर कराएंगे।

Results आपका दिमाग हिला देंगे –

डिज़ाइन (Design): मोटो का ‘सिग्नेचर’ या रियलमी का ‘ग्लॉस’?

Motorola: मोटो जिसे “Signature Series” कह रहा है, वह असल में उनका Vegan Leather और Wood Finish वाला डिज़ाइन है। हाथ में लेते ही यह फोन लाखों का लगता है। यह पतला है, हल्का है और इसके ‘Pantone Curated Colors’ इसे भीड़ से अलग बनाते हैं। साथ ही, इसमें IP68 रेटिंग मिलती है, जो मोटो का सिग्नेचर फीचर बन गया है।

Realme 16: रियलमी ने अपनी पुरानी डिजाइन को थोड़ा बदला है। पीछे बड़ा गोल कैमरा मॉड्यूल है और ग्लॉसी फिनिश है। यह दिखने में अच्छा है, लेकिन मोटो के लेदर फिनिश के सामने थोड़ा ‘प्लास्टिक’ जैसा लग सकता है।

विजेता: Motorola (प्रीमियम फील के लिए)।

Motorola signature
Motorola

डिस्प्ले (Display): 144Hz का जादू Vs ब्राइटनेस !

Motorola: मोटो अपनी परंपरा को निभाते हुए 144Hz pOLED Curved Display दे रहा है। अगर आप स्क्रॉलिंग के दीवाने हैं, तो मक्खन जैसी स्मूथनेस मिलेगी। इसका कर्व्ड डिस्प्ले इसे और भी महंगा लुक देता है।

Realme 16: यहाँ आपको 120Hz AMOLED पैनल मिलता है। हालांकि रिफ्रेश रेट थोड़ा कम है, लेकिन रियलमी ने इस बार Brightness (चमक) पर काम किया है। धूप में रियलमी की विजिबिलिटी थोड़ी बेहतर हो सकती है।

विजेता: Tie (टाई) – स्मूथनेस के लिए मोटो, रोज के उपयोग के लिए रियलमी।

कैमरा (Camera): नेचुरल या इंस्टाग्राम रेडी?

Realme 16: रियलमी को पता है कि इंडियन यूथ को क्या चाहिए। इसका कैमरा थोड़ा Boosted Colors (चटक रंग) देता है। फोटो खींचिए और बिना एडिट किए इंस्टाग्राम पर डाल दीजिए। साथ ही, इसका Zoom फीचर मोटो से बेहतर डीटेल पकड़ता है।

Motorola: मोटो का कैमरा “Natural Colors” पर फोकस करता है। अगर चेहरे पर दाग है, तो वो दिखेगा। मोटो ने AI सुधारा है, लेकिन कम रोशनी (Low Light) में यह अभी भी रियलमी से थोड़ा पीछे रह जाता है।

विजेता: Realme 16 (अगर आप सोशल मीडिया लवर हैं)।

Realme 16 series
Realme

सॉफ्टवेयर (UI): सुकून बनाम फीचर्स की भीड़

Motorola (Hello UI): मोटो का सबसे बड़ा हथियार उसका सॉफ्टवेयर है। Clean Android, कोई फालतू ऐप्स नहीं, कोई गंदे एड्स (Ads) नहीं। यह फोन चलाने में बहुत हल्का और तेज लगता है। इनका ‘Smart Connect’ फीचर (PC से कनेक्ट करना) बहुत शानदार है।

Realme 16 (Realme UI 6.0): यहाँ आपको ढेरों फीचर्स मिलते हैं, कस्टमाइजेशन मिलता है, लेकिन साथ में आते हैं ढेर सारे Bloatware (फालतू ऐप्स) और कभी-कभी नोटिफिकेशन वाले एड्स।

विजेता: Motorola (साफ-सुथरे अनुभव के लिए)।

परफॉरमेंस और बैटरी

Realme 16: रियलमी हमेशा परफॉरमेंस पर खेलता है। इसमें लगा प्रोसेसर (संभावित Dimensity या Snapdragon की नई चिप) गेमिंग के दौरान मोटो से बेहतर फ्रेम रेट देता है। इसकी Fast Charging (शायद 100W+) मोटो (68W/125W) से थोड़ी तेज है।

Motorola: यह रोज के टास्क के लिए बहुत अच्छा है, लेकिन अगर आप हार्डकोर गेमर हैं, तो फोन थोड़ा गर्म (Heat) हो सकता है, खासकर इसके पतले डिज़ाइन के कारण।

ApniVani का फैसला: आपको कौन सा लेना चाहिए?

Motorola Signature (Edge Series) खरीदें अगर:

  • आपको फोन का Look और Feel सबसे ज्यादा मैटर करता है।
  • आपको साफ-सुथरा सॉफ्टवेयर चाहिए (No Ads)।
  • आपको Waterproof (IP68) फोन चाहिए।
  • आप ऑफिस या प्रोफेशनल यूज़ के लिए फोन ले रहे हैं।

Realme 16 खरीदें अगर:

  • आप Gamer हैं।
  • आपको फोटो खींचकर तुरंत सोशल मीडिया पर डालना पसंद है (Camera)।
  • आपको सुपर-फास्ट चार्जिंग चाहिए।
  • आप फोन पर बहुत ज्यादा मल्टीटास्किंग करते हैं।

मेरी राय: अगर मैं अपनी टेबल पर एक फोन रखूं जो लोगों का ध्यान खींचे, तो वह Motorola होगा। लेकिन अगर मुझे PUBG/BGMI खेलना हो, तो मैं Realme उठाऊंगा।

आपकी पसंद? आप फोन में क्या देखते हैं— Design या Performance? कमेंट करके जरूर बताएं!

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Alert: 16 साल से छोटे बच्चों के लिए Instagram-YouTube सब बंद! भारत के इस राज्य ने तैयार किया ‘Social media Blackout’ कानून, जानें 5 बड़ी बातें

Social media banned

अगर आपका बच्चा भी स्कूल से आते ही बैग फेंककर सबसे पहले Instagram पर रील स्क्रॉल करता है या घंटों YouTube और Snapchat पर चिपका रहता है, तो यह खबर आपके लिए किसी झटके से कम नहीं है।
भारत में पहली बार एक राज्य सरकार ऐसा कड़ा कानून लाने जा रही है, जो आपके बच्चों की डिजिटल दुनिया में ‘ताला’ लगा देगा। जी हाँ, प्रस्ताव के मुताबिक, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए Social media का इस्तेमाल पूरी तरह गैर-कानूनी (Illegal) हो सकता है।
न अकाउंट बना सकेंगे, न चला सकेंगे। लेकिन यह कानून कौन सा राज्य ला रहा है? और क्या यह वाकई संभव है? क्या ऑस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी डिजिटल स्ट्राइक होने वाली है? आइए, इस रिपोर्ट में सब कुछ विस्तार से जानते हैं।

Image andhra pradesh cm
credit – india today

वो कौन सा राज्य है जो कर रहा है ये ‘बड़ी तैयारी’?

सस्पेंस खत्म करते हैं। बच्चों की मेंटल हेल्थ को बचाने के लिए यह क्रांतिकारी पहल करने वाला राज्य है— आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh)।
राज्य के आईटी मंत्री और मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश (Nara Lokesh) ने हाल ही में दावोस (Davos) में चल रहे विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum) की बैठक में इसका बड़ा संकेत दिया है।

नारा लोकेश ने मीडिया से साफ कहा:

“एक तय उम्र से कम के बच्चों को सोशल मीडिया पर नहीं होना चाहिए। वे वहां जो देखते-सुनते हैं, उसे सही ढंग से समझ नहीं पाते। सही और गलत का फर्क करना उनके लिए मुश्किल होता है। इसलिए अब एक मजबूत कानूनी ढांचे की जरूरत है।”

ऑस्ट्रेलिया मॉडल: कहाँ से आया यह आइडिया?

आंध्र प्रदेश सरकार यह कानून हवा में नहीं बना रही, बल्कि इसके पीछे एक ठोस ग्लोबल रिसर्च है। नारा लोकेश ने बताया कि वे ऑस्ट्रेलिया (Australia) के नए कानून की स्टडी कर रहे हैं।

ऑस्ट्रेलिया में क्या हुआ?

आपको बता दें कि ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश बन गया है जिसने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा दिया है। वहां की सरकार ने इसे बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए ‘जहर’ माना है। अगर सोशल मीडिया कंपनियां (जैसे Meta, TikTok) इसे रोकने में फेल होती हैं, तो उन पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
अब आंध्र प्रदेश सरकार इसी मॉडल को भारत में लागू करने की फिराक में है।

कौन-कौन से ऐप्स हो सकते हैं बंद? (The Ban List)

अगर यह कानून आंध्र प्रदेश में लागू होता है (और बाद में शायद पूरे देश में), तो 16 साल से कम उम्र के बच्चों की पहुंच इन लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स से खत्म हो जाएगी:

  • Instagram & Facebook: रील और पोस्ट्स की दुनिया बंद।
  • YouTube: सबसे बड़ा झटका, क्योंकि बच्चे सबसे ज्यादा वक्त यहीं बिताते हैं।
  • Snapchat & X (Twitter): चैटिंग और ओपिनियन शेयरिंग बंद।
  • TikTok: (भारत में पहले से बैन है, लेकिन ग्लोबल स्तर पर यह भी इसमें शामिल है)।
    नया अकाउंट तो बनेगा ही नहीं, साथ ही जो पुराने अकाउंट्स चल रहे हैं, उन्हें भी वेरीफिकेशन के जरिए बंद किया जा सकता है।

आखिर सरकार को इतना सख्त कदम क्यों उठाना पड़ा?

यह फैसला सिर्फ मनमानी नहीं है, इसके पीछे के आंकड़े डराने वाले हैं। रिसर्च बताती है कि सोशल मीडिया बच्चों को मानसिक और शारीरिक रूप से बीमार बना रहा है:

  • डिप्रेशन और एंग्जाइटी: इंस्टाग्राम पर दूसरों की ‘परफेक्ट लाइफ’ देखकर बच्चों में हीन भावना (Inferiority Complex) आ रही है।
  • नींद की कमी: देर रात तक चैटिंग और स्क्रॉलिंग से बच्चों की नींद और पढ़ाई बर्बाद हो रही है।
    साइबर बुलिंग (Cyberbullying): ऑनलाइन छेड़छाड़ और ब्लैकमेलिंग के मामले बढ़ रहे हैं, जिससे कई बार बच्चे आत्महत्या जैसा कदम उठा लेते हैं।
  • पोर्नोग्राफी और हिंसा: कम उम्र में बच्चे ऐसी सामग्री (Content) के संपर्क में आ रहे हैं जो उनके दिमाग को प्रदूषित कर रही है।
Many social media
credit – unsplash

चुनौतियां: क्या यह भारत में लागू हो पाएगा? (Analysis)

इरादा नेक है, लेकिन भारत जैसे देश में इसे लागू करना ‘लोहे के चने चबाने’ जैसा है।
उम्र की पुष्टि (Age Verification): सरकार कैसे पता लगाएगी कि फोन चलाने वाला बच्चा है या बड़ा? क्या आधार कार्ड लिंक करना होगा? इससे प्राइवेसी (Privacy) का खतरा बढ़ सकता है।
VPN का इस्तेमाल: आज के बच्चे टेक्नोलॉजी में बड़ों से आगे हैं। वे VPN या माता-पिता के नाम से आईडी बनाकर कानून को चकमा दे सकते हैं।
माता-पिता का सहयोग: सबसे बड़ी चुनौती यह है कि क्या भारतीय माता-पिता खुद अपनी आईडी बच्चों को देना बंद करेंगे?

कड़वी दवा, लेकिन जरूरी इलाज

आंध्र प्रदेश की यह पहल एक बहस का विषय जरूर है, लेकिन इसे नकारा नहीं जा सकता। जिस तरह हम बच्चों को शराब या सिगरेट नहीं देते क्योंकि वो उनके लिए हानिकारक है, उसी तरह आज का सोशल मीडिया भी किसी ‘डिजिटल नशे’ से कम नहीं है।
हो सकता है कि आने वाले समय में आंध्र प्रदेश के बाद यूपी, बिहार और दिल्ली जैसे राज्य भी इस राह पर चल पड़ें।

आपका फैसला:

एक माता-पिता या जागरूक नागरिक होने के नाते, क्या आप इस बैन का समर्थन करते हैं? क्या आपको लगता है कि 16 साल की उम्र सीमा सही है?
कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें—हां या ना?

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Zomato Founder Deepinder Goyal Resigns: CEO पद छोड़ा! अब कौन संभालेगा कमान? 5 बड़े कारण और इनसाइड स्टोरी

Deepinder goyal zomato

भारतीय स्टार्टअप जगत में आज एक बड़ी खबर ने हलचल मचा दी है। हम सबके चहेते फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato (जिसकी पेरेंट कंपनी अब Eternal Ltd है) के फाउंडर दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

जी हाँ, आपने सही पढ़ा। जिस शख्स ने 2008 में एक छोटे से कमरे से ‘Foodiebay’ की शुरुआत की थी, आज उन्होंने अपनी ही बनाई कंपनी के CEO (Chief Executive Officer) और MD (Managing Director) पद को छोड़ने का फैसला किया है। आखिर इतना बड़ा फैसला क्यों लिया गया? क्या कंपनी में सब कुछ ठीक है? और अब उनकी जगह कौन लेगा?आइए, इस पूरी खबर की गहराई में जाते हैं और जानते हैं इसके पीछे की असली वजह।

इस्तीफे की असली वजह: “खतरा उठाने का शौक”

दीपिंदर गोयल का इस्तीफा 1 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि उन्होंने ऐसा क्यों किया? शेयरधारकों (Shareholders) को लिखे एक भावुक पत्र में दीपिंदर ने इसके पीछे का कारण साफ किया है।

Deepinder goyal
Credit – The indian express

नई खोज की चाह: दीपिंदर ने कहा कि उनका मन अब “नए विचारों” (New Ideas) की तरफ ज्यादा झुक रहा है। वे ऐसे प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहते हैं जिनमें ज्यादा रिस्क (High Risk) है और बहुत कुछ नया करने की गुंजाइश है।

पब्लिक कंपनी की सीमाएं: उन्होंने माना कि Eternal (Zomato) अब एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी है। यहाँ हर कदम फूंक-फूंक कर रखना पड़ता है। लेकिन उनके नए आइडियाज इतने जोखिम भरे हैं कि उन्हें इस कंपनी के ढांचे के बाहर ही किया जा सकता है।

नई भूमिका: घबराइए मत, वे कंपनी छोड़ नहीं रहे हैं। वे अब ‘वाइस चेयरमैन’ (Vice Chairman) की भूमिका में रहेंगे और मेंटर की तरह काम करेंगे।

अब कौन संभालेगा कमान? (Meet the New Boss)

दीपिंदर गोयल के हटते ही कंपनी की बागडोर अब एक भरोसेमंद साथी के हाथ में होगी। अल्बिंदर ढींडसा (Albinder Dhindsa), जो अभी तक Blinkit के CEO थे, अब पूरी Eternal Ltd के नए Group CEO होंगे।

क्यों चुना गया उन्हें? अल्बिंदर ढींडसा ने Blinkit (क्विक कॉमर्स) को जिस तरह से घाटे से निकालकर मुनाफे की ओर मोड़ा है, उससे बोर्ड और दीपिंदर दोनों का भरोसा उन पर गहरा हुआ है। दीपिंदर का मानना है कि अल्बिंदर अब रोजमर्रा के बिजनेस (Day-to-day execution) को उनसे बेहतर संभाल सकते हैं।

दीपिंदर गोयल: IIT से ‘फूड किंग’ बनने तक का सफर

दीपिंदर की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं है। यह सिर्फ एक बिजनेस की नहीं, बल्कि एक जिद की कहानी है।

शुरुआत (2008): दीपिंदर IIT दिल्ली के छात्र थे। नौकरी के दौरान उन्होंने देखा कि लंच टाइम में लोग मेन्यू कार्ड (Menu Cards) के लिए परेशान होते हैं। बस यहीं से आइडिया आया। उन्होंने अपने दोस्त पंकज चड्ढा के साथ मिलकर ‘Foodiebay’ नाम की वेबसाइट शुरू की, जो रेस्टोरेंट्स के मेन्यू स्कैन करके डालती थी।

नाम बदलना: 2010 में उन्हें लगा कि ‘Foodiebay’ नाम ‘eBay’ जैसा लगता है और वे सिर्फ खाने तक सीमित नहीं रहना चाहते थे। इसलिए नाम बदलकर Zomato कर दिया गया।

संघर्ष: एक वक्त ऐसा भी आया जब फंड खत्म हो गया था, लेकिन दीपिंदर ने हार नहीं मानी। उन्होंने घर-घर जाकर रेस्टोरेंट्स को लिस्ट किया।

Zomato Eternal limited
Credit – Social Samosa

उपलब्धियां जो इतिहास बन गईं (Achievements)

दीपिंदर गोयल ने सिर्फ एक ऐप नहीं, बल्कि भारतीयों के खाने की आदत बदल दी। उनकी कुछ बड़ी उपलब्धियां ये हैं:

  • भारत का पहला फूड यूनिकॉर्न: Zomato भारत का पहला फूड टेक स्टार्टअप बना जिसकी वैल्यूएशन $1 बिलियन (यूनिकॉर्न) के पार गई।
  • 2021 का ऐतिहासिक IPO: जब Zomato शेयर बाजार में आया, तो उसने इतिहास रच दिया। यह भारत के सबसे सफल टेक IPO में से एक था।
  • Blinkit का अधिग्रहण: जब दुनिया “10 मिनट डिलीवरी” का मजाक उड़ा रही थी, दीपिंदर ने Blinkit (Grofers) को खरीदा। आज वही Blinkit कंपनी के मुनाफे का सबसे बड़ा इंजन बन गया है।
  • Feeding India: उन्होंने समाज सेवा में भी बड़ा काम किया। ‘फीडिंग इंडिया’ के जरिए उन्होंने लाखों गरीबों तक खाना पहुंचाया।

जाते-जाते कंपनी को दिया ‘मुनाफे’ का तोहफा

इस्तीफा देने के साथ ही दीपिंदर गोयल ने कंपनी के तिमाही नतीजे (Q3 Results) भी घोषित किए, जो शानदार रहे:

  • नेट प्रॉफिट: कंपनी का मुनाफा 73% बढ़कर 102 करोड़ रुपये हो गया है।
  • रेवेन्यू: कमाई (Revenue) में 201% की भारी उछाल आई है।

आगे क्या?

दीपिंदर गोयल का यह कदम बताता है कि एक सच्चा एंटरप्रेन्योर (Entrepreneur) कभी रुकता नहीं है। जब एक कंपनी सफल हो जाती है, तो वह अगली चुनौती ढूंढने निकल पड़ता है। अब देखना दिलचस्प होगा कि अल्बिंदर ढींडसा के नेतृत्व में Eternal (Zomato) नई ऊंचाइयों को कैसे छूता है, और दीपिंदर गोयल अपनी “नई लैब” से दुनिया के लिए क्या नया आविष्कार लेकर आते हैं।

आपकी राय: क्या आपको लगता है कि दीपिंदर के बिना Zomato का जादू बरकरार रहेगा? कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें।

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Oppo A6 5G Launch: ओप्पो ने भारत में लॉन्च किया 7000mAh बड़ी बैटरी और 50MP कैमरे वाला नया फोन, जानें कीमत

Oppo A6 5g

ओप्पो ने भारतीय स्मार्टफोन बाजार में अपना नवीनतम बजट 5G स्मार्टफोन Oppo A6 5G आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया है। यह फोन अपनी विशाल 7000mAh की दमदार बैटरी और 50MP के शानदार कैमरे के कारण तकनीकी गलियारों में काफी सुर्खियां बटोर रहा है। आपको बता दें कि यह नया मॉडल पिछले साल आए OPPO A5 5G का उत्तराधिकारी है, जिसे कंपनी ने 20 जनवरी 2026 को बाजार में उतारा है।

लॉन्च और उपलब्धता की जानकारी

Oppo A6 5G को कंपनी ने तीन आकर्षक कलर ऑप्शन्स में पेश किया है, जिनमें Sapphire Blue, Ice White और Sakura Pink शामिल हैं। उपलब्धता की बात करें तो यह स्मार्टफोन अभी OPPO India की आधिकारिक वेबसाइट पर खरीदने के लिए उपलब्ध है। लॉन्च ऑफर के तहत ग्राहकों को ₹1,000 का इंस्टेंट कैशबैक और 3 महीने की नो-कॉस्ट EMI की सुविधा भी दी जा रही है। यह सेल ऑफर चुनिंदा बैंकों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड्स पर लागू है।

Oppo A6
Credit – Oppo

वेरिएंट और कीमत

ओप्पो ने इस फोन को अलग-अलग स्टोरेज और रैम की जरूरतों को देखते हुए तीन वेरिएंट्स में पेश किया है:

  • 4GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹17,999
  • 6GB RAM + 128GB स्टोरेज: ₹19,999
  • 6GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹21,999

प्रमुख स्पेसिफिकेशन्स और परफॉर्मेंस

तकनीकी पक्ष की बात करें तो यह स्मार्टफोन MediaTek Dimensity 6300 (या 6000 सीरीज) ऑक्टा-कोर चिपसेट से लैस है। इसमें बेहतर मल्टीटास्किंग के लिए 6GB तक LPDDR4x RAM और 256GB तक UFS 2.2 स्टोरेज का विकल्प मिलता है। फोन में 6.75-इंच का HD+ LCD पैनल दिया गया है, जो यूजर को स्मूद अनुभव देने के लिए 120Hz रिफ्रेश रेट, 240Hz टच सैंपलिंग और 1125 निट्स की पीक ब्राइटनेस को सपोर्ट करता है।

Oppo A6
Credit – Oppo

कैमरा सेटअप और बैटरी लाइफ

फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए इसके रियर में ड्यूल कैमरा सेटअप दिया गया है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर (f/1.8, ऑटोफोकस के साथ) और 2MP का मोनोक्रोम लेंस (f/2.4) शामिल है। यह कैमरा सेटअप 1080p/60fps तक वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 8MP (f/2.0) का कैमरा मिलता है। इस फोन की सबसे बड़ी खासियत इसकी 7000mAh की विशाल बैटरी है, जो 45W फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है और कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज होने पर 2 दिनों तक चल सकती है।

अन्य खास फीचर्स और मुकाबला

सुरक्षा के लिहाज से फोन में IP66/IP68/IP69 रेटिंग के साथ मिलिट्री-ग्रेड डस्ट और वॉटर रेसिस्टेंस दिया गया है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है। यह स्मार्टफोन नवीनतम Android 15 ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है और बेहतरीन 5G कनेक्टिविटी प्रदान करता है। बजट सेगमेंट में इस फोन का मुकाबला मुख्य रूप से CMF Phone 2 Pro और Vivo T4x जैसे स्मार्टफोन से होने वाला है।

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क्या भारत में सच में बंद हो रहा है OnePlus? जानें वायरल हो रही इस खबर का पूरा सच

OnePlus

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और टेक गलियारों में एक खबर ने हड़कंप मचा रखा है कि OnePlus अपना बिजनेस बंद कर रहा है। चर्चा यह थी कि पैरेंट कंपनी Oppo ने अब OnePlus से किनारा कर लिया है और आने वाले समय में हमें कोई भी नया OnePlus फोन देखने को नहीं मिलेगा। लेकिन क्या वाकई एक समय के ‘फ्लैगशिप किलर’ ब्रांड का सफर खत्म हो गया है? इस पूरे मामले पर अब कंपनी की ओर से आधिकारिक सफाई आ गई है, जो करोड़ों यूजर्स के लिए राहत भरी खबर है।

अफवाहों का बाजार कैसे गर्म हुआ?

इस पूरे विवाद की शुरुआत एक इंटरनेशनल टेक वेबसाइट, एंड्रॉइड हेडलाइंस (Android Headlines) की रिपोर्ट से हुई। इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया कि भारत और चीन जैसे बड़े बाजारों में OnePlus की गिरती सेल्स को देखते हुए कंपनी अपना कामकाज समेट रही है। इतना ही नहीं, यह भी कहा गया कि OnePlus 15s और OnePlus Open 2 जैसे बड़े लॉन्च कैंसिल कर दिए गए हैं और अब सब कुछ Oppo के कंट्रोल में चला जाएगा। इस खबर के वायरल होते ही यूजर्स के बीच हड़कंप मच गया कि क्या अब उनके पुराने फोंस को अपडेट मिलेंगे या नहीं।

OnePlus

OnePlus India CEO का करारा जवाब

जैसे ही यह खबर जंगल की आग की तरह फैली, OnePlus India के CEO, रॉबिन लियू (Robin Liu) ने खुद सामने आकर इस पर पूर्णविराम लगा दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर साफ शब्दों में कहा कि OnePlus के बंद होने की सभी खबरें पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। कंपनी ने एक ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी करते हुए स्पष्ट किया कि भारत उनके लिए सबसे प्राथमिकता वाला बाजार है और यहां उनके ऑपरेशन्स पहले की तरह ही सामान्य रूप से चलते रहेंगे। उन्होंने अपने ग्राहकों और पार्टनर्स से अपील की कि वे किसी भी असत्यापित (unverified) रिपोर्ट पर भरोसा न करें।

मार्केट की मौजूदा चुनौतियां और हकीकत

भले ही कंपनी ने बंद होने की बात को अफवाह बताया हो, लेकिन यह भी सच है कि OnePlus इस समय कड़े कॉम्पिटिशन से गुजर रहा है। पिछले कुछ सालों में Oppo और OnePlus के बीच बढ़ते मेलजोल (जैसे एक जैसा सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर) के कारण कई यूजर्स को लगता है कि ब्रांड अपनी पुरानी पहचान खो रहा है। इसके साथ ही Samsung, Xiaomi और Vivo जैसी कंपनियों ने प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत की है, जिससे OnePlus के मार्केट शेयर पर थोड़ा असर जरूर पड़ा है। हालांकि, इसे ‘शटडाउन’ कहना जल्दबाजी होगी।

OnePlus

OnePlus यूजर्स के लिए इसका क्या मतलब है?

अगर आप OnePlus यूजर हैं, तो आपको डरने की कोई जरूरत नहीं है। कंपनी ने भरोसा दिलाया है कि वे भारत में अपना बिजनेस जारी रखेंगे। इसका मतलब है कि आपके फोन को पहले की तरह ही सॉफ्टवेयर अपडेट्स और सिक्योरिटी पैच मिलते रहेंगे। देशभर में फैले उनके सर्विस सेंटर्स और कस्टमर सपोर्ट भी पूरी तरह एक्टिव रहेंगे। साथ ही, कंपनी की वारंटी पॉलिसी में भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। नए फोंस की लॉन्चिंग को लेकर भी कंपनी ने सकारात्मक संकेत दिए हैं, जिससे साफ है कि आने वाले समय में नए मॉडल्स मार्केट में दस्तक देंगे।

अफवाहों से रहें दूर

संक्षेप में कहें तो OnePlus कहीं नहीं जा रहा है। ये खबरें शायद कंपनी के अंदर चल रही रिस्ट्रक्चरिंग या किसी गलतफहमी का नतीजा थीं। OnePlus आज भी भारत के सबसे चहेते प्रीमियम ब्रांड्स में से एक है और CEO के बयान के बाद यह साफ है कि कंपनी लंबे समय तक यहां टिकने वाली है। किसी भी बड़े फैसले की जानकारी हमेशा ऑफिशियल चैनल्स के माध्यम से ही दी जाती है, इसलिए घबराने के बजाय सही जानकारी का इंतजार करना ही बेहतर है।

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Samsung Galaxy S26 Ultra का इंतज़ार खत्म! फरवरी में धमाका करने आ रही है नई सीरीज, जानें फीचर्स और कीमत

Samsung Galaxy S26 Ultra

स्मार्टफोन की दुनिया में अगर किसी एक सीरीज का सबसे ज्यादा इंतज़ार होता है, तो वह है सैमसंग की ‘S’ सीरीज। टेक जगत में छाई ताजा खबरों के अनुसार, Samsung Galaxy S26 Series जल्द ही दस्तक देने वाली है। अगर आप भी एक पावरफुल स्मार्टफोन खरीदने का मन बना रहे हैं, तो यह खबर खास आपके लिए है। आइए जानते हैं इस नई सीरीज में क्या कुछ खास होने वाला है।

Samsung Galaxy S26 Ultra

कब होगा बड़ा खुलासा?

सैमसंग के चाहने वालों के लिए एक बड़ा अपडेट है। पहले चर्चा थी कि यह फोन जनवरी के अंत में आ सकता है, लेकिन ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, सैमसंग अपना मेगा इवेंट ‘Galaxy Unpacked’ 25 फरवरी 2026 को आयोजित करने जा रहा है। इसी दिन दुनिया के सामने S26, S26+ और S26 Ultra से पर्दा उठेगा। वहीं, इसकी सेल 11 मार्च 2026 से शुरू होने की उम्मीद है।

कैसा होगा डिस्प्ले और डिजाइन?

सैमसंग हमेशा अपने बेहतरीन डिस्प्ले के लिए जाना जाता है। इस बार Galaxy S26 Ultra में 6.8-इंच की QHD+ AMOLED स्क्रीन मिल सकती है। इसमें LTPO टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जो 1Hz से 120Hz तक रिफ्रेश रेट को खुद-ब-खुद एडजस्ट कर लेती है। साथ ही, सुरक्षा के लिए इसमें गोरिल्ला ग्लास विक्टस 3 (Gorilla Glass Victus 3) का प्रोटेक्शन मिलने की संभावना है।

प्रोसेसर और परफॉर्मेंस: अब और भी तेज

इस सीरीज का सबसे बड़ा आकर्षण इसका प्रोसेसर होगा। लीक हुई जानकारी के अनुसार, इसमें Snapdragon 8 Elite 2 चिपसेट का इस्तेमाल किया जाएगा। यह न सिर्फ फोन को सुपरफास्ट बनाएगा, बल्कि इसमें एडवांस AI (Artificial Intelligence) फीचर्स भी मिलेंगे जो आपके फोटोग्राफी और मल्टीटास्किंग के अनुभव को बदल देंगे। बैटरी की बात करें तो बेस मॉडल में भी 45W की फास्ट चार्जिंग मिलने की चर्चा है।

Samsung Galaxy S26 Ultra

कैमरा: फोटोग्राफी के शौकीनों के लिए तोहफा

सैमसंग के अल्ट्रा मॉडल का कैमरा हमेशा से चर्चा में रहता है। S26 Ultra में 200MP का मुख्य सेंसर होने की उम्मीद है। इसके अलावा 50MP का अल्ट्रावाइड और 50MP का टेलीफोटो लेंस (5x ज़ूम के साथ) मिल सकता है। सेल्फी लवर्स के लिए इसमें नया 50MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है, जो कम रोशनी में भी शानदार तस्वीरें खींचेगा।

कीमत और प्री-ऑर्डर (Price and Pre-order)

भारतीय बाजार में Galaxy S26 Ultra की अनुमानित कीमत ₹1,35,000 से ₹1,70,000 के बीच हो सकती है। फोन के प्री-ऑर्डर 25 फरवरी को लॉन्च के तुरंत बाद शुरू हो सकते हैं। जो ग्राहक प्री-ऑर्डर करेंगे, उन्हें सैमसंग की तरफ से कुछ खास ऑफर्स जैसे- फ्री गैलेक्सी वॉच या बड्स का फायदा मिल सकता है।

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