Gen-Z Protest के बाद Nepal में Political Tsunami – 1st Female Prime Minister Sushila Karki की Entry – क्या अब बदलेगा देश का Future?

Female Prime minister Sushila Karki मिली।ये जितना सरल लग रहा है,काश वैसा ही हो पता,परन्तु नहीं!आखिर कैसे मिली नेपाल को अपनी पहली महिला प्रधान मंत्री? आइए जानते हैं कि Nepal’s New Era: Sushila Karki का उदयस्तार से।

Gen-Z Protest से हिली सत्ता

9 सितंबर को सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ भड़के Gen-Z Protest ने नेपाल को गहराई से झकझोर दिया। संसद और सरकारी इमारतों में आगजनी, सैकड़ों घायल और 1,200 से ज्यादा गिरफ्तारियों के बाद हालात बेकाबू हो गए। इस हिंसा में 50 से अधिक लोगों की जान गई और आखिरकार 10 सितंबर को प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ा।

इस उथल-पुथल के बीच राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने पूर्व चीफ जस्टिस Sushila Karki को Interim Prime Minister नियुक्त किया। कार्की को ईमानदारी और भ्रष्टाचार विरोधी फैसलों के लिए जाना जाता है। वे अब संसद भंग कर 2026 के संसदीय चुनाव तक अंतरिम सरकार की अगुवाई करेंगी।

Sushila Karki से उम्मीदें-

  • Governance और पारदर्शिता की बहाली
  • व्यापक प्रशासनिक सुधार
  • लोकतंत्र और संविधान की रक्षाअगला आम चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराना
  • युवा प्रदर्शनकारियों का मानना है कि कार्की के नेतृत्व में नेपाल सही मायनों में New Era की ओर बढ़ेगा।

क्या Nepal का भविष्य बदल पाएगा Gen-Z Protest?

नेपाल ने इतिहास रचते हुए पहली महिला Prime Minister को सत्ता सौंपी, लेकिन असली चुनौती अब शुरू होती है। क्या Gen-Z Protest सिर्फ एक तात्कालिक झटका था या यह नेपाल की राजनीति की दिशा स्थायी रूप से बदल देगा? सबकी निगाहें अब कार्की की ईमानदारी और उनके फैसलों पर हैं।

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