त्योहारों के मौसम में घर लौट रहे लोगों के लिए एक डराने वाली खबर सामने आई है। कानपुर में अज्ञात लोगों ने अहमदाबाद से दरभंगा जा रही फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन पर अचानक पथराव कर दिया, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। यह घटना शनिवार रात भीमसेन स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास हुई।
कैसे हुई घटना
जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद-दरभंगा क्लोन हमसफर एक्सप्रेस (09465) उस समय भीमसेन स्टेशन के आउटर सिग्नल पर खड़ी थी, जब कुछ अज्ञात लोगों ने ट्रेन पर जोरदार पथराव शुरू कर दिया।इस पथराव में लोको पायलट के पास वाली खिड़की का शीशा टूट गया, जबकि कई बोगियों की खिड़कियों पर भी निशान पड़े। अचानक हुए हमले से ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्री सहम गए।
ट्रेन में परिवारों के साथ यात्रा कर रहे कई यात्री बच्चों को लेकर सीटों के नीचे छिप गए। कुछ यात्रियों ने अपनी खिड़कियां बंद कर लीं और मदद के लिए चिल्लाने लगे।
ड्राइवर की सूझबूझ से टली बड़ी घटना
हमले के बाद ट्रेन के ड्राइवर ने तुरंत रेलवे कंट्रोल रूम को सूचना दी।सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी (GRP) की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक पथराव करने वाले लोग फरार हो चुके थे। बाद में ट्रेन को कानपुर सेंट्रल स्टेशन लाया गया, जहां सुरक्षा अधिकारियों ने पूरी स्थिति की जांच की।

एफआईआर दर्ज, जांच शुरू
इस घटना पर भीमसेन स्टेशन मास्टर की शिकायत के आधार पर आधा दर्जन अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। RPF और GRP की टीमें सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ा जाएगा।
त्योहारों की भीड़ में सुरक्षा पर उठे सवाल
यह ट्रेन हर साल दिवाली और छठ पूजा के मौके पर चलाई जाती है, ताकि गुजरात और महाराष्ट्र में काम करने वाले लोग बिहार-झारखंड वापस जा सकें।इन दिनों ट्रेनों में जबरदस्त भीड़ है — कई यात्रियों को खड़े होकर सफर करना पड़ रहा है। ऐसे में इस पथराव की घटना ने रेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रेलवे प्रशासन ने कहा है कि – “त्योहारी सीजन में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा रहे हैं। यात्रियों से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी रेलवे हेल्पलाइन को दें।”
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
कानपुर में यह पहली बार नहीं है जब ट्रेन पर पथराव हुआ हो। इससे पहले वंदे भारत एक्सप्रेस पर भी पथराव की घटनाएं हो चुकी हैं। रेलवे सूत्रों के अनुसार, कई बार ऐसे पथराव रेलवे ट्रैक किनारे बसे इलाकों से किए जाते हैं। इस पर रोक लगाने के लिए RPF अब “रेल सुरक्षा सिपाही” पहल के तहत ग्रामीणों को ट्रेन सुरक्षा से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
यात्रियों की मांग – “सुरक्षा बढ़ाओ, डर में सफर नहीं करना चाहते”
घटना के बाद कानपुर सेंट्रल पर पहुंचे यात्रियों ने बताया कि वे अब डर में सफर कर रहे हैं। एक यात्री ने कहा – “हम साल में एक बार घर जाते हैं, वो भी डर में। रेलवे को अब सुरक्षा बढ़ानी ही होगी।”
त्योहारी भीड़ के बीच इस तरह की घटनाएं न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं बल्कि रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी पर भी सवाल उठाती हैं। उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें सख्त सजा दी जाएगी ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न करे।