Patna High Court New Era : CJI सूर्यकांत ने बिहार को दी 302 करोड़ की सौगात, 7 मेगा प्रोजेक्ट्स से बदलेगी न्याय की सूरत

Patna High Court

3 जनवरी 2026 बिहार की न्यायिक व्यवस्था के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जस्टिस सूर्यकांत ने अपने दो-दिवसीय पटना दौरे के दौरान Patna High Court परिसर में 302.56 करोड़ रुपये की लागत वाली 7 बड़ी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का शिलान्यास किया। यह केवल ईंट और पत्थर की इमारतें नहीं, बल्कि बिहार के आम आदमी को तेज, पारदर्शी और आधुनिक न्याय दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

किन 7 बड़े प्रोजेक्ट्स की रखी गई आधारशिला?

पटना हाई कोर्ट को वर्ल्ड-क्लास बनाने के लिए जिन सात परियोजनाओं का शिलान्यास हुआ है, उनमें शामिल हैं:

  • IT बिल्डिंग: अदालतों को पेपरलेस बनाने और डिजिटल सुनवाई को बढ़ावा देने के लिए एक अत्याधुनिक सेंटर।
  • ADR भवन और ऑडिटोरियम: आपसी सुलह (Mediation) और कानूनी चर्चाओं के लिए विशेष केंद्र।
  • प्रशासनिक ब्लॉक: हाई कोर्ट के कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए ‘नर्वस सिस्टम’ की तरह काम करेगा।
  • मल्टी-लेवल कार पार्किंग: वकील और फरियादियों की पार्किंग समस्या का स्थाई समाधान।
  • अस्पताल भवन: हाई कोर्ट परिसर के भीतर ही चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता।
  • आवासीय परिसर: कोर्ट के कर्मचारियों के लिए आधुनिक निवास स्थान।
  • एडवोकेट जनरल ऑफिस एनेक्सी: सरकारी वकीलों के कामकाज के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर।

Patna High Court

“टेक्नोलॉजी अब विलासिता नहीं, संवैधानिक अधिकार है”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए CJI सूर्यकांत ने तकनीक के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नई IT बिल्डिंग के बनने से पटना हाई कोर्ट “Paper-heavy” (कागजों के बोझ) से निकलकर “Data-informed” और “User-centric” बनेगा। उनके संबोधन की कुछ मुख्य बातें:

  • सभ्यता की याद: सीजेआई ने बिहार को भारत की सभ्यतागत स्मृति का केंद्र बताया।
  • बढ़ती मांग: उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और जटिल होते मुकदमों के लिए न्यायपालिका का अपग्रेड होना अनिवार्य है।
  • मानवीय न्याय: अस्पताल भवन के महत्व पर उन्होंने कहा कि न्याय मशीनों द्वारा नहीं, इंसानों द्वारा दिया जाता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है।

गया को भी मिली बड़ी सौगात

CJI ने केवल पटना ही नहीं, बल्कि गया के लिए भी एक बड़ी सुविधा का डिजिटल माध्यम से उद्घाटन किया। गयाजी में न्यायिक अधिकारियों के लिए एक नवनिर्मित जजेज गेस्ट हाउस को जनता की सेवा में समर्पित किया गया। इसके अलावा, बिहार ज्यूडिशियल एकेडमी के नए कैंपस का भी भूमि पूजन संपन्न हुआ।

Patna High Court

निष्कर्ष: बिहार के लिए क्यों है यह खास?

इन प्रोजेक्ट्स के पूरा होने के बाद पटना हाई कोर्ट उत्तर भारत के सबसे आधुनिक हाई कोर्ट्स में से एक होगा। 302 करोड़ रुपये का यह निवेश न केवल वकीलों और जजों की कार्यक्षमता बढ़ाएगा, बल्कि बिहार के आम नागरिक के लिए ‘तारीख पर तारीख’ के दौर को कम करने में भी मदद करेगा।

क्या आप इन बदलावों के बारे में और जानकारी चाहते हैं? हमें कमेंट्स में बताएं!

Read more