De De Pyaar De 2 रिश्तों, कन्फ्यूज़न और फैमिली-ड्रामा की उसी दुनिया को आगे बढ़ाती है, जिसे पहली फिल्म ने पॉपुलर बनाया था। अजय देवगन अपनी सिग्नेचर डेडपैन कॉमिक टाइमिंग के साथ फिर चमकते हैं, जबकि रकुल प्रीत सिंह और आर. माधवन की ताज़ा कैमिस्ट्री फिल्म में नई जान डाल देती है। लव रंजन की स्टाइल कॉमेडी, छोटे-छोटे घरेलू झगड़े, और “कौन किससे प्यार करता है” वाली उलझन कहानी को हल्का-फुल्का मज़ेदार बनाए रखती है।
ऑडियंस का रिएक्शन: ह्यूमर हिट, कहानी मिक्स्ड
पहले दिन 8.5 करोड़ रुपये का कलेक्शन हुआ। फैमिली ऑडियंस की भीड़ अच्छी रही। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने इसे “Pure Family Entertainer” कहा, खासकर नानी वाले कॉमिक मोमेंट और “लव मीटर” वाले सीन ट्रेंड करते रहे। रकुल प्रीत को “फिल्म का दिल” कहा जा रहा है—उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस और कॉमिक बीट्स सबसे ज़्यादा पसंद किए गए। म्यूजिक और फनी सीक्वेंस भी लोगों को खूब भाए।

कहाँ रह गई कमी?
कुछ दर्शकों को लगा कि कहानी में लॉजिक और डेप्थ थोड़ी कम है। पहली फिल्म की भावनात्मक लेयर्स और टब्बू जैसी स्ट्रॉन्ग स्क्रीन प्रेज़ेंस यहाँ मिस होती है। सेकंड हाफ में ड्रामा थोड़ा ज़्यादा और लंबे-चौड़े सीन स्क्रीनप्ले को खींचते हैं। परफेक्ट फिल्म तलाशने वालों के लिए यह सेक्वल उतना दमदार नहीं, लेकिन एंटरटेनमेंट मोड में देखें तो पूरा पैसा-वसूल।
‘दे दे प्यार दे 2’ एक टिपिकल बॉलीवुड फैमिली एंटरटेनर है—हंसी, रोमांस और रिश्तों का हल्का-फुल्का रोलर-कोस्टर। अगर आप अजय देवगन, रकुल प्रीत या आर. माधवन के फैन हैं—तो जरूर देखें। अगर गहरी, अनोखी कहानी खोज रहे हैं—तो यह फिल्म सिर्फ एक फन, वन-टाइम वॉच है।