Patna Mithapur University Update: बिहार की राजधानी पटना का मीठापुर इलाका अब सिर्फ एक बस स्टैंड के नाम से नहीं, बल्कि राज्य के सबसे बड़े ‘एजुकेशनल हब’ के रूप में पहचाना जाएगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में मीठापुर में निर्माणाधीन बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS) और बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (BEU) के भवनों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को इसे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
आइए जानते हैं, इन दोनों मेगा प्रोजेक्ट्स की पूरी डिटेल और यह बिहार के छात्रों के लिए कैसे गेम-चेंजर साबित होने वाले हैं।
बिहार इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी (BEU)
बिहार के इंजीनियरिंग छात्रों के लिए यह कैंपस किसी वरदान से कम नहीं होगा। 27 जुलाई 2022 को स्थापित इस यूनिवर्सिटी के लिए सरकार ने मीठापुर में 5 एकड़ जमीन आवंटित की है।
- मुख्य भवन: यह एक भव्य 4-मंजिला इमारत होगी, जिसका कुल क्षेत्रफल लगभग 1,11,732 वर्गफीट है।
- कैंपस की सुविधाएं:
- भूतल (Ground Floor): यहां डीन, रजिस्ट्रार के दफ्तर और एक आधुनिक कैफेटेरिया होगा।
- प्रथम तल: कुलपति (VC) कार्यालय और मीटिंग हॉल।
- ऊपरी मंजिलें: मूल्यांकन केंद्र, पांच बड़े अभिलेखागार (Archives) और बहुउद्देशीय हॉल।
- गेस्ट हाउस: परिसर में 8 कमरे और 4 सुइट्स वाला एक लग्जरी गेस्ट हाउस भी बनाया जा रहा है।

बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (BUHS):
‘सात निश्चय-2’ योजना के तहत बिहार में चिकित्सा शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए इस यूनिवर्सिटी का निर्माण किया जा रहा है।
- विशाल क्षेत्रफल: इस प्रोजेक्ट का कुल क्षेत्रफल 27,567 वर्गमीटर है।
- दो हिस्सों में प्रोजेक्ट:
- मुख्य यूनिवर्सिटी भवन: इसमें प्रशासनिक ब्लॉक, आधुनिक परीक्षा कक्ष, डिस्पेंसरी और ट्रेनिंग-कम-प्लेसमेंट सेल होगा।
- उपभवन (Annex): यहां कुलपति का आवास, यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस और एक बड़ा ऑडिटोरियम बनाया जा रहा है।
- लक्ष्य: राज्य के सभी मेडिकल, पैरामेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों का संचालन यहीं से सुचारू रूप से होगा।
मीठापुर: पटना का नया ‘नॉलेज सिटी’
मीठापुर अब केवल इन दो यूनिवर्सिटीज तक सीमित नहीं है। यहाँ पहले से ही कई बड़े संस्थान मौजूद हैं, जो इस क्षेत्र को बिहार का ‘ऑक्सफोर्ड’ बना रहे हैं:
- चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (CNLU)
- चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान (CIMP)
- आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय (AKU)
- निफ्ट (NIFT) पटना
- मौलाना मजहरूल हक अरबी-फारसी विश्वविद्यालय
विशेष आकर्षण: स्मार्ट सिटी मिशन के तहत यहां 30 करोड़ की लागत से एक कॉमन फैसिलिटी सेंटर भी बनाया जा रहा है, जहां छात्रों को एक ही छत के नीचे पढ़ाई, शॉपिंग, जिम और ‘दीदी की रसोई’ जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

छात्रों के लिए क्या बदलेगा?
इन भवनों के तेजी से हो रहे निर्माण का सीधा फायदा बिहार के युवाओं को मिलेगा। अब हाई-लेवल तकनीकी और मेडिकल शिक्षा के लिए छात्रों को दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता (Quality) के साथ कोई समझौता नहीं होगा और समय सीमा के अंदर इसे पूरा कर लिया जाएगा।
बिहार सरकार का यह कदम राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर और शिक्षा व्यवस्था को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा। मीठापुर मेट्रो स्टेशन की कनेक्टिविटी होने से यहाँ छात्रों का आना-जाना और भी आसान हो जाएगा।
क्या आपको लगता है कि मीठापुर जल्द ही कोटा या दिल्ली के मुखर्जी नगर जैसा बड़ा एजुकेशन सेंटर बन पाएगा? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं!