Bihar Election 2025 का आज सबसे बड़ा दिन है—Result Day। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया से लेकर सीमांचल तक सभी जिलों में मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम हैं। सुबह से ही राजनीतिक दलों के दफ्तरों में हलचल तेज हो गई है—कहीं जश्न की तैयारी, तो कहीं बेचैनी और अनुमानों की बारिश। टीवी स्टूडियोज, सोशल मीडिया और मोबाइल स्क्रीन पर हर सेकंड लोगों की नज़रें टिकी हुई हैं।
कौन बनाएगा सरकार?
243 सीटों के दो चरणों में हुए रिकॉर्ड मतदान के बाद अब असली परीक्षा आज है। NDA, महागठबंधन, जन स्वराज, और कई क्षेत्रीय दलों के बीच मुकाबला इस बार बेहद कड़ा रहा। बेरोज़गारी, शिक्षा, महिला सुरक्षा, किसान मुद्दे और जातीय समीकरण—इन सभी का जवाब आज जनता के फैसले में छिपा है। अब सवाल सिर्फ एक—क्या बिहार बदलाव की तरफ जाएगा या भरोसेमंद चेहरे को दोबारा मौका मिलेगा?

Exit Poll बनाम Ground Reality — क्या उलटफेर तय है?
एक्ज़िट पोल ने कई संभावनाएँ जगाईं, लेकिन बिहार की राजनीति में उलटफेर आम बात है। राजनीतिक विशेषज्ञ भी मान रहे हैं कि इस बार मुकाबला किसी भी तरफ पलट सकता है। अगला मुख्यमंत्री कौन होगा? क्या नई राजनीतिक ताकतें उभरेंगी? या फिर पारंपरिक समीकरण फिर से वापसी करेंगे?—यह सब कुछ आने वाले कुछ घंटों में साफ हो जाएगा।
लोकतंत्र का जश्न
आज का दिन सिर्फ नतीजों का नहीं, बल्कि लोकतंत्र के जश्न का है। बिहार के भविष्य की नई लकीर, नई नीतियाँ और नई दिशा—सब कुछ जनता की मुहर तय करेगी। अब बस काउंटिंग के हर राउंड का इंतज़ार है, क्योंकि The Final Verdict आने ही वाला है।