सरकार का बड़ा एलान, Red Fort के पास हुआ ब्लास्ट अब ‘आतंकी वारदात’ घोषित

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लालकिला मेट्रो स्टेशन के नजदीक हुए कार ब्लास्ट पर केंद्र सरकार ने बड़ी पुष्टि कर दी है—कैबिनेट बैठक में इसे “Delhi Blast – A Terror Attack” घोषित किया गया। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में प्रस्ताव पास कर सरकार ने कहा कि यह घटना देश की सुरक्षा को चुनौती देने वाली संगठित आतंकी साजिश है। सरकार ने शून्य-सहनशीलता की नीति पर जोर देते हुए पीड़ितों के परिवारों के लिए मुआवजा और केंद्रीय सहायता की घोषणा की।

घटना की तस्वीर: मौतों का आंकड़ा बढ़ा, कई गंभीर घायल

सोमवार शाम 6:45 बजे के करीब हुए इस जोरदार कार ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हुए। धमाका इतना भीषण था कि आसपास खड़ी 3 से 4 गाड़ियाँ भी आग की चपेट में आ गईं। चश्मदीदों के अनुसार, विस्फोट की आवाज़ कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी और घटना स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। घायल लोगों को LNJP, हिंदू राव और अरुणा आसफ अली अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से कई की हालत नाजुक बताई जा रही है।

जांच: संदिग्ध मॉड्यूल, विस्फोटक बरामद और पुख्ता सुराग

पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने जांच में इसे “सुनियोजित आतंकी हमला” माना है। शुरुआती जांच में कार मालिक फरार पाया गया है और घटनास्थल से RDX-जैसा विस्फोटक, टाइमर-डिवाइस और संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक सर्किट्स मिलने की पुष्टि हुई है। एजेंसियां इस हमले को हाल ही में पकड़े गए 2900 किलो विस्फोटक मॉड्यूल और दिल्ली-NCR में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जोड़कर भी जांच कर रही हैं। NIA और स्पेशल सेल ने मामला संभाल लिया है और कई राज्यों में रेड शुरू हो चुकी है।

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देश-दुनिया की प्रतिक्रिया: सुरक्षा पर फिर बड़े सवाल

राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने घटना को “कायराना आतंकी हमला” बताते हुए दुख जताया और जांच तेज़ करने के निर्देश दिए। अमेरिका, फ्रांस, जापान समेत कई देशों ने भारत के साथ एकजुटता दिखाई। लेकिन देश में एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं—दिल्ली जैसे हाई-सेक्योरिटी ज़ोन में सुरक्षा चूक इतनी बड़ी कैसे हो गई? क्या सिस्टम इतनी गंभीर वारदात का समय रहते पता नहीं लगा सकता?

क्या सुरक्षा एजेंसियों को अब और आक्रामक होना पड़ेगा?

“Delhi Blast” ने राजधानी की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने कहा है—“दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा।” अब निगाहें NIA की जांच, गिरफ्तारी और उस नेटवर्क पर हैं जो यह हमला करवाने में शामिल हो सकता है।

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