सीवान ब्लास्ट विश्लेषण : बिहार के सीवान जिले में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान एक भीषण विस्फोट हुआ। यह घटना न केवल सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी चूक मानी जा रही है, बल्कि इसने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दोपहर करीब 2:00 बजे हुए इस जोरदार धमाके ने पूरे शहर को हिला कर रख दिया, जिसमें एक स्थानीय व्यक्ति की जान चली गई और कई लोग बुरी तरह घायल हो गए।
विस्फोट की तीव्रता और जान-माल का नुकसान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि घटनास्थल के आसपास के 4-5 पक्के मकानों की दीवारों में दरारें आ गई और खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए। मृतक की पहचान रामउदेश सिंह (45) के रूप में हुई है, जिसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। अन्य घायलों को तुरंत सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और एहतियात के तौर पर स्थानीय बाजारों और स्कूलों को बंद कर दिया गया है।

जांच के दायरे में: अवैध पटाखा इकाई या गहरी साजिश?
प्रशासनिक स्तर पर इस घटना के कारणों को लेकर अभी भी संशय बना हुआ है। प्रारंभिक जांच में एसपी सत्येंद्र सिंह ने बताया कि यह हादसा घर के भीतर अवैध रूप से संचालित पटाखा निर्माण इकाई या गैस रिसाव की वजह से हो सकता है। हालांकि, घटना के समय को लेकर सवाल उठना लाजिमी है क्योंकि मुख्यमंत्री का काफिला उसी इलाके के पास से कुछ ही समय पहले गुजरा था। फॉरेंसिक टीम (FSL) और बम निरोधक दस्ता मौके से साक्ष्य जुटा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह कोई साधारण दुर्घटना थी या इसके पीछे किसी प्रकार की गहरी साजिश या IED का इस्तेमाल किया गया था।
सियासी सरगर्मी: विपक्ष के तीखे हमले और सुरक्षा पर सवाल
राजनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो मुख्यमंत्री के दौरे के बीच इस तरह की घटना ने विपक्षी दलों को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मौका दे दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए इसे प्रशासनिक विफलता करार दिया और ट्वीट किया कि बिहार में कानून का राज खत्म हो चुका है। विपक्ष का आरोप है कि जब मुख्यमंत्री स्वयं जिले में मौजूद हों और उनके सुरक्षा घेरे के पास धमाका हो जाए, तो यह राज्य की खुफिया एजेंसी (Intelligence) की बहुत बड़ी नाकामी है। वहीं सत्ताधारी दल जेडीयू इसे महज एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना बताकर राजनीतिक रंग न देने की अपील कर रहा है।

सरकारी कार्रवाई और मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए घायलों से अस्पताल में मुलाकात की और मृतक के परिवार को 5 लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि इस मामले की तह तक जाकर जांच की जाए और दोषियों को बख्शा न जाए। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने सुरक्षा में ढिलाई को लेकर सड़क जाम कर प्रदर्शन भी किया, जिसे प्रशासन ने उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद शांत कराया।
सीवान ब्लास्ट ने बिहार सरकार की ‘समृद्धि यात्रा’ की उपलब्धियों पर सुरक्षा लापरवाही का दाग लगा दिया है। सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती अब यह साबित करना है कि राज्य में अपराधी और अवैध गतिविधियां बेखौफ नहीं हैं। जिले में फल-फूल रहे अवैध पटाखा कारोबार और आपराधिक तत्वों पर नकेल कसना अब अनिवार्य हो गया है। गहन सर्च अभियान और निष्पक्ष जांच ही जनता के मन में सुरक्षा का विश्वास दोबारा बहाल कर सकती है।