Surat Cobra Venom Seizure News: गुजरात के सूरत शहर से अपराध और वन्यजीव तस्करी की एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे प्रदेश को चौंका दिया है। सूरत की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत करोड़ों रुपये की कीमत का कोबरा सांप का जहर (Cobra Venom) बरामद किया है। इस लेख में हम आपको इस पूरे हाई-प्रोफाइल केस की पूरी जानकारी देंगे कि कैसे पुलिस ने तस्करों के जाल को काटा।
प्रमुख जानकारी (Key Highlights of the Case)
- कुल जब्ती: 6.5 मिलीलीटर (ml) शुद्ध कोबरा जहर।
- अनुमानित कीमत: ₹5.85 करोड़ से अधिक (अंतरराष्ट्रीय बाजार)।
- गिरफ्तार आरोपी: 7 लोग (जिसमें वकील और मैरिज ब्यूरो संचालक शामिल हैं)।
- डील की रकम: तस्करों के बीच 9 करोड़ रुपये में सौदा तय हुआ था।

कैसे हुआ इस बड़े रैकेट का पर्दाफाश?
सूरत SOG के DCP राजवीर सिंह नकुम को इनपुट मिला था कि शहर में सांप के जहर की एक बड़ी खेप आने वाली है। पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए फिल्मी अंदाज में जाल बिछाया। पुलिस टीम ने खुद नकली खरीदार (Dummy Customer) बनकर तस्करों से संपर्क किया।
सौदा तय करने के लिए तस्करों ने सूरत के सरथाना क्षेत्र में स्थित ‘पटेल लाइफ पार्टनर मैरिज ब्यूरो’ को मीटिंग पॉइंट चुना। जैसे ही आरोपी जहर की बोतल के साथ वहां पहुंचे, पहले से तैनात पुलिस की टीम ने छापा मारकर उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

मैरिज ब्यूरो की आड़ में ‘जहर’ का व्यापार
हैरानी की बात यह है कि इस गिरोह का मुख्य केंद्र एक मैरिज ब्यूरो था। पकड़े गए आरोपियों में वडोदरा के 4 और सूरत के 3 लोग शामिल हैं। इनमें से एक आरोपी वकील है और दूसरा मैरिज ब्यूरो का संचालक, जिसका नाम मनसुख घिनैया बताया जा रहा है। गिरोह का मास्टरमाइंड अहमदाबाद का एक जौहरी घनश्याम सोनी बताया जा रहा है, जो फिलहाल फरार है।
इतना महंगा क्यों है कोबरा का जहर?
SOG अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े गए जहर की अंतरराष्ट्रीय कीमत 90 लाख रुपये प्रति मिलीलीटर तक है।
- नशा (Party Drugs): हाई-प्रोफाइल रेव पार्टियों में नशे के लिए कोबरा जहर का इस्तेमाल होता है।
- दवाइयां: कैंसर और दर्द निवारक दवाओं (Painkillers) के निर्माण में भी सीमित मात्रा में इसका उपयोग किया जाता है।
- तस्करी: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत यह पूरी तरह प्रतिबंधित है, इसलिए इसकी ब्लैक मार्केट वैल्यू करोड़ों में होती है।

गुजरात पुलिस की ऐतिहासिक सफलता
यह गुजरात के इतिहास में अब तक की सांप के जहर की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है। जब्त किए गए जहर के सैंपल को फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है ताकि इसकी शुद्धता और प्रजाति की सटीक पुष्टि हो सके।
सूरत पुलिस की इस मुस्तैदी ने एक बड़े संगठित अपराध गिरोह की कमर तोड़ दी है। वन्यजीव तस्करी और नशे के काले कारोबार के खिलाफ यह एक बड़ी चेतावनी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।