Apni Vani

UP Blackout Mock Drill 2026: आज शाम 6 बजे पूरे प्रदेश में बजेंगे सायरन, जानें इस अभ्यास का मकसद और पूरी प्रक्रिया

apnivani

UP Blackout Mock Drill 2026: उत्तर प्रदेश के इतिहास में आज एक बड़ा और महत्वपूर्ण अभ्यास होने जा रहा है। आज यानी 23 जनवरी 2026 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 130वीं जयंती (पराक्रम दिवस) के अवसर पर यूप’ का आयोजन किया जाएगा। शाम ठीक 6:00 बजे पूरे प्रदेश में सायरन की गूंज सुनाई देगी और कुछ मिनटों के लिए इमरजेंसी जैसी स्थिति का अभ्यास किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनता को घबराने की जरूरत नहीं है, यह केवल भविष्य की आपदाओं और हवाई हमलों जैसी स्थितियों से निपटने की एक तैयारी है।

क्या है ब्लैकआउट मॉक ड्रिल और आज शाम क्या होगा?

शाम 6:00 बजे जैसे ही सायरन बजेंगे, राज्य के सभी जिलों में 2 से 10 मिनट के लिए बिजली आपूर्ति (Power Supply) बंद कर दी जाएगी। के अनुसार, इस ड्रिल का मुख्य उद्देश्य यह जांचना है कि अगर कभी दुश्मन देश द्वारा हवाई हमला या कोई बड़ी आपदा आती है, तो हमारी सिविल डिफेंस और सुरक्षा टीमें कितनी तेजी से रिस्पांस करती हैं। इस दौरान सड़कों पर आवाजाही रोकी जा सकती है और लोगों से घरों के अंदर रहने व लाइटें बंद रखने की अपील की गई है। लखनऊ में हाल ही में हुए रिहर्सल में देखा गया कि किस तरह आग बुझाने, घायलों को निकालने और फर्स्ट एड देने का अभ्यास किया गया था।

Mock drill image

हवाई हमले जैसी स्थिति का अभ्यास: सिविल डिफेंस की बड़ी भूमिका

इस महा-अभ्यास में सिविल डिफेंस, NDRF, SDRF और स्थानीय पुलिस प्रशासन मिलकर काम करेंगे। के मुताबिक, मॉक ड्रिल के दौरान कई जगहों पर कृत्रिम धमाकों की आवाज, आग लगने का दृश्य और इमारतों से लोगों को रेस्क्यू करने का नाटक रचा जाएगा। यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि इमरजेंसी सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और पुलिस के बीच तालमेल को बेहतर बनाया जा सके। जानकारों का मानना है कि आज के दौर में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा बढ़ गया है, ऐसे में जनता और प्रशासन का प्रशिक्षित होना बहुत जरूरी है।

नेताजी की जयंती और ब्लैकआउट का ऐतिहासिक संबंध

23 जनवरी का दिन चुनने के पीछे एक गहरा कारण है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने हमेशा राष्ट्र की सुरक्षा और अनुशासन पर जोर दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान भी ‘ब्लैकआउट’ की रणनीति का इस्तेमाल शहरों को हवाई बमबारी से बचाने के लिए किया जाता था। में बताया गया है कि यूपी सरकार इस परंपरा के माध्यम से नई पीढ़ी को देशभक्ति और आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूक करना चाहती है। यह ड्रिल यह संदेश देती है कि उत्तर प्रदेश किसी भी आपातकालीन स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह सक्षम और तैयार है।

आम जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन्स: क्या करें और क्या न करें?

ब्लैकआउट के दौरान आम नागरिकों को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए ताकि अभ्यास सफल हो सके:

यूपी में पहली बार इतने बड़े पैमाने पर सभी 75 जिलों में एक साथ यह मॉक ड्रिल हो रही है। यह न केवल प्रशासन की तैयारी को परखने का तरीका है, बल्कि जनता में अनुशासन की भावना जगाने का भी प्रयास है। शाम 6:00 बजे होने वाले इस 2 मिनट के ब्लैकआउट में सहयोग करके आप भी राज्य की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना सकते हैं। सरकार की योजना है कि भविष्य में ऐसे अभ्यास नियमित रूप से किए जाएं ताकि किसी भी असली संकट के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

उत्तर प्रदेश की सुरक्षा और जागरूकता से जुड़ी अन्य खबरों के लिए हमारी वेबसाइट से जुड़े रहें।


Also Read : -45°C में 24 घंटे! बिना ऑक्सीजन ‘मौत’ को दी मात, रोहताश खिलेरी (Rohtash Khileri) ने रचा इतिहास… गुटखा खाने वाले युवाओं के गाल पर 1 करारा तमाचा
Gorakhpur की ‘रिवॉल्वर गर्ल’ का खौफनाक खेल : न्यूड वीडियो बनाकर फंसाए 12 पुलिसवाले, बर्थडे पार्टी में सरेआम दागी गोलियां

Exit mobile version