नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने देश के करोड़ों वाहन चालकों के लिए नए साल का सबसे बड़ा तोहफा पेश किया है। 1 फरवरी 2026 से नए FASTag जारी करने की पूरी प्रक्रिया में एक क्रांतिकारी बदलाव किया गया है, जिसके तहत ‘Know Your Vehicle’ (KYV) वेरिफिकेशन को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। पहले यह अनिवार्य प्रक्रिया टोल प्लाजा पर लंबी कतारों, भारी कागजी कार्रवाई और यात्रियों के लिए अनावश्यक मानसिक परेशानी का प्रमुख कारण बनती थी।
अब नई कार, जीप या वैन खरीदने वालों को FASTag एक्टिवेट करने के बाद किसी भी अतिरिक्त भौतिक या डिजिटल सत्यापन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह फैसला NHAI को मिली उन हजारों शिकायतों के बाद लिया गया है, जिनमें ड्राइवरों ने वैध दस्तावेज होने के बावजूद पोस्ट-एक्टिवेशन जांच के नाम पर होने वाली देरी पर नाराजगी जताई थी।

KYV प्रक्रिया क्या थी और इसे क्यों हटाया गया?
KYV या ‘अपने वाहन को जानें’ प्रक्रिया वास्तव में FASTag जारी होने के बाद वाहन के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC), बीमा और पेंडिंग चालान के विवरण को मैन्युअल या डिजिटल तरीके से दोबारा जांचने का एक सिस्टम था। इसका मुख्य उद्देश्य टैग के दुरुपयोग को रोकना था, लेकिन धरातल पर यह सिस्टम टोल गेट्स पर अक्सर 10 से 15 मिनट की अतिरिक्त देरी का कारण बन रहा था। NHAI ने अब सरकार के ‘VAHAN’ पोर्टल की बढ़ती क्षमता और डेटा की सटीकता पर भरोसा जताते हुए इसे हटाने का निर्णय लिया है।
डिजिटल इंडिया के इस दौर में अब फिजिकल KYV की कोई प्रासंगिकता नहीं रह गई है। 1 फरवरी के बाद जारी होने वाले सभी नए टैग्स पर यह राहत लागू होगी, जिससे नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक का प्रवाह और भी अधिक सुगम हो जाएगा।
किन वाहनों को मिलेगी विशेष छूट: प्राइवेट बनाम कमर्शियल
NHAI के इस नए सर्कुलर के अनुसार, यह बड़ी राहत मुख्य रूप से ‘प्राइवेट’ श्रेणी के वाहनों जैसे निजी कार, जीप और वैन मालिकों के लिए ही है। इन वाहन स्वामियों को अब टोल प्लाजा पर स्थापित KYV काउंटरों पर रुकने या अपने दस्तावेजों को स्कैन करवाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यह ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि बस, ट्रक और मल्टी-एक्सल जैसे ‘कमर्शियल’ वाहनों के लिए पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
वाणिज्यिक वाहनों में टैग की हेराफेरी की संभावना अधिक होने के कारण उनमें सख्त सत्यापन जारी रहेगा। NHAI के अनुसार, यदि कोई प्राइवेट वाहन चालक टैग का गलत इस्तेमाल करता पाया गया, तो उस पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
पुराने FASTag धारकों के लिए क्या बदलेगा?
अगर आपके पास पहले से ही सक्रिय FASTag है, तो आपको घबराने की जरूरत नहीं है। 1 फरवरी के बदलावों के बाद पुराने टैग धारकों के लिए भी वेरिफिकेशन का झंझट लगभग खत्म हो गया है। अब आपको बार-बार KYV अपडेट करने के लिए किसी बैंक या टोल केंद्र के चक्कर नहीं काटने होंगे। NHAI ने स्पष्ट किया है कि जब तक आपका वाहन डेटा VAHAN पोर्टल पर सही है और आपका बीमा सक्रिय है,
तब तक आपका टैग सुचारू रूप से काम करता रहेगा। हालांकि, विशेषज्ञों की सलाह है कि पुराने टैग यूजर्स एक बार NHAI ऐप या अपने संबंधित बैंक पोर्टल पर जाकर यह सुनिश्चित कर लें कि उनका मोबाइल नंबर और वाहन विवरण सही ढंग से लिंक है।

ड्राइवरों को होने वाले लाभ और भविष्य की राह
इस ऐतिहासिक कदम से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि करोड़ों लीटर ईंधन की भी बचत होगी। आंकड़ों के अनुसार, टोल प्लाजा पर रुकने और दोबारा शुरू होने में खर्च होने वाला समय कम होने से ट्रैफिक जाम में 20% तक की कमी आने की उम्मीद है। अब ई-कॉमर्स वेबसाइट्स या बैंक ऐप से FASTag खरीदना और उसे तुरंत उपयोग करना बेहद आसान हो जाएगा।
NHAI आने वाले समय में SAT (सैटेलाइट आधारित टोलिंग) जैसे और भी उन्नत सिस्टम लाने की योजना बना रहा है, जिससे भविष्य में फिजिकल टोल गेट्स की जरूरत ही खत्म हो जाएगी। कुल मिलाकर, 1 फरवरी से शुरू हो रहा यह नया नियम भारतीय सड़कों को और अधिक ‘स्मार्ट’ और यात्रियों के लिए ‘फ्रेंडली’ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
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