बिहार में लू (Loo) का खतरा और सरकार का बड़ा कदम अप्रैल (2026) का महीना शुरू होते ही बिहार में भीषण गर्मी और लू ने अपना कहर बरपाना शुरू कर दिया है। हालात ये हैं कि सुबह 9 बजे के बाद ही घरों से निकलना मुश्किल होने लगा है। इस चिलचिलाती धूप और उमस का सबसे ज्यादा और सीधा असर छोटे मासूम बच्चों और गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
इसी गंभीर खतरे को देखते हुए, बिहार सरकार और ‘समाज कल्याण विभाग‘ (ICDS) ने तुरंत एक्शन लेते हुए राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों की ‘टाइमिंग’ में भारी बदलाव कर दिया है। आज ‘ApniVani‘ की इस ‘काम की खबर’ में आइए विस्तार से जानते हैं कि अब आंगनबाड़ी खुलने का नया समय क्या होगा और सरकार ने सेविकाओं व सहायिकाओं के लिए कौन से सख्त निर्देश जारी किए हैं।
क्या है आंगनबाड़ी केंद्रों का नया समय? (New Timings)
ताजा आधिकारिक आदेश के अनुसार, अब गर्मी के मौसम भर बिहार के सभी आंगनबाड़ी केंद्र ‘मॉर्निंग शिफ्ट’ (सुबह की पाली) में चलेंगे।
नया निर्धारित समय: सुबह 7:30 बजे से लेकर दिन के 11:30 बजे तक।
सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि दोपहर की तेज धूप और लू शुरू होने से पहले ही बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और उनका दैनिक कार्य पूरा हो जाए और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें। इससे छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भयंकर गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।

‘पोषाहार’ में गड़बड़ी की तो होगी सख्त कार्रवाई!
समय कम होने या बदलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आंगनबाड़ी में मिलने वाली सुविधाओं या भोजन में कोई कटौती की जाएगी।
विभाग ने साफ शब्दों में सभी आंगनबाड़ी सेविकाओं और सहायिकाओं को कड़ी चेतावनी दी है कि नए 4 घंटे के समय के अंदर ही बच्चों और महिलाओं को मिलने वाला ‘पोषाहार’ (Nutrition) एकदम समय पर और पूरी मात्रा में बंट जाना चाहिए। अगर पोषाहार वितरण में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदार कर्मियों पर सीधे और सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम (DM) को मिले स्थिति के अनुसार विशेष अधिकार
बदलते मौसम और हर जिले के अलग-अलग तापमान को देखते हुए सरकार ने एक बहुत ही समझदारी भरा प्रशासनिक कदम उठाया है।
समाज कल्याण विभाग ने सभी जिलों के ‘जिलाधिकारियों’ (DM) को यह विशेष अधिकार सौंपा है कि अगर उनके संबंधित जिले में गर्मी या लू का प्रकोप खतरनाक स्तर पर पहुंच जाता है, तो वे अपनी सुविधा और स्थानीय स्थिति के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों के समय को और भी कम कर सकते हैं या भीषण हीटवेव के दौरान उन्हें पूरी तरह से बंद (Suspend) भी कर सकते हैं।
अभिभावकों (Parents) के लिए जरूरी एडवाइजरी सरकार ने उन सभी माता-पिता और अभिभावकों से भी खास अपील की है जो अपने बच्चों को आंगनबाड़ी भेजते हैं:
- अब से बच्चों को नए निर्धारित समय यानी ठीक सुबह 7:30 बजे तक हर हाल में केंद्र भेज दें।
- बच्चों को गर्मी से बचाने के लिए हमेशा हल्के रंग के और सूती (Cotton) कपड़े ही पहनाएं।
- उन्हें घर से पर्याप्त पानी पिलाकर भेजें और दोपहर 12 बजे के बाद बच्चों को बाहर धूप में खेलने से बिल्कुल रोकें।

Apni Vani
ApniVani की बात
बिहार सरकार का यह फैसला बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए एकदम सटीक समय पर लिया गया है। अब असली जिम्मेदारी जमीनी स्तर पर काम कर रही आंगनबाड़ी कर्मियों और अभिभावकों की है कि वे इस नए टाइम-टेबल का कड़ाई से पालन करें ताकि हमारे नौनिहाल इस भीषण गर्मी की मार से सुरक्षित रह सकें।
आपकी राय: क्या आपको लगता है कि सुबह 7:30 बजे का समय बच्चों के लिए एकदम सही है या इसे और जल्दी (7:00 बजे) कर देना चाहिए था? इस सरकारी फैसले पर अपनी बेबाक राय हमें नीचे कमेंट बॉक्स में या हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर जरूर बताएं!
Also Read:
बिहार के गन्ना किसानों की चमकेगी किस्मत: 50-60% सब्सिडी पर मिलेंगी मशीनें, 324 किसानों को परमिट जारी

