Alwar Religion Scam – राजस्थान के अलवर जिले में एक मिशनरी हॉस्टल पर छापा मारने के बाद पता चला कि बच्चों को रख के धर्म परिवर्तन करवाया जा रहा है।अभी तक की खबरों में अनुसर 52 बच्चे से मिले हैं जिन्हे शिक्षा की आड़ में ईसाई धर्म अपने बारे में कहा जा रहा था और उनके पुराने धर्म के प्रति नफ़रत सिखाई जा रही थी।
Alwar Religion Scam के बारे में कुछ तथ्य
पुलिस ने अलवर के सैय्यद कॉलोनी में स्थित एक हॉस्टल में छापा मारा, जहां 6 से 17 साल के बच्चे रह रहे थे। आरोप है कि हॉस्टल में बच्चों का ब्रेनवॉश किया जा रहा था, उन्हें सिखाया जा रहा था कि अगर वे हिंदू या सिख धर्म को मानेंगे तो उन्हें नर्क मिलेगा। बच्चों को देवी-देवताओं के प्रति घृणा सिखाई जा रही थी और ईसाई धर्म को ही असली धर्म बताया जा रहा था। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक की पहले भी धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तारी हो चुकी है। इस रैकेट के तार चेन्नई और बेंगलुरु तक जुड़े हुए पाए गए हैं।
Alwar Religion Scam के प्रती सरकार और समाज की प्रतिक्रिया
विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। राजस्थान सरकार ने ‘राजस्थान विधिविरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक-2025’ पेश करने का फैसला किया है, जिसमें जबरन धर्मांतरण पर कड़ी सजा के प्रावधान होंगे। विधेयक में उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माना भी शामिल होगा।
सवाल जो बने हुए हैं
- धर्मांतरण के इस मामले में मासूम बच्चों का भविष्य और उनका अधिकार किस प्रकार सुरक्षित रहेगा?
- शिक्षा के नाम पर बच्चों का प्रयोग करने वाले इस संगठन की जड़ें कितनी गहरी हैं?
- क्या नया विधेयक समाज को धर्मांतरण जैसी समस्याओं से बचा पाएगा?
निष्कर्ष:
Alwar Religion Scam मामले ने न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश में धर्म की स्वतंत्रता और मजबूरी के मुद्दे को उजागर किया है। शिक्षा के नाम पर धार्मिक प्रवर्तन की इस साजिश के खिलाफ सख्ती बरतना सभी का साझा दायित्व है, ताकि मासूम बच्चों का भविष्य सुरक्षित और स्वच्छ रहे |
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