19 नवंबर 2025 की सुबह भारत की सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी उपलब्धि मिली, जब कुख्यात गैंगस्टर Anmol Bishnoi—जो लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई और अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है—अमेरिका से डिपोर्ट होकर दिल्ली IGI एयरपोर्ट पर NIA के हवाले कर दिया गया।
Anmol Bishnoi पर भारत में 18 से ज्यादा संगीन केस, जिनमें सिद्धू मूसेवाला मर्डर लिंक, सलमान खान टारगेट शूटिंग, बाबा सिद्दीक़ी मर्डर केस, हथियार तस्करी, गैंग ऑपरेशंस और आतंकी नेटवर्क फंडिंग शामिल हैं, दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी को सुरक्षा एजेंसियां “years-long manhunt का biggest breakthrough” मान रही हैं।
फर्जी पासपोर्ट, कई देशों में भागना और आखिरकार US में फंसना
मूसेवाला हत्याकांड (2022) के बाद अनमोल भारत से फरार होकर नेपाल → दुबई → केन्या → मेक्सिको → USA पहुंचा। उसने फर्जी नाम ‘भानु प्रताप’ के जरिए पासपोर्ट बनवाया और अमेरिकी सीमा में प्रवेश किया, लेकिन 2024 में इमिग्रेशन अधिकारियों को दस्तावेज़ संदिग्ध लगे और वह गिरफ्तार कर लिया गया।

उसने US कोर्ट में Asylum की अपील भी की थी, जिसे भारत की मजबूत कानूनी दलीलों के बाद खारिज कर दिया गया। एक साल से अधिक की कानूनी लड़ाई के बाद उसे अमेरिका ने भारत को सौंप दिया—यह बिश्नोई सिंडिकेट के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
NIA की रिमांड — गैंगवार, फंडिंग और बॉलीवुड टारगेटिंग की नई कड़ियाँ खुल सकती हैं
दिल्ली पहुंचते ही NIA और दिल्ली पुलिस ने Anmol Bishnoi को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड मांगी।
पूछताछ इन बिंदुओं पर केंद्रित होगी – क्या मूसेवाला मर्डर की सुपारी और योजना विदेश से हुई?सलमान खान के फार्महाउस फायरिंग में उसकी क्या भूमिका थी?बाबा सिद्दीक़ी मर्डर केस में कौन-कौन शामिल?भारत में हथियार, ड्रग्स और हवाला नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय तार कहाँ तक जाते हैं?क्या बिश्नोई गैंग विदेश से आतंक मॉड्यूल्स के साथ लिंक्ड था?
NIA ने बयान दिया
“This extradition is a major breakthrough against global organised crime.”
आगे क्या? गैंगवार की परतें खुलेंगी या नए नाम बाहर आएंगे?
Anmol Bishnoi की गिरफ्तारी केवल एक क्रिमिनल की वापसी नहीं—यह भारत की उन हाई-प्रोफाइल केसों की जांच का turning point बन सकती है, जो सालों से सवालों में थे।
अब देखने वाली बात यह है कि—
- क्या बॉलीवुड टारगेटिंग के मास्टरमाइंड सामने आएंगे?
- क्या बिश्नोई सिंडिकेट का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क टूटेगा?
- क्या मुकदमा नए बड़े खुलासे करेगा?
पूरे देश की नज़र अब NIA की इस हाई-वोल्टेज जांच पर टिकी है।
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