भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा रोमांच और तनाव से भरा होता है। एशिया कप 2025 के सुपर-4 चरण में भी यही नज़ारा देखने को मिला। दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मैच में भारत ने पाकिस्तान को 6 विकेट से मात दी। 172 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाज़ों ने इसे 18.5 ओवर में आसानी से हासिल कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट के फाइनल में लगभग अपनी जगह पक्की कर ली है, वहीं पाकिस्तान की राह अब और मुश्किल हो गई है।
टॉस और पिच रिपोर्ट : कप्तान सूर्या का मास्टरस्ट्रोक
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। पिच पर हल्की घास और उछाल मौजूद था, लेकिन बल्लेबाज़ों के लिए भी हालात मुफ़ीद नज़र आ रहे थे। सूर्या का यह निर्णय मैच की दिशा तय करने में अहम साबित हुआ। शुरुआती गेंदबाज़ों ने रन-गति पर नियंत्रण रखा और मध्य ओवरों में विकेट निकालकर पाकिस्तान को बड़े स्कोर से रोका।
पाकिस्तान की पारी : साहिबज़ादा फ़रहान का अर्धशतक, पर बाकी बल्लेबाज़ नाकाम
पहले बल्लेबाज़ी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में 171/5 रन बनाए। साहिबज़ादा फ़रहान (58 रन, 45 गेंद, 6 चौके) सबसे सफल बल्लेबाज़ रहे। उन्होंने संयम और आक्रामकता का संतुलन बनाकर खेला, लेकिन रन गति लगातार तेज़ नहीं रख पाए। भारत के हरफनमौला खिलाड़ी शिवम दुबे ने बीच ओवरों में लगातार दो विकेट निकालकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी। अंतिम ओवरों में इफ्तिखार अहमद और शादाब खान ने कुछ बड़े शॉट लगाए, लेकिन स्कोर 180 तक नहीं पहुँच सका। भारतीय गेंदबाज़ों में जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ने भी किफ़ायती गेंदबाज़ी की।
भारत की पारी : अभिषेक-गिल ने दिखाया क्लास, विपक्षी गेंदबाज़ बौखलाए
172 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी टीम इंडिया की शुरुआत शानदार रही। अभिषेक शर्मा (74 रन, 42 गेंद, 8 चौके, 3 छक्के) मैच के असली हीरो साबित हुए। उनकी बल्लेबाज़ी में ताक़त, टाइमिंग और आत्मविश्वास सबकुछ देखने को मिला। छक्कों से स्टेडियम गूंज उठा और पाकिस्तान की रणनीति धरी रह गई। शुभमन गिल (47 रन, 30 गेंद) – उन्होंने न सिर्फ़ स्ट्राइक रोटेट की बल्कि तेज़ रन भी बनाए। दोनों सलामी बल्लेबाज़ों ने 101 रनों की साझेदारी कर भारत को मज़बूत स्थिति में पहुँचा दिया।
इसके बाद मध्यक्रम पर ज़्यादा दबाव नहीं आया। संजू सैमसन (13) को हरिस रऊफ़ ने बोल्ड कर पाकिस्तान को थोड़ी उम्मीद दी, लेकिन तिलक वर्मा (23) और हार्दिक पंड्या (8) ने बिना घबराए लक्ष्य पूरा कर दिया। भारत ने 18.5 ओवर में ही जीत हासिल कर ली और पाकिस्तान को शिकस्त दी।

मैच का सबसे बड़ा मोड़
- भारत की 100+ रन की ओपनिंग साझेदारी ने शुरुआत में ही मैच को एकतरफ़ा बना दिया।
- शिवम दुबे का बीच के ओवरों में विकेट लेना और पाकिस्तान की रन-गति थामना निर्णायक साबित हुआ।
- अभिषेक शर्मा की पारी ने पाकिस्तान के गेंदबाज़ों को पूरी तरह असहाय बना दिया।
विवाद
- भारत-पाकिस्तान मुकाबले में सिर्फ़ खेल ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी खींचतान रहती है।
- मैच ख़त्म होने के बाद भी दोनों कप्तानों के बीच handshake नहीं हुआ।
- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट की नियुक्ति पर आपत्ति जताई थी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ी रही।
- ये छोटे-छोटे विवाद मैच के माहौल को और भी गरमा देते हैं।
अंक तालिका पर असर
भारत की यह सुपर-4 में लगातार दूसरी जीत है। नेट रन रेट मज़बूत होने से टीम ने लगभग फाइनल का टिकट कटा लिया है। पाकिस्तान अब करो-या-मरो स्थिति में है। उन्हें बाकी दोनों मैच जीतने होंगे और नेट रन रेट भी सुधारना होगा, तभी फाइनल की उम्मीद बच सकती है।

आगे का कार्यक्रम
भारत का अगला मैच 24 सितंबर को श्रीलंका से होगा। पाकिस्तान 23 सितंबर को बांग्लादेश से भिड़ेगा। यह मैच उनके लिए सेमी-फ़ाइनल जैसा ही होगा। दुबई की गर्माहट भरे माहौल में भारत ने पाकिस्तान पर एक और ठोस जीत दर्ज की। बल्लेबाज़ी में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल की ओपनिंग साझेदारी, गेंदबाज़ी में शिवम दुबे की धार और कप्तान सूर्या के साहसिक फ़ैसले ने मैच को भारत की झोली में डाल दिया। पाकिस्तान की कोशिशें सराहनीय थीं, लेकिन वे भारतीय टीम की आक्रामकता के आगे टिक नहीं सके।
संक्षेप
यह जीत सिर्फ़ एक मैच नहीं, बल्कि मनोवैज्ञानिक बढ़त भी है। एशिया कप के फाइनल से पहले भारत ने यह साफ़ कर दिया है कि इस टूर्नामेंट में उनका इरादा ट्रॉफी जीतने का ही है।
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