राजस्थान सरकार के फैसले का मुसलमानों ने किया विरोध, वजह जान आप भी चौक जाएंगे

राजस्थान सरकार

राजस्थान सरकार ने राज्य के सभी सरकारी स्कूलों, कॉलेजों और मदरसों में ‘वंदे मातरम’ का रोजाना गायन अनिवार्य कर दिया है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि यह कदम छात्रों में देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करेगा।

देशभक्ति वर्ष की घोषणा

सरकार ने बताया कि ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ को खास बनाने के लिए पूरे साल को “देशभक्ति वर्ष” के रूप में मनाया जाएगा। इस दौरान सभी सरकारी संस्थानों में विशेष देशभक्ति कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

आदेश न मानने पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री का स्पष्ट कहना है कि जो भी संस्थान इसे लागू नहीं करेगा, उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार का दावा है कि यह निर्णय किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि राष्ट्र के सम्मान से जुड़ा है।

मुस्लिम संगठनों का कड़ा विरोध

इस फैसले पर कई मुस्लिम संगठनों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि राष्ट्रगीत के कुछ हिस्से उनके धार्मिक सिद्धांतों के खिलाफ हैं और इसे अनिवार्य बनाना धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला है। वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन खानू खान बुधवाली ने कहा कि सरकार असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।

राजनीतिक विवाद भी बढ़ा

विपक्षी दल कांग्रेस ने इस फैसले को भाजपा की “राजनीतिक चाल” बताया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि ‘वंदे मातरम’ हमेशा से राष्ट्र के गौरव का प्रतीक रहा है, लेकिन इसे जबरन लागू करना सही नहीं है।

सरकार का बचाव: फैसला राष्ट्रहित में राजस्थान सरकार का कहना है कि यह कदम पूरी तरह राष्ट्रहित में है। सरकार के अनुसार, यह आदेश न किसी धर्म के खिलाफ है, न किसी समुदाय को निशाना बनाता है—बल्कि देशभक्ति को मजबूत करने का प्रयास है।

सोशल मीडिया पर गर्म हुई बहस

सरकारी फैसले के बाद सोशल मीडिया पर तेज़ बहस छिड़ गई है। एक पक्ष इसे देशभक्ति की पहल बता रहा है, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे धार्मिक दखलअंदाजी कहा है।

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बिहार में बन गई इस पार्टी की सरकार, जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर

बिहार

बिहार में सत्ता की जंग शुरू हो चुकी है। पहले चरण के मतदान ने सूबे के राजनीतिक तापमान को और भी गरम कर दिया है। कुल 121 विधानसभा सीटों पर वोटिंग पूरी हो गई है, और इस बार जनता ने पहले से कहीं ज्यादा जोश दिखाया — करीब 64.66% मतदान हुआ है, जो बिहार के चुनावी इतिहास में एक नया रिकॉर्ड माना जा रहा है।

जनता का जोश, रिकॉर्ड वोटिंग

राज्य के 18 जिलों में सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान चला। चुनाव आयोग के मुताबिक, शाम तक 60.13% वोटिंग दर्ज हुई थी, जो बाद में बढ़कर 64% से अधिक हो गई। सबसे ज्यादा वोटिंग बेगूसराय जिले में (67.32%) और सबसे कम शेखपुरा में (52.36%) दर्ज हुई। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं और युवाओं की लंबी कतारें साफ बता रही थीं कि जनता इस बार बदलाव के मूड में है।

बड़ा मुकाबला: NDA बनाम महागठबंधन

इस चुनाव में मुख्य लड़ाई दो गठबंधनों के बीच मानी जा रही है —

एक ओर हैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA), जिसमें BJP और JDU प्रमुख दल हैं।

दूसरी ओर हैं तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाला महागठबंधन (RJD + कांग्रेस + वाम दल), जो सत्ता वापसी के लिए पूरा जोर लगा रहा है।

इसके अलावा, चुनावी मैदान में एक नया चेहरा भी है — प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी, जिसने कई सीटों पर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। जन सुराज पहली बार विधानसभा चुनाव लड़ रही है, लेकिन उसका प्रभाव कई क्षेत्रों में देखा जा रहा है।

दिग्गजों की किस्मत EVM में बंद

पहले चरण की वोटिंग में कई बड़े नेताओं का भाग्य अब EVM में बंद हो चुका है।

इनमें शामिल हैं —

  • तेजस्वी यादव (राघोपुर)
  • तेज प्रताप यादव (महुआ)
  • सम्राट चौधरी (तारापुर)
  • मंगल पांडे (भोजपुर)

इन सभी सीटों पर वोटरों ने उत्साह से मतदान किया, और अब 14 नवंबर को ही पता चलेगा कि जनता ने किसे चुना है।

मुद्दे जो तय करेंगे बिहार की दिशा

इस बार के चुनाव में जनता के मन में कई सवाल हैं —

  • रोजगार और शिक्षा की स्थिति
  • महंगाई और कृषि संकट
  • बुनियादी सुविधाएँ, खासकर स्वास्थ्य और सड़कें

साथ ही युवाओं का एक बड़ा वर्ग नई राजनीति और नए विकल्पों की तलाश में है। यही वजह है कि इस बार मुकाबला सिर्फ सत्ता का नहीं, बल्कि सोच और दिशा का भी है।

आगे क्या?

अब सभी की निगाहें 11 नवंबर पर टिकी हैं, जब दूसरे और अंतिम चरण की वोटिंग होगी। उसके बाद 14 नवंबर को वोटों की गिनती होगी और बिहार का नया राजनीतिक चेहरा सामने आएगा।

राजनीतिक गलियारों में चर्चाएँ तेज हैं — क्या नीतीश कुमार फिर से सत्ता में लौटेंगे, या तेजस्वी यादव का “बदलाव” नारा जनता को रास आएगा?

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विराट कोहली ने अपने जन्मदिन पर क्रिकेट को लेकर कही ये बड़ी बात… पूरी खबर पढ़ें

विराट कोहली जन्मदिन

आज भारतीय क्रिकेट का नाम लेते ही सबसे पहले जो चेहरा दिमाग में आता है, वो है विराट कोहली। क्रिकेट के मैदान से लेकर लोगों के दिलों तक, कोहली ने अपने जोश, समर्पण और जज़्बे से एक अलग पहचान बनाई है। आज 5 नवंबर 2025 को वह अपना 37वां जन्मदिन मना रहे हैं — लेकिन उनका करियर और पर्सनल लाइफ दोनों ही उतने ही दिलचस्प हैं जितना उनका खेल।

शुरुआती जीवन और परिवार

विराट कोहली का जन्म 5 नवंबर 1988 को दिल्ली के एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता प्रेम कोहली एक क्रिमिनल वकील थे, और माँ सरोज कोहली गृहिणी हैं। उनका एक बड़ा भाई विकास कोहली और एक बहन भावना कोहली है। दिसंबर 2006 में पिता के निधन के बाद विराट ने अपनी जिंदगी में क्रिकेट को ही अपना सबकुछ बना लिया। उनकी मेहनत और संघर्ष की कहानी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों के लिए मेहनत कर रहे हैं।

लव स्टोरी और शादी

विराट और बॉलीवुड एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा की जोड़ी आज पूरे देश की फेवरेट है। दोनों की मुलाकात 2013 में एक शैम्पू एड शूट के दौरान हुई थी। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदली और फिर 11 दिसंबर 2017 को इटली में दोनों ने शादी की। आज यह जोड़ी “विरुष्का” के नाम से मशहूर है और अक्सर सोशल मीडिया पर अपने प्यारे पलों से फैंस का दिल जीत लेती है।

विराट कोहली जन्मदिन

विराट और अनुष्का के दो बच्चे हैं :

  • बेटी वामिका कोहली (जन्म: जनवरी 2021)
  • बेटा अकाय कोहली (जन्म: फरवरी 2024)

कोहली अपने परिवार के बेहद करीब हैं और अक्सर कहते हैं कि अनुष्का और बच्चे ही उनकी “रीयल स्ट्रेंथ” हैं।

क्रिकेट करियर: जुनून से लिखा गया इतिहास

विराट ने अपने क्रिकेट सफर की शुरुआत बहुत छोटी उम्र में की थी। 2008 में उन्होंने भारत की अंडर-19 टीम को वर्ल्ड कप जिताया, जिसके बाद सीनियर टीम में उनकी एंट्री हुई — और फिर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।

मुख्य उपलब्धियाँ:

  • कुल अंतरराष्ट्रीय रन: 27,673
  • अंतरराष्ट्रीय मैच: 553
  • शतक: 82, अर्धशतक: 144
  • टेस्ट रन: 9,230 (7 दोहरे शतक)
  • वनडे रन: 14,000+ (51 शतक)
  • कप्तानी: भारत को लगातार 9 टेस्ट सीरीज जिताने वाले पहले कप्तान

उन्होंने भारत को 2011 वर्ल्ड कप, 2013 चैंपियंस ट्रॉफी, 2024 T20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जिताने में अहम भूमिका निभाई। 2025 में उन्होंने RCB को IPL का पहला खिताब दिलाकर इतिहास रच दिया — जिसे फैंस ने “विराट का रिडेम्पशन मोमेंट” कहा।

कमाई और नेट वर्थ

विराट कोहली सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि कमाई में भी “किंग” हैं। उनकी कुल नेट वर्थ लगभग ₹1046 करोड़ (127 मिलियन डॉलर) है।

कमाई के स्रोत:

  • BCCI कॉन्ट्रैक्ट (A+ ग्रेड): ₹7 करोड़ प्रति वर्ष
  • मैच फीस: ₹15 लाख (टेस्ट), ₹6 लाख (वनडे), ₹3 लाख (T20)
  • IPL सैलरी: ₹15 करोड़+
  • ब्रांड एंडोर्समेंट और एड्स
  • सोशल मीडिया पोस्ट: प्रति पोस्ट ₹6 से ₹11 करोड़ तक

इंस्टाग्राम पर उनके 260 मिलियन+ फॉलोअर्स हैं — जो किसी भारतीय सेलिब्रिटी के लिए रिकॉर्ड है।

संपत्ति और लग्जरी लाइफस्टाइल

कोहली की लाइफस्टाइल पूरी तरह “किंग साइज” है।

  • मुंबई में आलीशान घर: ₹34 करोड़
  • गुरुग्राम में बंगला: ₹80 करोड़ से ज्यादा

कई कंपनियों में निवेश और खुद का ब्रांड भी चलाते हैं। वह फिटनेस को लेकर बेहद सीरियस हैं और युवाओं के लिए “फिटनेस आइकन” बन चुके हैं।

विराट का  कहना है

कोहली जितने आक्रामक मैदान पर दिखते हैं, उतने ही भावुक दिल के इंसान हैं। वह अक्सर चैरिटी, पशु संरक्षण और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी मुहिमों में हिस्सा लेते हैं।

उनका कहना है — “ मेरे लिए क्रिकेट सिर्फ खेल नहीं, ये मेरी पहचान और जिम्मेदारी है।

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