सारांश (Bullet Points में)
- उत्तर प्रदेश के CM योगी आदित्यनाथ ने अवैध विदेशियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
- सभी जिलों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करने का आदेश जारी।
- पुलिस व प्रशासन घर-घर सत्यापन और दस्तावेज़ों की कड़ी जांच करेंगे।
- प्रत्येक जिले में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएंगे, जहां सत्यापन पूरा होने तक विदेशियों को रखा जाएगा।
- फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक डेटा लेकर एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार किया जाएगा।
- जांच के बाद अवैध पाए गए लोगों को कानूनी प्रक्रिया के तहत मूल देश वापस भेजा जाएगा।
- सरकार ने कहा कि अभियान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बेहद जरूरी है।

अवैध विदेशियों की पहचान के लिए बड़े स्तर पर जांच
मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे अपने-अपने जिलों में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करें। इसके लिए घर-घर सत्यापन, किरायेदारों की जांच, दस्तावेज़ों की पड़ताल और संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। जिन लोगों के पास मान्य वीज़ा, पासपोर्ट या अन्य पहचान दस्तावेज़ नहीं होंगे, उन्हें तुरंत सूचीबद्ध किया जाएगा।
हर जिले में बनेगा अस्थायी डिटेंशन सेंटर
सरकार ने निर्देश दिया है कि प्रदेश के 75 जिलों में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएँ। यहां पहचाने गए अवैध विदेशियों को दस्तावेज़ों के सत्यापन पूरा होने तक रखा जाएगा। इन सेंटरों में सुरक्षा व्यवस्था, भोजन और मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।

फिंगरप्रिंट व रिकॉर्डिंग से बनेगा केंद्रीकृत डेटाबेस-पहचान किए गए अवैध विदेशियों के फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक डेटा एक केंद्रीकृत राज्य स्तर के डेटाबेस में सुरक्षित रखे जाएंगे।इससे भविष्य में उनकी आवाजाही पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी और दोबारा गलत जानकारी देकर दाख़िल होने की कोशिश को रोका जा सकेगा।
सख्त कानूनी कार्रवाई और देश वापसी की प्रक्रिया
जांच पूरी होने पर जिन विदेशियों को अवैध रूप से रह रहा पाया जाएगा, उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश वापस भेजा जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान में किसी तरह की कोताही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी का मानना है कि अवैध रूप से रह रहे लोग सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं और आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का जोखिम भी बढ़ता है।
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