पटना में ट्रिपल मर्डर से दहशत , भागते दो आरोपी को भीड़ ने मौत के घाट उतारा

राजधानी पटना में सोमवार शाम हुई एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। गोपालपुर थाना क्षेत्र के डोमनचक गांव में एक 75 वर्षीय बुजुर्ग व्यवसायी अशर्फी राय की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद भाग रहे दोनों हमलावरों को लोगों ने पकड़ लिया और गुस्साई भीड़ ने पीट-पीटकर दोनों को मार डाला। इस घटना में कुल तीन लोगों की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

कैसे हुई घटना?

जानकारी के अनुसार, घटना सोमवार शाम लगभग 4:30–5:00 बजे हुई। अशर्फी राय अपने घर के दरवाजे के पास बैठे हुए थे, तभी बाइक से आए दो अपराधियों ने उन पर अचानक गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोलियों की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े।

अपराधी हत्या करके बाइक से भागने लगे, लेकिन ग्रामीणों ने उनका पीछा किया और करीब एक किलोमीटर दूर भोगपुर इलाके में दोनों को पकड़ लिया। भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि दोनों अपराधियों को लाठी, पत्थर और डंडों से पीटा गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

गंभीर रूप से घायल अशर्फी राय को PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल) ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पटना

जमीन विवाद की आशंका

प्रारंभिक जांच में पुलिस को शक है कि हत्या करोड़ों रुपये के जमीन विवाद से जुड़ी हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह मामला लगभग 20 करोड़ की संपत्ति को लेकर चल रहे विवाद का परिणाम हो सकता है। पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और कहा है कि अभी किसी भी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाज़ी होगी।

पुलिस की कार्रवाई

  • घटना की जानकारी मिलते ही SP (ईस्ट), DSP और भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचे।
  • FSL (फॉरेंसिक टीम) ने दोनों स्थानों से सबूत जुटाए—गोलियों के खोखे, खून के नमूने, पत्थर और डंडे।
  • आसपास लगे CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।
  • मारे गए दोनों हमलावरों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और पुलिस उनकी शिनाख्त में जुटी है।
  • तीनों शवों को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।

इलाके में तनाव, पुलिस अलर्ट पर

घटना के बाद डोमनचक और आसपास के इलाकों में तनाव का माहौल है। पुलिस ने एहतियात के तौर पर अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि किसी भी तरह की और हिंसा न हो।

ग्रामीणों का कहना है कि अपराध बढ़ते जा रहे हैं और लोगों को सुरक्षा का भरोसा नहीं है, इसलिए गुस्सा भड़क गया। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून हाथ में लेना गलत है और भीड़ के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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