सीवान के रघुनाथपुर में हुई बड़ी ज्वेलरी लूट का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया सोना और हथियार बरामद कर लिया है। जानिए सीवान इस पूरे ऑपरेशन की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी। बिहार के सीवान (Siwan) जिले में अपराधियों के हौसले पस्त हो गए हैं। हाल ही में रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के टारी बाजार में दिनदहाड़े हुई बड़ी स्वर्ण लूट की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया था।
लेकिन, सीवान पुलिस ने अदम्य साहस और तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर न केवल इस कांड का खुलासा किया, बल्कि इसमें शामिल सभी 6 खूंखार अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस ने लूटा गया सोना, चांदी और घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिए हैं।
यह खबर कानून व्यवस्था पर भरोसा जगाने वाली है। आइए, विस्तार से जानते हैं कि पुलिस ने इस ‘मिशन इम्पॉसिबल’ को कैसे अंजाम दिया।

क्या थी पूरी घटना?
27 नवंबर की दोपहर, रघुनाथपुर का टारी बाजार अपनी सामान्य रफ्तार से चल रहा था। तभी 6 बाइक सवार नकाबपोश अपराधी कृष्णा ज्वेलर्स (Krishna Jewellers) नामक दुकान पर आ धमके। अपराधियों ने दुकान मालिक कृष्णा सोनी को बंदूक की नोक पर बंधक बना लिया और लाखों के जेवर लूट लिए।
दहशत फैलाने के लिए अपराधियों ने बाजार में सरेआम 10-12 राउंड फायरिंग भी की, जिससे पूरा इलाका थर्रा गया। वे गहनों को बोरों में भरकर फिल्मी स्टाइल में फरार हो गए थे।
पुलिस का ‘सुपर एक्शन’ प्लान
घटना की सूचना मिलते ही सीवान के एसपी (SP) मनोज कुमार तिवारी ने इसे चुनौती के रूप में लिया। उन्होंने तुरंत एक विशेष टीम (SIT) का गठन किया। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और सीसीटीवी फुटेज (CCTV Footage) के आधार पर अपराधियों की पहचान शुरू की।
• घेराबंदी: पुलिस ने जिले के सभी निकास रास्तों को सील कर दिया।
• छापेमारी: 24 घंटे लगातार चली छापेमारी के बाद पुलिस ने अपराधियों के ठिकाने का पता लगा लिया।
गिरफ्तारी और बरामदगी
पुलिस की दबिश काम आई और सभी 6 आरोपी दबोच लिए गए। पुलिस ने उनके पास से लूट का बड़ा जखीरा बरामद किया है:
• लूटे गए आभूषण: भारी मात्रा में सोने और चांदी के जेवर (जिसमें हार, चेन और अंगूठियां शामिल हैं)।
• हथियार: घटना में इस्तेमाल किए गए अवैध हथियार और कारतूस।
• वाहन: लूट के लिए इस्तेमाल की गई बाइकें।

क्यों की थी लूट?
पुलिस पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ। गिरफ्तार अपराधियों ने कबूला कि उन्होंने यह लूट अपने एक साथी, संजीत महतो, जो कि सीवान जेल में बंद है, की जमानत (Bail) के लिए पैसे जुटाने के मकसद से की थी। जेल से ही इस पूरी साजिश की पटकथा लिखी गई थी, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
आम जनता और व्यापारियों में खुशी की लहर
इस त्वरित कार्रवाई से सीवान के स्वर्ण व्यवसायियों ने राहत की सांस ली है। जहां एक तरफ अपराधी पुलिस को चुनौती दे रहे थे, वहीं पुलिस की इस जवाबी कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं। स्थानीय लोगों ने एसपी मनोज तिवारी और उनकी पूरी टीम की सराहना की है।
सीवान पुलिस की यह कामयाबी साबित करती है कि अगर प्रशासन ठान ले, तो अपराधी कहीं भी नहीं छिप सकते। यह घटना अन्य अपराधियों के लिए भी एक कड़ा संदेश है। बिहार पुलिस की इस सफलता पर आपकी क्या राय है? कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।
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