म्यूज़िक इंडस्ट्री में बदलाव : 75M स्पैम हटाकर Spotify अब बताएगा गाने में AI का कितना इस्तेमाल हुआ

कंपनी ने नए इंडस्ट्री स्टैंडर्ड और एडवांस्ड स्पैम फिल्टर लॉन्च किए, अब कलाकारों को करना होगा AI उपयोग का खुलासा और स्पैम अपलोडर्स पर लगेगी रोक, म्यूज़िक इंडस्ट्री इस समय बड़े बदलावों से गुजर रही है, और इसकी सबसे बड़ी वजह है आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)। गानों की कंपोज़िंग, प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोसेसिंग तक में AI का इस्तेमाल बढ़ता जा रहा है। लेकिन इसके साथ ही एक चुनौती भी सामने आई है—कंटेंट की पारदर्शिता और स्पैमिंग। इसी को देखते हुए Spotify ने अपने प्लेटफॉर्म पर AI transparency और music spam control के लिए नए कदम उठाए हैं।

AI Disclosure का नया स्टैंडर्ड

Spotify ने ऐलान किया है कि वह जल्द ही DDEX (Digital Data Exchange) द्वारा तैयार किए गए एक इंडस्ट्री-स्टैंडर्ड को अपनाने जा रहा है। इस नए सिस्टम के तहत कलाकार और लेबल्स यह बता सकेंगे कि उन्होंने अपने गाने में AI का किस तरह इस्तेमाल किया है।

अब तक सवाल सिर्फ यह होता था कि गाना AI-generated है या नहीं। लेकिन नया सिस्टम इसे और विस्तृत करेगा। उदाहरण के तौर पर:

  • क्या AI ने vocals तैयार किए?
  • क्या AI ने instruments compose किए?
  • क्या गाने के post-production (जैसे मिक्सिंग और मास्टरिंग) में AI का इस्तेमाल हुआ?

Spotify के Global Head of Marketing and Policy, Sam Duboff ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा: “हम जानते हैं कि AI का इस्तेमाल एक स्पेक्ट्रम की तरह होगा। आर्टिस्ट और प्रोड्यूसर अपने वर्कफ़्लो में अलग-अलग स्तर पर AI को शामिल करेंगे। इस नए स्टैंडर्ड से डिस्क्लोज़र और भी ज्यादा सटीक और स्पष्ट होंगे।” इसका मतलब है कि आने वाले समय में Spotify पर गाना सुनते वक्त यूज़र्स यह जान पाएंगे कि उस गाने में AI का रोल कितना और कहां तक था।

म्यूज़िक स्पैम पर सख्त कार्रवाई

Spotify ने म्यूज़िक स्पैम से निपटने के लिए एक एडवांस्ड म्यूज़िक स्पैम फिल्टर भी लॉन्च करने की घोषणा की है। कंपनी का कहना है कि हाल के सालों में लाखों ट्रैक्स ऐसे अपलोड हुए हैं जो सिर्फ सिस्टम को “game” करने के लिए बनाए गए थे।

स्पैम गानों के प्रमुख रूप

  1. Mass Uploads – एक ही अपलोडर द्वारा बड़ी संख्या में एक जैसे गाने डालना।
  2. Duplicate Tracks – पहले से मौजूद गानों की कॉपी को नए नाम से अपलोड करना।
  3. SEO Manipulation – गानों के नाम या मेटाडेटा को इस तरह डालना जिससे वे सर्च रिज़ल्ट्स में गलत तरीके से ऊपर आएं।
  4. Artificially Short Songs – बहुत छोटे-छोटे गाने बनाना ताकि सिर्फ रॉयल्टी कलेक्ट की जा सके।

Spotify का नया सिस्टम ऐसे अपलोडर्स की पहचान करेगा और उनके गानों को algorithmic recommendations से हटा देगा। यानी ये ट्रैक्स Spotify की playlists, search या radio suggestions में नहीं दिखेंगे। हालांकि, इन्हें पूरी तरह डिलीट नहीं किया जाएगा। यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि genuine independent creators प्रभावित न हों।

Spotify

75 मिलियन स्पैम ट्रैक्स हटाए गए

Spotify ने बताया कि सिर्फ पिछले एक साल में ही उसने 75 मिलियन से ज्यादा स्पैमmy ट्रैक्स प्लेटफॉर्म से हटाए हैं। यह आंकड़ा दिखाता है कि म्यूज़िक स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री में स्पैम कितना बड़ा मुद्दा बन चुका है। Billboard की रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्रवाई Spotify की नई AI Music Policies का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य है:

  • असली कलाकारों और ओरिजिनल कंटेंट को प्राथमिकता देना
  • Royalty manipulation को रोकना
  • यूज़र्स को बेहतर लिसनिंग एक्सपीरियंस देना

इंडस्ट्री पर असर

Spotify के इन कदमों को सिर्फ एक प्लेटफॉर्म पॉलिसी अपडेट नहीं, बल्कि पूरे म्यूज़िक इंडस्ट्री के लिए बड़ा मोड़ माना जा रहा है।

  • कलाकारों के लिए : अब उन्हें अपने गानों में AI का इस्तेमाल साफ-साफ डिस्क्लोज़ करना होगा।
  • लिसनर्स के लिए : उन्हें यह समझने में आसानी होगी कि उनका पसंदीदा गाना कितना human-made है और कितना AI-influenced।
  • इंडस्ट्री के लिए : पारदर्शिता से भरोसा बढ़ेगा और स्पैम हटने से असली टैलेंट को मौके मिलेंगे।

क्यों ज़रूरी था यह कदम?

AI-generated म्यूज़िक की वजह से कई बार असली कलाकारों के हक मारे जा रहे थे। उदाहरण के लिए, छोटे-छोटे AI गाने बनाकर royalties लेना या duplicate uploads से सिस्टम को manipulate करना। इससे genuine artists की earnings और visibility पर असर पड़ रहा था। साथ ही, कई listeners शिकायत कर रहे थे कि Spotify पर बार-बार repetitive या low-quality content सामने आ रहा है। ऐसे में transparency और spam control दोनों ही अनिवार्य थे।

आगे की दिशा

  • Spotify ने कहा है कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में |
  • AI डिस्क्लोज़र टैग्स गानों पर साफ़ दिखाई देंगे।
  • Spam filters और भी स्मार्ट बनेंगे।
  • Creators को AI usage से जुड़ी स्पष्ट guidelines दी जाएंगी।

Spotify का यह कदम म्यूज़िक इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण turning point साबित हो सकता है। AI-generated म्यूज़िक अब रुकने वाला नहीं है, लेकिन Spotify जैसी कंपनियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि यह ट्रेंड creativity को empower करे, न कि exploit। पारदर्शिता से listeners का भरोसा बढ़ेगा और स्पैम कंट्रोल से असली artists को spotlight मिलेगी। यह साफ है कि आने वाले समय में म्यूज़िक इंडस्ट्री “AI vs Human” से आगे बढ़कर “AI + Human collaboration” के नए दौर में कदम रख रही है।

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