बिहार के सारण (छपरा) जिले के मशरख थाना क्षेत्र में एक बार फिर तेज रफ्तार का खौफनाक मंजर देखने को मिला। शुक्रवार, 6 फरवरी 2026 की सुबह सिउरी (शिवरी) गांव में एक अनियंत्रित ट्रैक्टर ने 12 वर्षीय मासूम बच्चे, अभिमन्यु कुमार को अपनी चपेट में ले लिया। यह हादसा उस वक्त हुआ जब बच्चा अपने घर से खुश होकर बाल कटवाने के लिए निकला था। लेकिन उसे क्या पता था कि गांव की ही सड़क पर मौत उसका इंतजार कर रही है। ट्रैक्टर की टक्कर इतनी जोरदार थी कि मासूम की साइकिल के परखच्चे उड़ गए और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
बाल कटवाने जा रहा था मासूम, रास्ते में मिली मौत
मृतक अभिमन्यु कुमार, स्वर्गीय मंगरू राम का इकलौता पुत्र था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अभिमन्यु शुक्रवार सुबह अपनी साइकिल से शिवरी मोड़ की ओर जा रहा था। तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उसे सीधी टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि ट्रैक्टर चालक बेहद लापरवाही से वाहन चला रहा था। टक्कर लगने के बाद मासूम सड़क पर गिरकर तड़पने लगा। आनन-फानन में ग्रामीणों की मदद से उसे मशरख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।
वहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान अभिमन्यु ने दम तोड़ दिया।

इकलौते चिराग की बुझने से परिवार में कोहराम
अभिमन्यु की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया। मां इन्दु कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता की मौत के बाद अभिमन्यु ही अपनी मां की उम्मीदों का एकमात्र सहारा था। वह चौथी कक्षा का छात्र था और पढ़ाई में काफी होनहार था। इन्दु कुमारी बार-बार एक ही बात कह रही थी, “अब मेरा कौन सहारा बनेगा?” गांव की महिलाओं ने बताया कि यह परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी और दुखों से जूझ रहा था, और अब इस हादसे ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
पुलिस की कार्रवाई: ट्रैक्टर जब्त, चालक सनोज की तलाश जारी
हादसे के बाद मशरख थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर दुर्घटनाग्रस्त ट्रैक्टर को अपने कब्जे में ले लिया है। जांच में सामने आया है कि ट्रैक्टर मुन्नी लाल राय के बेटे सनोज कुमार द्वारा चलाया जा रहा था। हादसे के तुरंत बाद चालक मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए छपरा सदर अस्पताल भेज दिया है और फरार चालक की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के खिलाफ उचित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीणों का आक्रोश: “नाबालिग और बिना लाइसेंस के ड्राइवर बन रहे काल”
इस घटना ने स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष पैदा कर दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि मशरख और आसपास के इलाकों में अवैध रूप से ट्रैक्टरों का संचालन हो रहा है। कई बार देखा जाता है कि कम उम्र के लड़के (नाबालिग) बिना किसी वैध ड्राइविंग लाइसेंस के इन भारी वाहनों को मुख्य सड़कों पर दौड़ाते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण सड़कों पर स्पीड ब्रेकर लगाए जाएं और ओवरस्पीडिंग करने वाले ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए।
बिहार में सड़क सुरक्षा पर उठते बड़े सवाल
यह छपरा ट्रैक्टर हादसा एक बार फिर बिहार में खराब सड़क सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। आंकड़ों की मानें तो सारण जिले में पिछले कुछ महीनों में ट्रैक्टरों से होने वाले हादसों में इजाफा हुआ है। प्रशासन की ढिलाई और यातायात नियमों की अनदेखी मासूमों की जान पर भारी पड़ रही है। क्या प्रशासन अब जागेगा या फिर किसी और मासूम के लहू से सड़क लाल होने का इंतजार किया जाएगा?