महाप्रसादम की वापसी : अब तिरुपति के लड्डुओं की जांच होगी ‘हाई-टेक’, क्वालिटी के लिए TTD ने उठाए 5 सख्त कदम!

तिरुपति

तिरुपति बालाजी का प्रसाद यानी ‘लड्डू’ (Tirupati Laddu) सिर्फ एक मिठाई नहीं, करोड़ों भक्तों की आस्था है। लेकिन पिछले दिनों हुई मिलावट की खबरों ने हम सभी को झकझोर कर रख दिया था। क्या आपके मन में भी सवाल था कि अब प्रसाद कितना शुद्ध है?

तो अब खुश हो जाइए! तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने प्रसादम की पवित्रता लौटाने के लिए अब तक के सबसे सख्त कदम उठाए हैं। अब भगवान के भोग में रत्ती भर भी मिलावट की गुंजाइश नहीं होगी। आइए जानते हैं क्या हैं ये नए और कड़े नियम।

क्या है नया फैसला?

हाल ही में हुए विवादों के बाद, TTD प्रशासन ने तय किया है कि लड्डू प्रसादम की गुणवत्ता (Quality Check) से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए मंदिर प्रशासन ने FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) के साथ मिलकर एक वर्ल्ड-क्लास टेस्टिंग लैब मंदिर परिसर के अंदर ही स्थापित करने का फैसला किया है।

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अब घी की एक-एक बूंद और काजू-किशमिश का एक-एक दाना लैब टेस्ट पास करने के बाद ही ‘पोटु’ (मंदिर की रसोई) में प्रवेश करेगा |

शुद्धता की गारंटी के लिए 5 बड़े बदलाव

प्रसादम की पुरानी महिमा लौटाने के लिए TTD ने ये 5 ऐतिहासिक फैसले लिए हैं:

  • जर्मन मशीनों से निगरानी: प्रसादम बनाने वाली रसोई में अब अत्याधुनिक जर्मन मशीनें लगाई जा रही हैं। ये मशीनें ऑटोमैटिक तरीके से सामग्री को स्कैन करेंगी और अगर किसी चीज में हल्की सी भी गड़बड़ मिली, तो उसे तुरंत रिजेक्ट कर देंगी।
  • इन-हाउस लैब (In-House Lab): पहले सैंपल बाहर की लैब्स में भेजे जाते थे, जिसमें वक्त लगता था। अब मंदिर का अपना लैब होगा, जहाँ FSSAI के एक्सपर्ट्स की निगरानी में 24×7 टेस्टिंग होगी।
  • घी की ‘डीएनए’ जांच: सबसे ज्यादा विवाद घी को लेकर था। अब शुद्ध देसी गाय के घी (Cow Ghee) की सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए ‘एडवांस्ड एडल्ट्रेशन टेस्टिंग’ (Advanced Adulteration Testing) होगी, जो किसी भी तरह की वनस्पति या जानवरों की चर्बी की मिलावट पकड़ लेगी।
  • ब्लैकलिस्ट हुए पुराने सप्लायर्स: जिन कंपनियों ने पहले मिलावटी घी सप्लाई किया था, उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। अब सप्लाई का टेंडर सिर्फ उन डेयरियों को मिलेगा जो कड़ी शर्तों पर खरी उतरेंगी।
  • सीबीआई (CBI) की नजर: मामले की गंभीरता को देखते हुए पुराने घोटालों की जांच सीबीआई (CBI) की SIT कर रही है, जिससे नए सप्लायर्स और अधिकारियों में डर बना रहे और वे गलती करने की सोचें भी नहीं।

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भक्तों के लिए क्या बदला?

TTD के नए एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (EO) ने भरोसा दिलाया है कि भक्तों को अब वही पुराना ‘दिव्य स्वाद’ (Divine Taste) मिलेगा। प्रसादम की शेल्फ-लाइफ (खराब न होने की अवधि) भी बढ़ेगी और शुद्धता की 100% गारंटी होगी।

आस्था के साथ खिलवाड़ अब इतिहास बन चुका है। TTD के ये सख्त कदम बताते हैं कि भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों की भावनाओं का सम्मान सर्वोपरि है। अगली बार जब आप तिरुपति जाएं और हाथ में वह पवित्र लड्डू लें, तो निश्चिंत होकर ग्रहण करें—क्योंकि वह अब पूरी तरह शुद्ध है।

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