दौसा सड़क हादसा 10 फरवरी 2026: राजस्थान के दौसा जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को सन्नाटे में डुबो दिया। नेशनल हाईवे-21 पर सिकंदरा थाना क्षेत्र के कैलाई गांव के पास मंगलवार रात को एक स्विफ्ट डिजायर कार और ट्रेलर की जबरदस्त टक्कर हो गई, जिसमें 6 युवा दोस्तों की मौके पर ही मौत हो गई। यह हादसा इतना भयावह था कि कार के परखच्चे उड़ गए और हाईवे पर लंबा जाम लग गया। तेज रफ्तार और अंधेरे में लापरवाही ने इन युवाओं का पूरा परिवार उजाड़ दिया।

दौसा NH-21 हादसे का पूरा विवरण: कैसे हुई अनियंत्रित कार की ट्रेलर से भिड़ंत?
घटना मंगलवार देर रात की है जब आभानेरी के रानी का बास गांव से शादी समारोह में शामिल होने के बाद 6 युवक अपनी स्विफ्ट डिजायर कार से कालाखोह गांव की ओर लौट रहे थे। सिकंदरा थाना इलाके के कैलाई गांव के पास अचानक कार अनियंत्रित हो गई। चालक की लापरवाही से कार डिवाइडर से टकराई और उछलकर दूसरी लेन में जा गिरी, जहां सामने से आ रहे एक भारी ट्रेलर से जोरदार ठोकर हुई।
टक्कर इतनी तेज थी कि कार पूरी तरह चूरन हो गई। मृतकों में लोकेश (पुत्र गोवर्धन योगी), दिलखुश (पुत्र बनवारी योगी), मनीष (पुत्र हरिमोहन योगी), अंकित (पुत्र लालाराम बैरवा), समय (पुत्र रामसिंह योगी) और नवीन (पुत्र महेश योगी) शामिल हैं, सभी कालाखोह गांव के निवासी। चारों को सिकंदरा अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि दो गंभीर घायलों को दौसा जिला अस्पताल और फिर जयपुर रेफर किया गया, लेकिन नवीन की वहां भी मौत हो गई।
राजस्थान सड़क हादसे में मृतकों के परिवार पर शोक की चादर: दोस्ती की आखिरी सैर बनी काल
ये 6 युवक बचपन से एक-दूसरे के दोस्त थे और शादी समारोह में खूब धूम मचाई थी। खुशियों के इस सफर पर अचानक मौत का काला साया आ गया। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। लोकेश के पिता गोवर्धन योगी ने बताया कि बेटा शादी से लौटते ही घर की जिम्मेदारी संभालने वाला था। इसी तरह, नवीन जयपुर के अस्पताल में अंतिम सांस लेते हुए मां का नाम ले रहा था। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि NH-21 पर कैलाई के पास डिवाइडर की हालत खराब है और रात में खराब लाइटिंग के कारण हादसे आम हैं। पुलिस ने ट्रेलर चालक के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए।

दौसा कार ट्रेलर दुर्घटना के कारण: तेज रफ्तार, अंधेरा और सड़क की खराब स्थिति
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने तेज रफ्तार को मुख्य कारण बताया। कार डिवाइडर क्रॉस कर ट्रेलर से टकराई, जो सिकंदरा से दौसा की ओर जा रहा था। हाईवे पर ट्रैफिक जाम के कारण घंटों तक आवागमन ठप रहा। ASI हेमराज गुर्जर ने पुष्टि की कि सभी मृतक कालाखोह के थे और शादी से लौट रहे थे। डॉ. विनोद मीणा, दौसा अस्पताल प्रभारी ने 6 मौतों की पुष्टि की। विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में NH-21 पर प्रतिवर्ष सैकड़ों हादसे होते हैं, जिनमें 70% तेज गति से होते हैं। सड़क पर खुरदरी सतह और बिना बत्ती के डिवाइडर ने हालात और बदतर किए।
राजस्थान NH-21 सड़क सुरक्षा उपाय: भविष्य के हादसों से कैसे बचें?
इस दौसा हादसे ने सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल खड़े कर दिए। NHAI को तत्काल डिवाइडर मरम्मत, LED लाइटिंग और स्पीड कैमरे लगाने चाहिए। ड्राइवरों को रात में धीमी गति अपनानी चाहिए। सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए सहायता राशि की घोषणा की। ग्रामीणों ने हाईवे पर पटरी ब्लॉक कर विरोध जताया। यह घटना पूरे राजस्थान के लिए है। क्या NH-21 अब सुरक्षित होगा?