सहरसा हत्याकांड: जमीन विवाद में विवाहिता रौशनी कुमारी की गला रेत हत्या, पति की जान बमुश्किल बची

जमीन विवाद

बिहार के सहरसा जिले में एक बार फिर जमीन विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया है। 20-21 मार्च 2026 की देर रात सलखुआ थाना क्षेत्र के गौरदह पंचायत अंतर्गत ओरेली भलेवा गांव में 25 वर्षीय विवाहिता रौशनी कुमारी की चाकू से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई। हमलावर घर में घुस आए और सोते समय रौशनी पर धारदार हथियार से वार किया, जबकि उसके पति ने छत पर चढ़कर कूदकर अपनी जान बचाई। यह घटना पूरे इलाके में सनसनी फैला रही है और पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। सहरसा पुलिस के अनुसार, यह हत्या 15 दिन पुरानी जमीन रंजिश से जुड़ी हुई लग रही है, जहां पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी थी।

घटना की पूरी समयरेखा: रात का काला अध्याय

घटना उस समय घटी जब पूरा गांव नींद में था। रौशनी कुमारी और उनके पति घर में सो रहे थे। अचानक 2-3 संदिग्ध लोग घर में घुसे और सीधे रौशनी पर हमला बोल दिया। चीख-पुकार सुनकर पति जागे और पीछे के दरवाजे से छत पर चढ़ गए। हमलावरों ने हवाई फायरिंग भी की, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पति ने किसी तरह मुख्य सड़क पर पहुंचकर ग्रामीणों को जगाया। सुबह होते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। सहरसा एसपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज और फिंगरप्रिंट्स से सुराग ढूंढे जा रहे हैं। जमीन विवाद में बिहार के ऐसे कई केस देखे गए हैं, लेकिन इसकी क्रूरता ने सबको झकझोर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि आरोपी पड़ोस के ही हैं और पुरानी दुश्मनी निपटाने आए थे।

जमीन विवाद

जमीन विवाद की जड़ें: बिहार में बढ़ती खूनी जंगें

यह हत्या बिहार में भूमि विवाद की बढ़ती प्रवृत्ति को उजागर करती है। सहरसा जैसे ग्रामीण इलाकों में जमीन की रसीद, बंटवारा और अवैध कब्जे आम समस्या हैं। पिछले साल बिहार में 500 से ज्यादा जमीन विवादित हत्याएं दर्ज हुईं, जिनमें सहरसा टॉप जिलों में शुमार है। विशेषज्ञों के अनुसार, भूमि सुधार अभियान के बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में खामियां और माफिया का दखल असली वजह हैं। रौशनी के परिवार ने बताया कि 15 दिन पहले पड़ोसियों से जमीन पर झगड़ा हुआ था, जिसकी शिकायत थाने में की गई थी। हमलावरों ने उसी रंजिश को खत्म करने की कोशिश की। स्थानीय विधायक ने मामले को विधानसभा में उठाने का ऐलान किया है। यह घटना बिहार सरकार के लिए चुनौती बन गई है, जहां नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के बीच अपराध रोकथाम पर सवाल उठ रहे हैं।

परिवार और गांव पर असर: दहशत का माहौल

रौशनी दो बच्चों की मां थीं और परिवार खेती पर निर्भर था। पति घायल हैं और सदमे में हैं। गांव में महिलाएं डर रही हैं, रात में दरवाजे बंद रखने का चलन बढ़ गया। ग्रामीणों ने पुलिस से तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। एनजीओ ने परिवार को सहायता देने का वादा किया। सोशल मीडिया पर #JusticeForRoshni ट्रेंड कर रहा है, जहां हजारों लोग न्याय की मांग कर रहे। सहरसा प्रशासन ने गांव में पुलिस पिकेट लगाने का फैसला लिया। यह केस बिहार क्राइम की काली तस्वीर पेश करता है।

जमीन विवाद
सहरसा हत्याकांड

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई: न्याय की उम्मीद

सलखुआ पुलिस ने 4 संदिग्धों के नाम नोट कर लिए हैं। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और खोखे बरामद किए। एसआईटी गठित हो गई है। डीजीपी ने कहा कि 48 घंटे में आरोपी पकड़े जाएंगे। बिहार में ऐसे मामलों में सख्त कानून लागू करने की मांग तेज हो गई। यह हत्याकांड न सिर्फ सहरसा बल्कि पूरे बिहार के लिए सबक है।

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वैशाली: सोनपुर में अनियंत्रित CNG ऑटो ने वार्ड सदस्य को कुचला, इलाज के दौरान मौत; इलाके में भारी तनाव

सोनपुर

बिहार के वैशाली जिले के सोनपुर से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है। यहाँ एक अनियंत्रित सीएनजी (CNG) ऑटो की टक्कर से वार्ड सदस्य प्रेम कुमार की मौत हो गई है। यह घटना उस वक्त हुई जब प्रेम कुमार अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। इस घटना के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है, वहीं आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और दोषी चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर घंटों सड़क जाम रखा।

सोनपुर
अनियंत्रित सीएनजी (CNG) ऑटो की टक्कर

घटना का विवरण: कैसे हुआ हादसा?

यह भीषण सड़क हादसा सोनपुर थाना क्षेत्र के दुधैला बाईपास के पास घटित हुआ। जानकारी के अनुसार, शाहपुरा दियारा पंचायत के वार्ड संख्या-11 के सदस्य प्रेम कुमार (32 वर्ष) शनिवार की शाम गौला बाजार से अपना काम निपटाकर घर लौट रहे थे। इसी दौरान नयागांव की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार और अनियंत्रित CNG टेंपो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि प्रेम कुमार अपनी बाइक समेत सड़क किनारे गहरे गड्ढे में जा गिरे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, लेकिन मौका पाकर ऑटो चालक वाहन छोड़कर फरार होने में कामयाब रहा।

अस्पताल में तोड़ा दम, परिवार में मचा कोहराम

दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से गंभीर रूप से घायल प्रेम कुमार को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें पटना रेफर कर दिया। पटना के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद जब प्रेम कुमार का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुँचा, तो परिजनों के चीत्कार से पूरा माहौल गमगीन हो गया। मृतक अपने पीछे पत्नी और तीन छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं, जिनके सिर से अब पिता का साया उठ चुका है।

ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: NH-19 पर लगाया भीषण जाम

वार्ड पार्षद की मौत की खबर मिलते ही ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। सोमवार को आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने दुधैला बाईपास के पास शव को सड़क पर रखकर NH-19 को पूरी तरह जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर टायर जलाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों की मांग थी कि पीड़ित परिवार को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए और फरार ऑटो चालक को अविलंब गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। सड़क जाम होने के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

सोनपुर
अनियंत्रित सीएनजी (CNG) ऑटो की टक्कर

पुलिस की कार्रवाई और वर्तमान स्थिति

घटना की सूचना मिलते ही सोनपुर थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को काफी देर तक समझाया और आश्वासन दिया कि प्रशासन नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया पूरी करेगा। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल CNG ऑटो को जब्त कर लिया है और वाहन नंबर के आधार पर फरार चालक की तलाश में छापेमारी कर रही है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के आधार पर बहुत जल्द दोषी को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।

मृतक प्रेम कुमार: केवल जनप्रतिनिधि ही नहीं, एक कर्मठ व्यक्ति भी थे

स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रेम कुमार केवल एक वार्ड सदस्य ही नहीं थे, बल्कि वे समाज सेवा में हमेशा अग्रणी रहते थे। वे पटना में एक डॉक्टर के यहाँ भी काम करते थे ताकि अपने परिवार का भरण-पोषण कर सकें। उनकी मिलनसार छवि के कारण पूरे सोनपुर और शाहपुरा दियारा क्षेत्र में उनकी एक अलग पहचान थी।

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