बिहार राज्य फसल सहायता योजना 2025-26: प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए आवेदन शुरू, जानें अंतिम तिथि और प्रक्रिया

बिहार

बिहार के किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। राज्य सरकार ने रबी 2025-26 के तहत प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। ‘बिहार राज्य फसल सहायता योजना’ के माध्यम से ओलावृष्टि, बेमौसम बारिश और पाले जैसी समस्याओं से फसल गंवाने वाले किसानों को अब सीधे आर्थिक मुआवजा दिया जाएगा। सहकारिता विभाग ने इसके लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिसकी अंतिम तिथियां भी घोषित हो चुकी हैं।

फसल सहायता योजना 2025-26

फसल के अनुसार आवेदन की समय सीमा (डेडलाइन)

सरकार ने अलग-अलग फसलों के लिए आवेदन की अलग-अलग समय सीमा तय की है, ताकि किसानों को पर्याप्त समय मिल सके। आज की तारीख (22 जनवरी 2026) के लिहाज से, कुछ फसलों के लिए समय कम बचा है:

• राई, सरसों, आलू और रबी टमाटर: इन फसलों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अगले एक हफ्ते में आवेदन जरूर कर लें।

• चना, मसूर और रबी प्याज: इन फसलों के किसान 15 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

• गेहूं, रबी मक्का और ईख (गन्ना): सबसे मुख्य फसलों के लिए अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 रखी गई है।

• रबी अरहर, बैंगन, मिर्च और गोभी: इन सब्जियों और दालों के लिए किसान 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर पाएंगे।

कितना मिलेगा मुआवजा?

इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को जोखिम से बचाना है। मुआवजे की राशि नुकसान के प्रतिशत के आधार पर तय की गई है:

• 20% तक की हानि पर: ₹7,500 प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता दी जाएगी।

• 20% से अधिक की हानि पर: ₹10,000 प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा मिलेगा।

एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर तक की फसल के लिए लाभ उठा सकता है। यह राशि सीधे डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से किसान के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

पात्रता और जरूरी दस्तावेज

इस योजना का लाभ बिहार के रैयत (अपनी भूमि वाले) और गैर-रैयत (बटाईदार) दोनों तरह के किसान ले सकते हैं। आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:

• अद्यतन भू-स्वामित्व प्रमाण पत्र (31 मार्च 2025 तक वैध)।

• आधार कार्ड और बैंक पासबुक।

• स्व-घोषणा पत्र (बटाईदार किसानों के लिए अनिवार्य)।

• बुआई क्षेत्र का विवरण और जियो-टैग्ड फोटो।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक किसान बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल dbtbihar.gov.in या esahkari.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। यदि किसी किसान को ऑनलाइन आवेदन में परेशानी हो रही है, तो वे अपने संबंधित प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी (BCS) से मदद ले सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन के बाद फसल कटाई प्रयोग (CCE) के जरिए वास्तविक उपज की कमी की जांच की जाएगी, जिसके आधार पर भुगतान 31 जुलाई 2026 तक कर दिया जाएगा।

फसल सहायता योजना 2025-26

चुनौतियां और किसानों के लिए सुझाव

यह योजना बिहार की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए संजीवनी के समान है। हालांकि, पिछले अनुभवों को देखें तो आधार कार्ड और भूमि रिकॉर्ड में विसंगति के कारण कई किसान लाभ से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करते समय अपने दस्तावेजों की अच्छे से जांच कर लें। सरकार का लक्ष्य इस वर्ष 85% से अधिक प्रभावित किसानों को कवर करने का है, ताकि नीतीश सरकार की ‘किसान-प्रथम’ नीति को सफल बनाया जा सके।

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