चंडीगढ़ शूटआउट: सेक्टर-26 में पैरी की हत्या, लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली जिम्मेदारी; गैंगवार की ‘खुली जंग’ शुरू

लॉरेंस बिश्नोई

सिटी ब्यूटीफुल में दहशत का माहौल सोमवार की शाम चंडीगढ़ का व्यस्त सेक्टर-26 स्थित टिंबर मार्केट उस वक्त गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा, लॉरेंस बिश्नोई जब कुख्यात गैंगस्टर इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी की फिल्मी अंदाज़ में कार के भीतर ही गोली मारकर हत्या कर दी गई। यह सनसनीखेज वारदात ट्राइसिटी (चंडीगढ़-मोहाली-पंचकुला) के अंडरवर्ल्ड में एक बड़े भूचाल का संकेत दे रही है, क्योंकि कुछ ही देर बाद, सोशल मीडिया पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े एक हैंडल ने इस हत्या की खुले तौर पर जिम्मेदारी लेते हुए इसे ‘गद्दारी का अंजाम’ बताया।

टिंबर मार्केट में ‘फिल्मी’ स्टाइल में हमला

  • यह घातक हमला सोमवार शाम करीब 6.30 बजे हुआ। 30-35 वर्षीय पैरी अपनी सफेद Kia कार में सवार होकर सेक्टर-33 स्थित अपने घर लौट रहा था। पुलिस और चश्मदीदों के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने का तरीका बेहद शातिर था:
  • कार के अंदर फायरिंग: सबसे पहले, एक शूटर जो संभवतः पैरी के साथ ही कार में बैठा था, उसने अंदर से फायरिंग की।
  • घातक हमला: इसके तुरंत बाद, पीछे से तेज रफ्तार में आई एक सफेद Hyundai Creta कार ने पैरी की कार को ओवरटेक किया। इस Creta में सवार 3-4 हमलावरों ने पैरी की कार पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दीं।
  • 11 राउंड फायरिंग: आशंका है कि हमलावरों ने Kia कार पर कम से कम 6 राउंड तक गोलियां बरसाईं, जबकि कुल 10 से 11 राउंड फायर किए गए होंगे।
  • गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल पैरी को तुरंत स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से PGI ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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लॉरेंस गैंग का कबूलनामा: ‘गद्दारी का अंजाम’

  • इस हाई-प्रोफाइल शूटआउट को लॉरेंस बिश्नोई गैंग द्वारा सोशल मीडिया पर कबूल किया जाना, इस मामले को एक नई और खतरनाक दिशा देता है।
  • सोशल मीडिया पोस्ट: वारदात के कुछ ही देर बाद, “Hari Boxer Aarzoo Bishnoi” नामक फेसबुक आईडी और अन्य संबंधित हैंडल्स से एक पोस्ट जारी की गई।
  • दवा की वजह: पोस्ट में साफ तौर पर लिखा गया कि सेक्टर-26 में पैरी की हत्या उन्होंने ही की है, क्योंकि पैरी ने लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से “दगा” (विश्वासघात) किया था।
  • प्रतिद्वंद्वी गिरोह से हाथ: गिरोह का आरोप है कि पैरी हाल ही में कनाडा में बैठे गोल्डी बराड़ (Goldy Brar) और अन्य प्रतिद्वंद्वी गिरोहों के लिए चंडीगढ़ के क्लबों और शराब कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा था।
  • पुरानी रंजिश: पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि पैरी का हाथ उनके पुराने साथी “सिप्पा” की हत्या में भी था।

पोस्ट में क्लब मालिकों और ‘बुकी’ (सट्टा कारोबारियों) को चेतावनी देते हुए खुले तौर पर कहा गया है कि जो कोई भी प्रतिद्वंद्वी गिरोह का साथ देगा, उसे देश या विदेश में कहीं भी छोड़ा नहीं जाएगा—जो ट्राइसिटी में एक नई और खुली गैंगवार का स्पष्ट संकेत है। पुलिस फिलहाल इस सोशल मीडिया पोस्ट की सत्यता की जांच कर रही है।

📜 इंदरप्रीत सिंह उर्फ पैरी: आपराधिक इतिहास

  • पैरी का नाम लगभग एक दशक से चंडीगढ़ और पंजाब पुलिस की आपराधिक फाइलों में दर्ज है।
  • मामले: उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, जबरन वसूली (रंगदारी) और अवैध हथियारों से संबंधित दर्जन भर से अधिक मामले दर्ज थे।
  • गैंग से जुड़ाव: 2011 में सेक्टर-40 की एक वारदात में लॉरेंस बिश्नोई के साथ नाम आने के बाद वह इस कुख्यात गिरोह का हिस्सा बन गया था। वह बार-बार गिरफ्तार होकर जमानत पर छूटता रहा।
  • निजी जीवन: हाल ही में पैरी की शादी हुई थी और वह कुछ मामलों में ट्रायल का सामना कर रहा था, जब उस पर यह जानलेवा हमला हुआ।
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पुलिस जांच और सुरक्षा व्यवस्था

  • चंडीगढ़ के आईजी पुष्पेंद्र कुमार ने मीडिया को बताया है कि यह मामला ‘प्रथम गैंगवार का और आंतरिक’ लग रहा है।
  • जांच: पुलिस ने हमलावरों की पहचान के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। इसके अलावा, फॉरेंसिक एविडेंस जुटाए जा रहे हैं और पैरी की कॉल डिटेल्स भी चेक की जा रही हैं।
  • फरार हमलावर: हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद तेजी से हरियाणा की ओर भाग निकले। उनकी धरपकड़ के लिए स्पेशल टीमें बनाई गई हैं और पंजाब-हरियाणा पुलिस से भी संपर्क साधा जा रहा है।
  • यह शूटआउट “सिटी ब्यूटीफुल” चंडीगढ़ में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है और दिखाता है कि अंडरवर्ल्ड की सक्रियता कितनी बढ़ चुकी है।

क्या आपको लगता है कि इस घटना के बाद ट्राइसिटी में गैंगवार और बढ़ेगी? नीचे कमेंट करके अपनी राय बताएं।

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लॉरेंस बिश्नोई का भाई अनमोल पकड़ा गया! बाबा सिद्दीकी मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई

लॉरेंस बिश्नोई

कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से निर्वासित (Deport) किए जाने के बाद NIA ने दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया, और वह बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित था। गुरुवार को निर्वासन की प्रक्रिया पूरी होने पर जब उसे दिल्ली लाया गया, उसी समय NIA की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया। अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे 11 दिन की NIA हिरासत में भेज दिया गया।

अनमोल बिश्नोई पिछले कई महीनों से अमेरिका में छिपा हुआ था, जहां भारतीय जांच एजेंसियों ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ मिलकर उसे ट्रैक किया और आखिरकार पकड़ने में सफलता हासिल की। अमेरिकी अधिकारियों ने भारत सरकार के अनुरोध पर उसे वापस भेजा, जिसके बाद उसे दिल्ली लाया गया।

12 अक्टूबर 2024 को मुंबई के बांद्रा इलाके में हुए बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि अनमोल बिश्नोई ने ही इस हत्या की साजिश रचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और उसने ही शूटर्स को निर्देश देकर हत्या की योजना को अंजाम देने के लिए सुपरवाइज किया। कई सूत्रों ने बताया कि जमीनी स्तर पर सक्रिय व्यक्ति अनमोल ही था।

लॉरेंस बिश्नोई

NIA का कहना है कि अनमोल के पास इस केस से जुड़ी कई अहम जानकारियां हैं, जिन्हें पूछताछ के दौरान सामने लाया जाएगा—जैसे हत्या की योजना कैसे बनी, किन लोगों ने मदद की, और गैंग के कौन-कौन से सदस्य इसमें शामिल रहे।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग को देश के सबसे खतरनाक आपराधिक संगठनों में से एक माना जाता है, और इसके सदस्य भारत और विदेश दोनों जगह सक्रिय हैं। अनमोल को इस गैंग का प्रमुख ऑपरेटर माना जाता है और उस पर हत्या, धमकी और संगठित अपराध जैसे कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अनमोल की गिरफ्तारी को एक बड़ी सफलता बताया है, क्योंकि इससे न केवल बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच को मजबूती मिलेगी बल्कि बिश्नोई गैंग के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को भी कमजोर करने में मदद मिलेगी। आने वाले दिनों में NIA की पूछताछ से कई अहम खुलासों की उम्मीद की जा रही है।

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