ब्रेकिंग न्यूज़: 16 साल बाद ‘किंग कोहली’ की वापसी! विराट कोहली ने विजय हज़ारे ट्रॉफी में खेलने की दी सहमति, फैंस उत्साहित!

किंग कोहली

भारतीय क्रिकेट के ‘किंग कोहली‘ और दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक विराट कोहली ने अपने फैंस को एक बड़ी खुशखबरी दी है। 15 साल के लंबे अंतराल के बाद, किंग कोहली ने प्रतिष्ठित घरेलू एकदिवसीय टूर्नामेंट विजय हज़ारे ट्रॉफी (Vijay Hazare Trophy) में खेलने की सहमति दे दी है। यह खबर ऐसे समय में आई है जब उनका ध्यान मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर केंद्रित था, जिसने इस फैसले को और भी खास बना दिया है।

आखिरी बार कब खेले थे कोहली?

विराट कोहली ने आखिरी बार साल 2010 में विजय हज़ारे ट्रॉफी में हिस्सा लिया था। इसके बाद, उनका करियर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इतनी तेजी से बढ़ा कि उन्हें भारतीय टीम के बिजी शेड्यूल के चलते इस घरेलू टूर्नामेंट से दूरी बनानी पड़ी। 16 साल बाद उनकी वापसी न केवल टूर्नामेंट की चमक बढ़ाएगी, बल्कि युवा खिलाड़ियों को उनके साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का एक अमूल्य मौका भी देगी।

किंग कोहली

किस टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे ‘रन मशीन’?

विराट कोहली हमेशा की तरह अपनी घरेलू टीम दिल्ली (Delhi) का प्रतिनिधित्व करेंगे। वह टीम के मेंटर और प्रेरणास्रोत की भूमिका निभाएंगे, जिससे दिल्ली की टीम का मनोबल आसमान छू लेगा। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता से टीम को नॉकआउट चरणों तक पहुंचने में मदद मिलेगी, खासकर तब जब कई प्रमुख खिलाड़ी राष्ट्रीय ड्यूटी या अन्य असाइनमेंट के कारण उपलब्ध नहीं होते।

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बावजूद घरेलू क्रिकेट में क्यों आए कोहली?

  1. कोहली का यह कदम कई कारणों से महत्वपूर्ण है और क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है:
    फ़ॉर्म की तैयारी: अगले बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट या टेस्ट सीरीज़ से पहले खुद को वनडे फॉर्मेट (50-over format) के लिए पूरी तरह से तैयार करना। घरेलू मैचों में खेलना उन्हें मैच-प्रैक्टिस और अपनी फिटनेस का आकलन करने का अवसर देगा।
  2. युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन: दिल्ली टीम के युवा और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के लिए कोहली का ड्रेसिंग रूम में होना एक ‘मास्टरक्लास’ से कम नहीं होगा। उनकी उपस्थिति से खिलाड़ियों को दबाव में बेहतर प्रदर्शन करने की कला सीखने को मिलेगी।
  3. घरेलू क्रिकेट को बढ़ावा: एक लीजेंड के रूप में उनका यह फैसला घरेलू क्रिकेट की महत्ता को दर्शाता है और अन्य बड़े खिलाड़ियों को भी इसमें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित कर सकता है।

फैंस की प्रतिक्रिया

इस खबर के सामने आते ही सोशल मीडिया पर फैंस का उत्साह चरम पर है। #ViratKohli और #VijayHazareTrophy जैसे हैशटैग टॉप ट्रेंड कर रहे हैं। फैंस का मानना है कि किंग कोहली की वापसी से इस टूर्नामेंट का रोमांच कई गुना बढ़ जाएगा।

किंग कोहली

आपके लिए क्या मायने रखती है यह खबर ?

यह न केवल क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर है, बल्कि उन युवा खिलाड़ियों के लिए भी एक प्रेरणा है जो कोहली को खेलते हुए देखना चाहते हैं।

  • विजय हज़ारे ट्रॉफी 2025-26 में दिल्ली के मैचों को अब पहले से कहीं अधिक दर्शक मिलेंगे।
  • कोहली के बल्ले से निकलने वाली हर पारी और उनके द्वारा दिए गए हर मार्गदर्शन पर पूरे देश की नज़र होगी।क्या

आप उत्साहित हैं? कमेंट में बताएं कि आप विजय हज़ारे ट्रॉफी में विराट कोहली को किस पोजीशन पर बल्लेबाजी करते देखना चाहेंगे!

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विराट कोहली का रिकॉर्ड टूटा – इस महिला बल्लेबाज़ ने सबसे तेज़ 5000 वनडे रन बनाकर किया असंभव को संभव

विराट कोहली

12 अक्टूबर 2025 को, भारत-ऑस्ट्रेलिया महिला विश्व कप मुकाबले में स्मृति मंधाना ने अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी छलाँग लगाई। विशाखापत्तनम में 80 रन की शानदार पारी के साथ उन्होंने सिर्फ 112 पारियों में 5000 वनडे रन पूरे कर लिए — और इस क्रम में विराट कोहली के 114 पारियों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।  यह उपलब्धि महिला क्रिकेट के लिए मात्र एक आंकड़ा नहीं, बल्कि बदलाव का प्रतीक बन गई है।

रिकॉर्ड्स का सफर:

मंधाना ने इस मैच तक अपने वनडे करियर में 13 शतक और 33 अर्धशतक दर्ज किए थे, औसत अंदाज़ से 47.37 के आसपास रहा था।  खास बात यह है कि इस क्रम में वह महिला या पुरुष, किसी भी भारतीय बल्लेबाज़ से सबसे तेज़ (112 पारियाँ) 5000-रन क्लब में आईं।

विराट कोहली

साथ ही उन्होंने इस ही वर्ष में एक और इतिहास रचते हुए, एक कैलेंडर वर्ष के भीतर 1000 ODI रन का विश्व रिकॉर्ड भी स्थापित किया।

महिला क्रिकेट का नया युग

मंधाना का ये सफर सिर्फ व्यक्तिगत नहीं — यह पूरे महिला क्रिकेट की दिशा-दर्शक कहानी है। अब महिला क्रिकेट सिर्फ ‘साइडलाइन स्पोर्ट’ नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर प्रतिस्पर्धा करने वाला मुख्यधारा का हिस्सा बनती नजर आ रही है। देश ने अब देखा है कि मैदान में जांबाज़ी, आंकड़े और छाप महिला खिलाड़ियों में भी उतनी ही गहरी हो सकती है।

उन्होंने कहा: “यह रिकॉर्ड सिर्फ मेरा नहीं, हर उस लड़की का है जो मेहनत, जुनून और हौसले के साथ मैदान पर उतरती है।”

आगे क्या? लक्ष्य और आशाएँ

अब सवाल यह नहीं है कि मंधाना ने क्या किया — बल्कि यह है कि वो अब 6000, 7000 रन के अगले लक्ष्य की ओर कैसे बढ़ेंगी। भारत की महिला टीम के लिए यह समय है कि इस मोमेंटम को बनाए रखें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पकड़ और मज़बूत करें। क्रिकेट बिरादरी, फैंस और मीडिया ने मंधाना की इस कामयाबी को जोरदार सलामी दी है — क्योंकि यह सिर्फ एक बल्लेबाज़ का रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय खेल संस्कृति में बदलाव का मील का पत्थर है।

स्मृति मंधाना ने 12 अक्टूबर 2025 को सिर्फ एक आंकड़ा पूरा नहीं किया — उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर महिला खिलाड़ियों की आवाज़ को और ऊँचा रखा। यह पल गर्व का है, प्रेरणा का है, और आने वाले समय की उम्मीद का है। हर बार जब रणजीवी पिच पर बल्ला खेले, मंधाना का ये सफर याद आएगा — “हार्ड वर्क + टैलेंट = हिस्ट्री।”

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