क्या आप या आपके परिवार में कोई बिहार सरकार का कर्मचारी है? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। बिहार सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों की सहूलियत और सिस्टम में पारदर्शिता लाने के लिए छुट्टी के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। 1 जुलाई 2026 से छुट्टी लेने का पुराना तरीका पूरी तरह से बंद हो गया है।
आइए एकदम आम बोलचाल की भाषा में समझते हैं कि आखिर क्या-क्या बदला है, और अब आपको अपनी छुट्टियां कैसे मंजूर करवानी होंगी।
अब भूल जाइए कागज वाली छुट्टी!
पहले क्या होता था कि किसी भी कर्मचारी को छुट्टी चाहिए होती थी, तो उसे एक सादे कागज पर एप्लीकेशन लिखकर अपने बॉस या दफ्तर में देनी पड़ती थी। कई बार तो लोग अपने अधिकारियों को फोन करके या व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर भी छुट्टी ले लिया करते थे।
लेकिन अब 1 जुलाई से यह सब बिल्कुल बंद हो गया है। सरकार ने साफ आदेश दे दिया है कि अब कोई भी ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अगर आप व्हाट्सएप पर भी मैसेज करते हैं, तो उसे छुट्टी नहीं माना जाएगा और आपकी हाजिरी कट सकती है।
आखिर सरकार ने यह नया सिस्टम क्यों लागू किया?
पुराने सिस्टम में सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि कर्मचारियों का ‘लीव बैलेंस’ (यानी उनकी कितनी छुट्टियां बची हैं) समय पर अपडेट ही नहीं हो पाता था। इससे कर्मचारियों और दफ्तर के अधिकारियों, दोनों को काफी उलझन होती थी।
इस झंझट को खत्म करने के लिए सरकार ने ‘मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली’ (HRMS) पोर्टल को अनिवार्य कर दिया है। इससे पूरी प्रक्रिया एकदम पारदर्शी हो जाएगी और भाई-भतीजावाद भी खत्म होगा। अब कर्मचारियों को रियल-टाइम में पता चल सकेगा कि उनकी छुट्टी मंजूर हुई या नहीं।
3 आसान स्टेप्स में ऑनलाइन कैसे लें छुट्टी?
नई व्यवस्था के तहत अब आपको सिर्फ अपने मोबाइल या कंप्यूटर से सारा काम करना है। यह प्रोसेस बहुत ही आसान है:
- पहला कदम: आपको बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल hrms.bihar.gov.in पर जाना होगा।
- दूसरा कदम: वहां अपने ‘एम्प्लॉई आईडी’ और पासवर्ड की मदद से लॉग-इन करें।
- तीसरा कदम: ‘लीव मैनेजमेंट’ वाले सेक्शन में जाएँ। वहां आप अपना लीव बैलेंस चेक कर सकते हैं। आपको किस तरह की छुट्टी चाहिए, तारीख और कारण डालकर फॉर्म सबमिट कर दें।
फॉर्म भरते ही यह सीधा आपके दफ्तर के एडमिन या अधिकारी (DDO) के पास ऑनलाइन पहुँच जाएगा, और वहीं से मंजूर होगा।
कौन-कौन सी छुट्टियां मिलेंगी इस पोर्टल पर?
आपके मन में सवाल होगा कि क्या सारी छुट्टियां ऑनलाइन मिलेंगी? इसका जवाब है- हाँ। चाहे आपको एक दिन की कैजुअल लीव (CL) चाहिए, बीमार होने पर मेडिकल लीव (ML) लेनी हो, या फिर महीनों की मैटरनिटी लीव, सबका फॉर्म यहीं से भरा जाएगा। यहाँ तक कि अगर आपको बिना वेतन के छुट्टी चाहिए, तो उसका भी पूरा हिसाब इसी सिस्टम पर रखा जाएगा।
बिना अधिकारी की मंजूरी के नहीं होगा कोई बदलाव
एक और बड़ी बात जो आपको ध्यान रखनी है, वो यह है कि बिना आपके अधिकारी की ऑनलाइन मंजूरी के, न तो कोई छुट्टी पास होगी और न ही उसे रद्द माना जाएगा।
मान लीजिए आपने छुट्टी के लिए अप्लाई किया, लेकिन बाद में आपका जाने का प्लान कैंसिल हो गया। तो आपको अपनी छुट्टी वापस लेने या कैंसिल करने की रिक्वेस्ट भी इसी पोर्टल के जरिए ही भेजनी होगी। अधिकारी उसे ऑनलाइन कैंसिल करेगा, तभी आपकी छुट्टियां वापस आपके अकाउंट में जुड़ेंगी।

मोबाइल ऐप के जरिए भी है सुविधा
अगर आपके पास हर समय कंप्यूटर या लैपटॉप नहीं होता है, तो घबराने की कोई बात नहीं है। बिहार सरकार ने ‘HRMS Bihar’ नाम से एक शानदार मोबाइल ऐप भी बना रखा है, जिसे आप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।
इस मोबाइल ऐप में आपको छुट्टियां लेने के साथ-साथ अपनी सैलरी स्लिप देखने, सर्विस बुक चेक करने और छुट्टियों का स्टेटस ट्रैक करने जैसी कई बेहतरीन सुविधाएं मिल जाती हैं। अब सच में आपका पूरा दफ्तर आपकी उंगलियों पर आ गया है।
Apnivani की बात
कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार सरकार का यह डिजिटल कदम काफी शानदार है। इससे लाखों कर्मचारियों को बार-बार दफ्तर के चक्कर काटने और अपनी ही छुट्टी के लिए अधिकारियों के आगे-पीछे घूमने से मुक्ति मिलेगी। सब कुछ ऑनलाइन और पारदर्शी होने से अब आपका काम सिर्फ कुछ ही मिनटों में हो जाएगा।