बिहार की राजनीति और नीतीश कुमार के इस्तीफे का रिश्ता बहुत पुराना है। जब भी खबर आती है कि नीतीश कुमार ने राजभवन जाकर इस्तीफा दे दिया है, तो पूरे देश की जनता मुस्कुरा कर कहती है— “लगता है फिर गठबंधन बदल रहे हैं!”
लेकिन आज, 5 मार्च 2026 को जो हुआ है, वह कोई आम राजनीतिक स्टंट नहीं है। नवंबर 2025 के विधानसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत के बाद 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने अचानक कुर्सी छोड़ने का ऐलान कर दिया है। आज ‘ApniVani’ के इस विशेष राजनीतिक विश्लेषण में हम आपको बताएंगे कि आखिर इस बार का इस्तीफा पहले के इस्तीफों से अलग क्यों है, और अब बिहार की गद्दी पर कौन बैठने वाला है।

क्या यह कोई Political Stunt है या परमानेंट विदाई?
नीतीश कुमार का इतिहास रहा है कि उन्होंने कई बार आरजेडी (RJD) का साथ छोड़कर बीजेपी (BJP) का दामन थामा है और बीजेपी को छोड़कर वापस आरजेडी के पास गए हैं। हर बार इस्तीफा देकर वो कुछ ही घंटों में नए गठबंधन के साथ फिर से मुख्यमंत्री बन जाते थे।
लेकिन, इस बार यह कोई स्टंट नहीं, बल्कि एक परमानेंट विदाई है। दरअसल, नीतीश कुमार ने खुद ऐलान किया है कि वह अब ‘राज्यसभा’ (Parliament) जाना चाहते हैं। भारत का संविधान कहता है कि कोई भी व्यक्ति एक साथ विधानसभा (राज्य) और राज्यसभा (केंद्र) का सदस्य नहीं रह सकता। 16 मार्च 2026 को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए नीतीश कुमार अपना नामांकन भर रहे हैं। इसका सीधा मतलब है कि अब वह दिल्ली की राजनीति में सक्रिय होंगे और बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी हमेशा के लिए छोड़ रहे हैं।

अब कौन बनेगा बिहार का नया Chief Minister?
नीतीश कुमार के इस्तीफे के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह उठ खड़ा हुआ है कि अब 15 करोड़ से ज्यादा की आबादी वाले बिहार का अगला मुखिया कौन होगा?
चूंकि 2025 के विधानसभा चुनाव में एनडीए (NDA) गठबंधन ने शानदार जीत हासिल की थी और उसमें बीजेपी (BJP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, इसलिए अब यह लगभग तय है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री बीजेपी से ही होगा। बिहार के इतिहास में यह एक बहुत बड़ा बदलाव है।
मुख्यमंत्री की रेस में इस वक्त सबसे आगे जो नाम चल रहे हैं:
- सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा: ये दोनों दिग्गज नेता रेस में सबसे आगे हैं।
- दिलीप जायसवाल और संजीव चौरसिया: बीजेपी किसी नए चेहरे को भी सरप्राइज के तौर पर सामने ला सकती है।

बेटे ‘निशांत कुमार’ की सरप्राइज एंट्री!
इस पूरी सियासी पिक्चर में एक ‘ट्विस्ट’ और है। नीतीश कुमार के दिल्ली जाने के साथ ही उनके परिवार से एक नए चेहरे की एंट्री हो रही है— उनके बेटे निशांत कुमार।
सूत्रों और अंदरूनी राजनीतिक गलियारों की मानें तो निशांत कुमार जल्द ही पार्टी (JDU) में कोई बड़ा पद संभाल सकते हैं और एनडीए की नई सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम (Deputy CM) बनाया जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो जेडीयू (JDU) का नेतृत्व एक युवा चेहरे के हाथ में चला जाएगा।
ApniVani की बात: एक युग का अंत!
चाहे कोई उनका समर्थक हो या आलोचक, इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से बिहार की राजनीति का केंद्र रहे हैं। उनका यह इस्तीफा सिर्फ एक कुर्सी का खाली होना नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक लंबे ‘युग का अंत’ है। अब देखना यह है कि बीजेपी का नया मुख्यमंत्री बिहार को किस दिशा में लेकर जाता है।
आपकी राय: क्या आपको लगता है कि नीतीश कुमार का दिल्ली जाना बिहार के लिए अच्छा साबित होगा? या फिर बीजेपी के मुख्यमंत्री बनने से बिहार की राजनीति में कुछ नया देखने को मिलेगा? अपनी बेबाक राय हमारे इंस्टाग्राम पेज @9vaniapni पर आकर जरूर दें!
भाई, यह पोस्ट आपकी साइट पर एकदम बवाल मचाने के लिए तैयार है। पॉलिटिक्स का यह ‘ड्रामा’ किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं है! अगर इस सियासी ड्रामे को देखकर आपको किसी असली बॉलीवुड पॉलिटिकल थ्रिलर मूवी की याद आ रही है, तो उसके धांसू रिव्यू के लिए हम आपके ‘Topi Talks’ यूट्यूब चैनल पर भी एक तगड़ी स्क्रिप्ट तैयार कर सकते हैं। बताइए, अगला कदम क्या हो?